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इन टिप्स से मनाएं ईको फ्रैंडली दिवाली, बस करने होंगे ये सिम्पल काम
दिवाली को दियों ओर रोशनी का त्योहार कहा जाता है। हर साल इस त्योहार को लोग बहुत ही खुशी और जोश के सथ मनाते हैं। हम अपने हर्षोल्लास और खुशी के वजह से पर्यावरण को ज्यादा नुकसान पहुंचाते है, पटाखे, प्लास्टिक, केमिकल युक्त चीजें आदि ज्यादा इस्तेमाल कर हमनें पर्यावरण के लिए खतरनाक बना दिया है जिसकी वजह से वायु और ध्वनि प्रदूषण का स्तर हर साल बढ़ता जा रहा है। इसके अलावा बम और पटाखों में इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स की वजह से वातावरण में मौजूद लाखों सूक्ष्म जीव-जंतु का नाश हो जाता है।
पर्यावरण और सेहत की सलामती के लिए हमें ईको-फ्रैंडली की तरफ कदम बढ़ाना चाहिए। हमारे द्वारा की गई छोटी-छोटी पहल से हम वातावरण को सुरक्षित रख सकते हैं। आइए जानते है कि कैसे हम ईको-फ्रैंडली दीवाली सेलिब्रेट करके वातावरण को दूषित होने से बचा सकते हैं।

पटाखों से दूरी
जी हां, सबसे पहले तो पटाखों से दूरी बनाएं। ये चीजें कुछ देर का मजा तो दे सकती हैं लेकिन पर्यावरण को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा देती हैं जिसके ठीक होने में लंबा समय लग जाता है। पटाखों से न सिर्फ वायु प्रदूषण बल्कि ध्वनि प्रदूषण भी फैलता है। इतना ही नहीं इससे खासतौर से बुजुर्गों और बच्चों की सेहत को भी काफी नुकसान पहुंचता है।

केमिकल रंगोली से दूरी
आमतौर पर बाजार में केमिकल युक्त रंगोली के कलर्स मिलते हैं। इसकी जगह नैचुरल कलर्स खरीदें। ये थोड़े महंगे जरूर पड़ेंगे लेकिन ये पर्यावरण और आपकी सेहत के लिहाज से सबसे बेहतर हैं।

प्लास्टिक फूलों से दूरी
प्लास्टिक के फूल भले ही दिखने में अट्रेक्टिव लगते हैं और सस्ते में आते है लेकिन बेहतर ऑप्शन नैचुरल फूल ही हैं। सबसे बड़ा फायदा यह है कि ये फूल बायॉडिग्रेडेबल होते हैं जो किसी भी तरह से पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाते। वहीं प्लास्टिक के फूलों को नष्ट करना मुश्किल होता है।

मिट्टी के दीये का इस्तेमाल
इलेक्ट्रिक लाइट्स के ज्यादा इस्तेमाल से बचें और इसकी जगह मिट्टी के दीयों का इस्तेमाल करें। मिट्टी के दीयों से न सिर्फ इलेक्ट्रिसिटी बचाने में मदद मिलती है बल्कि इससे इलेक्ट्रिसिटी जनरेट करने में लगने वाले नैचरल सोर्सेज की कम खपत में भी आप सहयोग कर सकेंगे।

डेकोरेशन में ईको-फ्रेंडली चीजों का इस्तेमाल
डेकोरेशन के लिए भी मार्केट में ज्यादातर प्लास्टिक या पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले मटेरियल से बनी चीजें मिलती हैं। इसकी जगह आप ईको-फ्रेंडली मटेरियल जैसे पेपर क्राफ्ट, बांस, मड आदि से बनी चीजों का इस्तेमाल करें।



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