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आपको टी बैग वाली चाय पीने की आदत हैं, तो जरा इस रिसर्च को पढ़ लें!
प्लास्टिक न सिर्फ वातावरण को प्रदूषित कर रहा है बल्कि चाय के कप के जरिए आपके शरीर में पहुंचकर आपको भी बीमार कर रहा हैं। हाल ही में हुए शोध में खुलासा हुआ है कि टी बैग चाय के साथ अरबों छोटे-छोटे प्लास्टिक के कण छोड़ते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। शोधकर्ताओं ने पाया कि टी बैग में मौजूद प्लास्टिक की वजह से पानी में मौजूद जीवाणु असामान्य तरीके से पनपते हैं और अजीब व्यवहार करते हैं।
यह खुलासा मैकगिल यूनिवर्सिटी में कनाडा के शोधकर्ताओं के एक समूह ने किया। हालांकि, आमतौर पर टी बैग पेपर के बने होते हैं, लेकिन इन टी बैगों को सील करने के लिए पॉलीप्रोपेलीन का इस्तेमाल किया जाता है, जो प्लास्टिक का एक प्रकार है। टी बैग में मौजूद यह पार्टिकल माइक्रो और नैनो आकार के होते हैं और इंसानी बालों से भी 750 गुना छोटे होते हैं।

ऐसे किया रिसर्च
कई चाय ब्रांड प्लास्टिक से बने टी बैग का उपयोग करते हैं, जो सेहत के लिए खतरा बन सकते हैं। शोधकर्ता यह पता लगाना चाहते थे कि गर्म होने पर टी बैग चाय में कितना माइक्रोप्लास्टिक छोड़ते हैं। ऐसा करने के लिए उन्होंने प्लास्टिक के चार अलग-अलग टी बैग में पैक खरीदे। शोधकर्ताओं ने टी बैग को 203° फॉरेनहाइट तापमान (95° सेल्सियस) पर पानी के विशेष कंटेनरों में गर्म किया। इसके बाद उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक माइक्रोस्कोप से देखा कि एक टी बैग से करीब 11.6 बिलियन (1160 करोड़) माइक्रोप्लास्टिक के टुकड़े और 3.1 बिलियन (करीब 300 करोड़) नैनो प्लास्टिक के कण निकले।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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