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मुंह के अल्सर न्यू मंकीपॉक्स इनफ़ेक्शन होने का पहला संकेत, जानें लक्षण और बचाव
मंकीपॉक्स के कारण 106 देशों में अब तक 36 मौतों के साथ लगभग 80,000 मामले दर्ज किए गए हैं, जो वैश्विक स्तर पर प्रमुख स्वास्थ्य खतरों में से एक बना हुआ है। हाल की एक स्टडी में, विशेषज्ञों ने बताया कि ज्यादातर लोगों को मंकीपॉक्स संक्रमण का पहला लक्षण मुंह के कोने में अल्सर का पता चला। शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि मंकीपॉक्स वायरस के संक्रमण की नई वेव में इस तरह के नए लक्षण दिखाई दे रहे हैं। मुंह के कोने पर एक अल्सर, इसे इस संक्रमण के पहले संकेत के रूप में भी बताया जा रहा है।
मंकीपॉक्स क्या है?
साल 2021 में, ठीक उस समय, जब COVID-19 महामारी से लड़ने के बाद लाइफ नॉर्मल कंडीशन में वापस जा रही थी, दुनिया को एक और वायरस संक्रमण - मंकीपॉक्स के प्रकोप और तेजी से फैलने के बारे में बताया गया। संक्रमण जो पहले केवल साउथ अफ्रीका के कुछ अलग-अलग हिस्सों में पाया गया, विश्व स्तर पर स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए एक प्रमुख चिंता का विषय बन गया। ये इतनी तेजी से फैला कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी इसे 'वैश्विक स्वास्थ्य खतरे' के रूप में क्लासीफाई किया।

मंकीपॉक्स इनफ़ेक्शन के लक्षण
मंकीपॉक्स इनफ़ेक्शन से जुड़े कुछ लक्षण लिस्टेड हैं-
- फफोले जो लाल रंग के होते हैं
- ठंड लगने के साथ बुखार आना
- सूजी हुई लिफ्स नोड्स
- ज्याद थकान
- सिरदर्द
- मसल्स पेन या पीठ दर्द
- सांस संबंधी समस्याएं जैसे गले में खराश, कंजेशन

अगर आपको लग रहा है कि मंकीपॉक्स इनफ़ेक्शन हो गया है तो-
जब तक आपका मेडिकल टेस्ट नहीं हो रहा तब तक आप दूसरों से अलग रहकर उनकी रक्षा करें।
आपको मंकीपॉक्स होने की संभावना है, तो आपको दूसरों से तब तक अलग रहना चाहिए जब तक कि आपके सभी घाव खत्म न हो जाएं।पपड़ी गिर न जाए और त्वचा की एक नई परत नीचे न बन जाए।आपके शरीर के अंदर के सभी घाव भी ठीक न हो जाएं,तब तक लोगों से शारीरिक संपर्क से दूर रहें, जिससे आप वायरस को दूसरों तक पहुंचाने से रोक सकेंगे।घरेलू कीटाणुनाशक या ब्लीच प्रोडक्ट से घर को साफ रखें, जो मंकीपॉक्स वायरस को मारने के लिए पर्याप्त हैं।
प्रेगनेंसी के दौरान मंकीपॉक्स इनफ़ेक्शन से बचाव-
अगर आप गर्भवती हैं, तो मंकीपॉक्स वाले किसी भी व्यक्ति के निकट संपर्क से बचें। कोई भी व्यक्ति जो किसी संक्रामक व्यक्ति के साथ निकट संपर्क रखता है, उसे मंकीपॉक्स हो सकता है, चाहे वह कोई भी हो। अगर आपको लगता है कि आप मंकीपॉक्स के संपर्क में आए हैं या लक्षण दिखा रहे हैं, तो आपको तुरंत डाक्टर्स से संपर्क करना चाहिए।

इस बीमारी का नाम मंकीपॉक्स क्यों हैं ?
इस बीमारी को मंकीपॉक्स कहा जाता है क्योंकि इसकी पहचान पहली बार 1958 में अनुसंधान के लिए रखी गई बंदरों की कॉलोनियों में हुई थी। बाद में 1970 में मनुष्यों में इसका पता चला। विशेषज्ञों के साथ परामर्श जारी है कि क्या इस बीमारी का नाम बदला जाएगा।
(Reference- https://www.who.int, https://www.news-medical.net/)



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