Latest Updates
-
Restaurant Style Egg Masala Gravy Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसा चटपटा अंडा मसाला -
International Yoga Day 2026: नाभि खिसकने पर करें ये 4 योगासन, मिलेगा तुरंत आराम -
कब से शुरू हो रहे हैं श्राद्ध? जानें तिथि, धार्मिक महत्व और पितरों के तर्पण की सही विधि -
जुलाई 2026 में कितने दिन बंद रहेंगे बैंक? यहां देखें स्टेट वाइज छुट्टियों की लिस्ट -
Restaurant Secret Amritsari Kulcha Recipe: घर पर बनाएं बाजार जैसा कुरकुरा कुलचा -
Father's Day 2026: पापा को स्पेशल फील कराने के लिए बेस्ट हैं ये शॉर्ट स्पीच और कविताएं, जो छू लेंगी दिल -
निर्जला एकादशी व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं? जान लें क्या कहते हैं शास्त्र और नियम -
इन 5 बीमारियों में भूलकर भी न खाएं काजू, स्वाद के चक्कर में बढ़ सकता है मर्ज -
UP Style Vegetable Pulao Tehri Recipe: घर पर बनाएं यूपी का मशहूर स्वाद -
Father's Day Sanskrit Wishes: पिता स्वर्गः पिता धर्मः, फादर्स डे पर संस्कृत संदेशों से जताएं प्यार और सम्मान
सीने में जलन या झनझनाहट को ना करें हार्टबर्न समझने की गलती , हो सकते है हार्ट अटैक के संकेत
पिछले कुछ समय से हार्ट अटैक से होने वाली मौत के मामले बढ़ते जा रहे हैं। अक्सर लोग सीने में होने वाली जलन या झनझनाहट को हार्टबर्न समझने की गलती कर देते हैं, जो की हार्ट अटैक के संकेत भी हो सकते हैं। ऐसे में कई बार व्यक्ति इलाज में देरी कर देता है जिसकी उसे भारी कीमत चुकानी पड़ जाती है। हार्ट अटैक और हार्टबर्न दोनों ही स्थिति में सीने में जलन और झनझनाहट होना सामान्य लक्षण होता है जिसकी वजह से व्यक्ति कंफ्यूज हो जाता है कि यह हार्ट अटैक है या हार्टबर्न।
इसलिए जरूरत है दोनों के बीच के अंतर को जानने के लिए दोनों के लक्षणों को बारीकी से समझने की। दोनों ही स्थिति में लापरवाही ना करें और समय पर डॉक्टर से संपर्क करें।

क्या है हार्ट अटैक
हार्ट अटैक कोरोनरी धमनियों में खून की रुकावट से होने वाली बीमारी है। कोरोनरी धमनियां दिल की मांसपेशियों तक पर्याप्त ऑक्सिजनेटेड ब्लड पहुंचाने का काम करती है जिससे हार्ट को ऑक्सीजन और एनर्जी मिलती है और वह अपना काम करता है। लेकिन जब हार्ट को पर्याप्त ब्लड ना पहुंच पाए तब ऐसी स्थिति में हार्ट अक आ जाता है। जिससे दिल की धड़कन रुक जाती है इसे कार्डियक अरेस्ट कहते हैं।

क्या होते हैं हार्ट अटैक के लक्षण-
हार्ट अटैक का सबसे सामान्य लक्षण है सीने में दर्द और झनझनाहट होना। साथ ही सीने में दबाव, जकड़न और भारीपन होना। यह दर्द आता- जाता रहता है, जो कुछ मिनटों से ज्यादा भी हो सकता है। सभी हार्ट अटैक के लक्षण एक जैसे नहीं होते, यह लक्षण हल्के या गंभीर हो सकते है।

अन्य लक्षण-
1. सांस लेने में तकलीफ
2. बेहोशी
3. थकान महसूस होना
4. बाहों, गर्दन, जबड़े या पीठ के ऊपरी हिस्सों में दर्द होना
5. अत्यधिक पसीना आना और ठंड लगना
6. उल्टी आना और चक्कर आना

जाने क्या होता है हार्टबर्न-
हार्टबर्न सीने में जलन है जो एसिड रिफ्लेक्स के कारण होती है। पेट में पाया जाने वाला हाइड्रोक्लोरिक एसिड खाने को पचाने में मदद करता है। लेकिन कुछ कारणों से जब इस एसिड की मात्रा बढ़ने लगती है तब ओसोफेगस की मांसपेशियां इसे टैकल नहीं कर पाती। जिससे खाना वापस फूड पाइप या भोजन नली में आने
लगता है और ओसोफेगस में इस एसिड की वजह से जलन शुरू हो जाती है। चूंकि ओसोफेगस हार्ट के ठीक पीछे होता है जिसके कारण सीने में दर्द और झनझनाहट महसूस होने लगती है।
ऐसे पहचाने दोनों के अंतर को-
* हार्टबर्न या सीने में जलन आमतौर पर भारी खाना खा लेने से और उसके तुरंत बाद सोने पर होती है। वही हार्ट अटैक किसी भी समय हो सकता है।
* हार्टबर्न में सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण महसूस नहीं होते वही हार्ट अटैक में पेट में सूजन या डकार जैसे लक्षण दिखाई नहीं देते।
* एसिड कम करने वाली दवा से हार्टबर्न से होने वाले दर्द और जलन से राहत मिल जाती है।
हार्ट अटैक से बचाव-
* हार्ट अटैक के संकेतों को लेकर अलर्ट रहे- हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज ना करें अगर सीने में जकड़न और सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
* एक्सरसाइज को करें डेली रूटीन में शामिल- एक अच्छी लाइफ स्टाइल हार्ट अटैक के चांसेस को काफी हद तक कम कर सकती है। अपनी दिनचर्या में एक्सरसाइज और वॉक को शामिल करें।
* खाने में ले हेल्थी डाइट- अपने भोजन में हरी सब्जियों और फलों को शामिल करें। ऑयली और फेट युक्त खाने से बचें यह कोलेस्ट्रोल लेवल को बढ़ाता है।
* स्मोकिंग को कहे "ना"- अगर आप स्मोकिंग के शौकीन है तो आज ही इससे क्विट कर ले। सिगरेट में पाए जाने वाले केमिकल्स ब्लड वेसेल्स के लिए बेहद नुकसानदेह है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट-
कार्डियोलॉजीस्ट एंड कंसल्टेंट् डॉ सुनील द्विवेदी का कहना है हाइपरटेंशन, डायबिटीज, स्मोकिंग, ओबेसिटी और फैमिली हिस्ट्री बढ़ते हार्ड अटैक के मामलों की वजह है। यह रिस्क मेटाबॉलिक सिंड्रोम की वजह से ज्यादा बढ़ जाता है। आपको बता दें मेटाबॉलिक सिंड्रोम ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा और कोलेस्ट्रॉल के
कॉन्बिनेशन को कहते हैं। हार्ट अटैक के रिस्क को कम करने के लिए समय-समय पर हेल्थ चेकअप करवाएं।हेल्दी लाइफ़स्टाइल अपनाएं और समय पर मेडिकेशन ले।



Click it and Unblock the Notifications