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सीने में जलन या झनझनाहट को ना करें हार्टबर्न समझने की गलती , हो सकते है हार्ट अटैक के संकेत
पिछले कुछ समय से हार्ट अटैक से होने वाली मौत के मामले बढ़ते जा रहे हैं। अक्सर लोग सीने में होने वाली जलन या झनझनाहट को हार्टबर्न समझने की गलती कर देते हैं, जो की हार्ट अटैक के संकेत भी हो सकते हैं। ऐसे में कई बार व्यक्ति इलाज में देरी कर देता है जिसकी उसे भारी कीमत चुकानी पड़ जाती है। हार्ट अटैक और हार्टबर्न दोनों ही स्थिति में सीने में जलन और झनझनाहट होना सामान्य लक्षण होता है जिसकी वजह से व्यक्ति कंफ्यूज हो जाता है कि यह हार्ट अटैक है या हार्टबर्न।
इसलिए जरूरत है दोनों के बीच के अंतर को जानने के लिए दोनों के लक्षणों को बारीकी से समझने की। दोनों ही स्थिति में लापरवाही ना करें और समय पर डॉक्टर से संपर्क करें।

क्या है हार्ट अटैक
हार्ट अटैक कोरोनरी धमनियों में खून की रुकावट से होने वाली बीमारी है। कोरोनरी धमनियां दिल की मांसपेशियों तक पर्याप्त ऑक्सिजनेटेड ब्लड पहुंचाने का काम करती है जिससे हार्ट को ऑक्सीजन और एनर्जी मिलती है और वह अपना काम करता है। लेकिन जब हार्ट को पर्याप्त ब्लड ना पहुंच पाए तब ऐसी स्थिति में हार्ट अक आ जाता है। जिससे दिल की धड़कन रुक जाती है इसे कार्डियक अरेस्ट कहते हैं।

क्या होते हैं हार्ट अटैक के लक्षण-
हार्ट अटैक का सबसे सामान्य लक्षण है सीने में दर्द और झनझनाहट होना। साथ ही सीने में दबाव, जकड़न और भारीपन होना। यह दर्द आता- जाता रहता है, जो कुछ मिनटों से ज्यादा भी हो सकता है। सभी हार्ट अटैक के लक्षण एक जैसे नहीं होते, यह लक्षण हल्के या गंभीर हो सकते है।

अन्य लक्षण-
1. सांस लेने में तकलीफ
2. बेहोशी
3. थकान महसूस होना
4. बाहों, गर्दन, जबड़े या पीठ के ऊपरी हिस्सों में दर्द होना
5. अत्यधिक पसीना आना और ठंड लगना
6. उल्टी आना और चक्कर आना

जाने क्या होता है हार्टबर्न-
हार्टबर्न सीने में जलन है जो एसिड रिफ्लेक्स के कारण होती है। पेट में पाया जाने वाला हाइड्रोक्लोरिक एसिड खाने को पचाने में मदद करता है। लेकिन कुछ कारणों से जब इस एसिड की मात्रा बढ़ने लगती है तब ओसोफेगस की मांसपेशियां इसे टैकल नहीं कर पाती। जिससे खाना वापस फूड पाइप या भोजन नली में आने
लगता है और ओसोफेगस में इस एसिड की वजह से जलन शुरू हो जाती है। चूंकि ओसोफेगस हार्ट के ठीक पीछे होता है जिसके कारण सीने में दर्द और झनझनाहट महसूस होने लगती है।
ऐसे पहचाने दोनों के अंतर को-
* हार्टबर्न या सीने में जलन आमतौर पर भारी खाना खा लेने से और उसके तुरंत बाद सोने पर होती है। वही हार्ट अटैक किसी भी समय हो सकता है।
* हार्टबर्न में सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण महसूस नहीं होते वही हार्ट अटैक में पेट में सूजन या डकार जैसे लक्षण दिखाई नहीं देते।
* एसिड कम करने वाली दवा से हार्टबर्न से होने वाले दर्द और जलन से राहत मिल जाती है।
हार्ट अटैक से बचाव-
* हार्ट अटैक के संकेतों को लेकर अलर्ट रहे- हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज ना करें अगर सीने में जकड़न और सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
* एक्सरसाइज को करें डेली रूटीन में शामिल- एक अच्छी लाइफ स्टाइल हार्ट अटैक के चांसेस को काफी हद तक कम कर सकती है। अपनी दिनचर्या में एक्सरसाइज और वॉक को शामिल करें।
* खाने में ले हेल्थी डाइट- अपने भोजन में हरी सब्जियों और फलों को शामिल करें। ऑयली और फेट युक्त खाने से बचें यह कोलेस्ट्रोल लेवल को बढ़ाता है।
* स्मोकिंग को कहे "ना"- अगर आप स्मोकिंग के शौकीन है तो आज ही इससे क्विट कर ले। सिगरेट में पाए जाने वाले केमिकल्स ब्लड वेसेल्स के लिए बेहद नुकसानदेह है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट-
कार्डियोलॉजीस्ट एंड कंसल्टेंट् डॉ सुनील द्विवेदी का कहना है हाइपरटेंशन, डायबिटीज, स्मोकिंग, ओबेसिटी और फैमिली हिस्ट्री बढ़ते हार्ड अटैक के मामलों की वजह है। यह रिस्क मेटाबॉलिक सिंड्रोम की वजह से ज्यादा बढ़ जाता है। आपको बता दें मेटाबॉलिक सिंड्रोम ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, मोटापा और कोलेस्ट्रॉल के
कॉन्बिनेशन को कहते हैं। हार्ट अटैक के रिस्क को कम करने के लिए समय-समय पर हेल्थ चेकअप करवाएं।हेल्दी लाइफ़स्टाइल अपनाएं और समय पर मेडिकेशन ले।



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