Latest Updates
-
Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी कब है? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
शाम होते-होते फूल जाता है आपका पेट? ये बैली फैट नहीं ब्लोटिंग है, जानें 5 बड़े कारण और सही डाइट -
Jagannath Rath Yatra 2026: पुरी की रथ यात्रा में जा रहे हैं? इन 7 मशहूर लोकल फूड्स का स्वाद लेना न भूलें -
PM मोदी ने दिखाई भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी, जानें स्पीड, रूट और कितना होगा किराया -
Relationship Tips: लाइफ पार्टनर से कभी न बोलें ये 5 बातें, वरना टूट सकता है आपका रिश्ता -
कितने पढ़े-लिखे हैं सोनम वांगचुक और कितनी है उनकी नेट वर्थ? जानें कहां-कहां से होती है कमाई -
Sonam Wangchuk की 20वें दिन भी भूख हड़ताल जारी, बिना खाना खाए कितने दिन जीवित रह सकता है इंसान? -
Jagannath Rath Yatra 2026: कौन हैं भगवान जगन्नाथ की मौसी? जिनसे मिलने के लिए हर साल रथ से निकलते हैं महाप्रभु -
World Emoji Day 2026: क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड इमोजी डे, कैसे पड़ा 'Emoji' नाम? जानिए इसका दिलचस्प इतिहास -
Jagannath Rath Yatra 2026 Wishes: जगन्नाथ रथ यात्रा पर अपनों को भेजें ये दिल छू लेने वाले शुभकामना संदेश
मसल्स पेन से निजात पाने के लिए वरुण धवन ने ट्राय की ड्राई नीडल थेरेपी, जानें इस थेरेपी के बारे में सब कुछ
हाल ही में अभिनेता वरुण धवन ने एक इंस्टाग्राम स्टोरी शेयर की थी जिसमें वो नीडल थेरेपी लेते हुए दिखाई दे रहे थे। नीडल थेरेपी मसल्स पेन को दूर करने के सबसे इफेक्टिव थेरेपी में से एक है। इस थैरेपी में प्रभावी जगह में छोटी सुईयों को ट्रिगर पॉइंट पर चुभाकर ट्रीटमेंट दिया जाता है। आइए जानते है क्या होता है नीडल थेरेपी और ये कैसा काम करता है।

क्या है नीडल थेरेपी?
ड्राई नीडलिंग एक "आधुनिक इनवेसिव थेरेपी" है जो मुख्य रूप से फाइब्रोमायल्गिया को फोकस करके दर्द प्रबंधन, मांसपेशियों में खिंचाव का इलाज किया जाता है। ये प्रक्रिया प्रभावित क्षेत्र या शरीर के 'ट्रिगर पॉइंट' में कई छोटी सुइयों को चुभाकर की जाती है। इंजेक्ट की गई ये सुइयां एक तेज प्रतिक्रिया पैदा करती हैं और इससे दर्द से राहत मिलने लगती है। ये ट्रीटमेंट एक्यूपंक्चर की तरह ड्राई नीडलिंग से सीधे ट्रिगर पॉइंट्स (मांसपेशियों की गांठ) पर की जाती है जो "तत्काल दर्द से राहत दे सकती है"।

अन्य लाभ
ये थैरेपी मसल्स पेन से राहत देने के अलावा शरीर की फ्लेक्सबिलिटी को बढ़ाता है, इसके अलावा ये जॉइंट की रेंज में मोशन को बढ़ाता है और ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है और स्टिफनेस को कम करता है। इसलिए ज्यादात्तर एथलीट चोटिल होने पर इस ट्रीटमेंट को लेना पसंद करते हैं।

क्या कोई भी दुष्प्रभाव हैं?
इस ट्रीटमेंट के माइल्ड साइड इफेक्ट्स भी है। इनमें हल्की चोट लगना, रक्तस्राव और अस्थायी दर्द शामिल हैं।
इस बात का रखें ध्यान
बिना स्टेरलाइज्ड नीडल का उपयोग करने से ट्रीटमेंट के दौरान संक्रमण का खतरा हो सकता है।



Click it and Unblock the Notifications