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कार्डियक अरेस्ट से सुषमा स्वराज का निधन, जानें हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में अंतर और लक्षण
पूर्व विदेश मंत्री सुषमा (67) स्वराज का मंगलवार रात एम्स में निधन हो गया। सुषमा को दिल का दौरा पड़ने के बाद एम्स में भर्ती कराया गया था, लेकिन कुछ ही देर बाद डॉक्टर्स ने बताया कि कार्डियक अरेस्ट के कारण उनका निधन हो गया। कई बार लोग हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में अंतर नहीं समझ पाते हैं।

अक्सर दिल का दौरा या छाती में दर्द होने का लोग ज्यादात्तर मतलब हार्ट अटैक से जोड़कर ही देखते हैं। आइए जानते है कि हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में अंतर होता है।

क्या है कार्डियक अरेस्ट?
कार्डियक अरेस्ट तब होता है, जब दिल के अंदर वेंट्रीकुलर फाइब्रिलेशन पैदा हो। आसान भाषा में कहें तो इसमें दिल के भीतर विभिन्न हिस्सों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान गड़बड़ा जाता है, जिसकी वजह से दिल की धड़कन पर बुरा असर पड़ता है। इसके इलाज के लिए कार्डियोपल्मोनरी रेसस्टिसेशन (CPR) दिया जाता है। इससे हार्ट रेट नियमित किया जाता है। डिफाइब्रिलेटर के जरिए बिजली के झटके दिए जाते हैं। जिससे दिल की धड़कनों को वापस लाने में मदद मिलती है। कार्डियक अरेस्ट होने की सबसे ज्यादा आशंका दिल की बीमारी वालों को सबसे ज्यादा होती है। जिनको पहले हार्ट अटैक आ चुका है उनमें कार्डियक अरेस्ट की आशंका बढ़ जाती है।

हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में अंतर
कई सारे लोग इन दोनों को एक समझते हैं पर ये अलग-अलग हैं। हार्ट अटैक के दौरान हृदय के कुछ हिस्सों में खून का बहाव जम जाता है जिस वजह से हार्ट अटैक होता है। वहीं दूसरी तरफ कार्डियक अटैक में
दिल के अंदर तो ख़ून पहुंचता है लेकिन वो ख़ून दिमाग़ या शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंच नहीं पाता है। ख़ून नहीं पहुंचने की कई वजह हो सकती है, जैसे कि रक्त नली का बंद होना या डैमेज हो जाना।
हृदय का मुख्य काम शरीर के सभी अंगो तक ख़ून पहुंचाना होता है। ख़ून के ज़रिए शरीर के सभी कोशिकाओं (हिस्सों) में ऑक्सीजन पहुंचता है। लेकिन शरीर के किसी हिस्से में अगर ख़ून पहुंचना बंद हो गया तो वह आर्गेन (अंग) काम करना बंद कर देता है।

कार्डियक अरेस्ट के लक्षण
हृदय का तेजी से धड़कना, थकान का लगना, सांसों का छोटा होना,
हृदय में दर्द महसूस होना, चक्कर आना और कर्डियक अरेस्ट के दौरान रोगी अपनी चेतना अचानक खो बैठता है। वह कोई प्रतिक्रिया भी शारीरिक रूप से नहीं देता है। उसकी सांस भी अचानक रुक जाती है और नब्ज ठहर जाती है।

हो सकती है मरीज की मौत
दरअसल कार्डियक अरेस्ट में दिल धड़कना बंद कर देता है इसलिए नाड़ी गिरने लगती है। धीरे-धीरे शरीर के तमाम अंगों तक ब्लड पहुंचना बंद हो जाता है और इससे मरीज की मौत हो जाती है।

कार्डियक अरेस्ट के कारण
सुषमा स्वराज को करीब 20 सालों से डायबिटीज की समस्या थीं। जिसके कारण किडनी भी खराब हुई थीं। इसके अलावा कार्डियक अरेस्ट के ये कारण भी होते हैं।
- स्मोकिंग
- कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना
- रोजाना एक्सरसाइज, व्यायाम न करना।
- हाई ब्लडप्रेशर और हाइपरटेंशन



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