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अस्थमा के मरीज़ कोरोना काल में इन बातों का रखें ध्यान, जानें बचाव के आसान तरीके
देश में कोरोना वायरस के दूसरी लहर में मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कोरोना का नया स्ट्रेन तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। पहले से किसी बीमारी से परेशान लोगों के लिए कोरोना ज्यादा खतरनाक है। विश्व अस्थमा दिवस पर जानते हैं कि अस्थमा के मरीजों को कोरोना किस तरह प्रभावित कर रहा है और उन्हें किस तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए।

इनहेलर का करें इस्तेमाल
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अस्थमा के मरीज आमतौर पर इनहेलर का इस्तेमाल करते हैं जिसकी वजह से इन्हे कोरोना से लड़ने में आसानी से मदद मिलती है। अस्थमा के मरीजों में कोरोना के लक्षण गंभीर नहीं होने देता है।

मास्क जरुर लगाएं
अस्थमा के मरीजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती मास्क लगाना है। अस्थमा के ज्यादातर मरीजों की शिकायत होती है कि मास्क लगाने पर उनका दम घुटने लगता है और उन्हें सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है. ऐसी स्थिति में अगर आप मास्क नहीं लगाना चाहते हैं तो आप घर से बिल्कुल भी बाहर ना निकलें। अगर किसी हालत में घर से बाहर जाना जरुरी हो तो हल्के सूती के कपड़े का मास्क लगाने की कोशिश करें।

अकेले में करें नेबुलाइजेशन
अस्थमा के कई मरीज दवा लेने के लिए नेबुलाइजर का इस्तेमाल करते हैं। ये एक एयरोसोल-जनरेटिंग प्रक्रिया है। इसलिए और लोगों को इससे दूर रखने के लिए नेबुलाइजेशन किसी अकेले जगह पर करें और दरवाजे को अंदर से बंद कर लें।

डिसइंफेक्टेंट से बनाएं दूरी
कोरोनावायरस की दूसरे लहर में खुद को सुरक्षित रखने के लिए लोग इन दिनों डिसइंफेक्टेंट का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन अगर आपको अस्थमा है तो सलाह दी जाती है कि अगर कोई डिसइंफेक्टेंट का इस्तेमाल कर रहा है, तो आप वहां से दूर रहें।

ट्रैवल करने से बचें
अगर जरूरी नहीं है तो अस्थमा के मरीज़ खासतौर पर ट्रैवल करने से बचें, क्योंकि मध्यम से गंभीर अस्थमा वाले लोगों को कोरोनावायरस का इंफेक्शन होने का खतरा स्वस्थ लोगों के मुकाबले अधिक होता है।



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