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कुदरती गुणों से भरपूर है महादेव को चढ़ने वाला बेलपत्र, जानिए इसके सेवन के फायदे
सभी जानते है कि भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का बहुत महत्व रखता है। आयुर्वेद में बेल के पत्ते का उपयोग कई दवाइयों को बनाने में किया जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि बेलपत्रों को आप पेड़ से तोड़कर 6 महीनें तक रख सकते है। ये ज्यों के त्यों बने रहते हैं और इसके अंदर मौजूद औषधीय गुण कम नहीं होते हैं। इसके अलावा स्कंद पुराण में भी देवी पार्वती को अपने सभी रुपों में बेलवृक्ष में निवास करने के लिए कहा गया है, जिसके वजह से इसकी पवित्रता बढ़ जाती है।
बेल का पत्ता या बेलपत्र अपच, गैस की समस्या, नपुंसकता, दमा रोग, एसिडिटी, कृमि नाशक, ज्वर, त्रिदोष (वात, पित और कफ) विकार आदि को दूर करने में सहायक होता है। इसलिए आज हम भी आपको बेल के पत्ते के फायदे बताने जा रहे हैं-

जोड़ों में दर्द
जोड़ों का दर्द होने पर बेल के पत्ते गर्म करके दर्द वाली जगह बांधने से सूजन व दर्द में राहत मिलती है।

बुखार आ जाएं
जब कभी आपको बुखार या ज्वर आ जाए तो बेल की पत्तियों को 1 से 2 गिलास पानी में अच्छे से पकाकर काढ़ा बना लें और फिर इस काढ़े को पी जाएं।

छाले हो जाते है खत्म
अगर किसी कारण से गर्मी की वजह से आपके मुंह में छाले हो जाएं तो बेल की ताजी पत्तियां मुंह में रखकर चबा लेनी चाहिए। ऐसे करने से छाले मुंह में खत्म हो जाती है।

ब्लड सर्कुलेशन बढाएं
बेलपत्र को दिल के रोगियों के लिए भी बहुत ही खास औषधि माना जाता है। इसके काढ़े को पहने से ब्लड सर्कुलेशन प्रॉपर रहता है। अच्छे ब्लड सकुलेशन से दिल की सेहत तंदरुस्त रहती है। ऐसे में हार्ट अटैक का खतरा कम रहता है।

दस्त होने पर
बच्चों में दस्त की समस्या होने पर एक चम्मच बेल पत्र का रस पिलाना चाहिए जिससे उन्हें तुरंत आराम मिलता है।

हेयरफॉल को रोके
बेल पत्र का जूस बनाकर पीने से या इसकी पत्ती को खाने से हेयर फॉल की समस्या दूर होती। बाल में चमक पैदा होती और बाल घने भी होते हैं। अगर चेहरे पर व्हाइट स्पॉट या कोई धब्बा है तो इसे भी बेल पत्र ठीक कर देता है।
बवासीर की समस्या को ठीक करें
बेल की जड़ का गूदा पीसकर उसमें बराबर मात्रा में मिश्री मिलाकर उसका चूर्ण बनाकर, इस चूर्ण को रोज सुबह-शाम ठंडे पानी के साथ खा लें। अगर बवासीर का दर्द बहुत अधिक है तो दिन में तीन से चार बार इस मिश्रण का सेवन करें।



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