Latest Updates
-
क्या 1876 जैसी तबाही फिर होगी? 150 साल बाद लौट सकता है विनाशकारी अल नीनो! सूखा और अकाल का खतरा -
बरसात में भूलकर भी न खाएं ये 10 सब्जियां, वरना शरीर बन सकता है बीमारियों का घर -
अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कौन-सा तरीका है सबसे सुरक्षित? एक्सपर्ट से जानें पूरी जानकारी -
World Population Day 2026 Quotes: 'आबादी पर लगाम, तरक्की को सलाम', इन कोट्स व स्लोगन से फैलाएं जागरूकता -
अमिताभ बच्चन बने पॉलिसीबाजार के ब्रांड एंबेसडर, शुरू हुआ भारत का सबसे बड़ा इंश्योरेंस जागरुकता अभियान -
बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी ये दवाएं, अल्कोहल की मात्रा को लेकर सरकार ने लागू किया कड़ा नियम -
World Population Day 2026: 11 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है जनसंख्या दिवस? जानिए इतिहास-महत्व और थीम -
Corona Alert: फिर लौट रहा कोरोना? आंध्र प्रदेश में 2 मौतें, 4 नए केस से बढ़ी चिंता -
बारिश में बनाएं क्रिस्पी मूंग दाल के पकौड़े और हरे धनिए-पुदीने की चटनी, नोट कर लें आसान रेसिपी -
योगिनी एकादशी की शुभकामनाएं संस्कृत में भेजें, देवभाषा के इन मंत्रों और सूक्तियों से अपनों का दिन बनाएं मंगलमय
Omicron subvariant BQ 1 : दिवाली से पहले पुणे में मिला खतरनाक ओमिक्रॉन सबवेरिएंट
गुजरात में BF.7 सबवेरिएंट का पता लगाने के तुरंत बाद ही पुणे में भी एक और Omicron सबवेरिएंट, BQ.1 का पता लगा है। नये जीनोम सक्सेशन के दौरान साइंटिस्ट्स ने पुणे के नमूने में BQ.1 का पता लगाने की पुष्टि की है, इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में बीक्यू.1 का ये पहला मामला है। कुछ विशेषज्ञ आने वाले सर्दियों के मौसम में इसमें बढोत्तरी की भविष्यवाणी कर रहे हैं, खासकर त्योहारों के माहौल में। ओमिक्रॉन सबवेरिएंट बीए.2.75 के मामलों का रेश्यो 95 से घटकर 76 फीसदी हो गया है। इस बीच, राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी कि लोगों को फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। और ऐसे मामले में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके साथ ही कोविड- को लेकर बचाव के तरीकों का पालन करना चाहिए।

ओमिक्रॉन के बीक्यू.1 सबवेरिएंट
17 अक्टूबर को, भारत ने पुणे के एक मरीज के नमूने में ओमिक्रॉन के बीक्यू.1 सबवेरिएंट के अपने पहले मामले का पता लगाया। रिपोर्ट के अनुसार, BQ.1 BA.5 का वंशज है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) में 60 प्रतिशत कोविड मामलों के पीछे है।

BF.7 सबवेरिएंट सभी अगली पीढ़ी के स्ट्रेन
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) के एक वैज्ञानिक ने कहा, BF.7 सबवेरिएंट सभी अगली पीढ़ी के स्ट्रेन हैं या SARS-CoV-2 के ओमिक्रॉन वैरिएंट की संतान हैं। इस साल जनवरी में ओमिक्रॉन के उभरने के बाद से, वायरस का पूरी तरह से नया वेरिएंट नहीं देखा है। हालांकि, इन सबवेरिएंट्स, जिन्हें सबलाइनेज कहा जाता है, में भी बढ़ने की क्षमता रखते हैं, इसलिए उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। कहा, ओमिक्रॉन के बीए.2 वेरिएंट की बीए.2.75 सबलाइन भारत पर हावी है।
महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, XBB को BA.2.75 और रिवर्सबल इम्यून प्रॉपर्टी की तुलना में ग्रोथ प्रॉफिट है।

त्योहार के मौसम में निम्न कोविड सावधानियां रखें-
त्योहारी सीजन में, कोविड के मामलों में स्पाइक होने का आशंका है। सभी के लिए निम्नलिखित कोविड सावधानियों की सलाह है-
- फ्लू के लक्षणों को नजरअंदाज ना करें
- टीकाकरण जरूर करवाएं
- शुगर पेशेंट या हार्ट की बीमारी से ग्रसित लोग सार्वजनिक स्थानों पर अतिरिक्त सावधानी बरतें
- इन्फ्लूएंजा जैसी स्थिति वाले लोगों को फ्लू का टीका जरूर लगवाएं
- सामाजिक दूरी बनाए रखें
- सार्वजनिक स्थानों पर कोविड- सावधानियां बरतें
- आसपास के लोगों से 6 फीट की दूरी बनाकर रखें।
डिस्क्लेमर: लेख में उल्लिखित सुझाव केवल सामान्य सूचना उद्देश्यों के लिए हैं। लक्षण मिलने पर अपने डॉक्टर से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications