Latest Updates
-
क्यों मनाते हैं International Olympic Day? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की खास थीम -
कौन हैं WhatsApp के नए CEO कुणाल शाह? न इंजीनियरिंग, न MBA डिग्री, फिर भी करोड़ों में है नेट वर्थ -
Mahesh Navami 2026: महेश नवमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ माह का आखिरी बड़ा मंगल आज, इन उपायों को करने से मिलेगी हनुमान जी की विशेष कृपा -
Happy Mahesh Navami 2026 Wishes: महेश जिनका नाम है...महेश नवमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 23 June 2026: मंगलवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी बजरंगबली की कृपा, जानें अपना भाग्य -
शाम 7 बजे के बाद गलती से भी मत करना ये 5 काम, बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क -
बिना मारे चूहों को घर से भगाने का देसी तरीका! आटे में मिलाकर रख दें ये एक चीज, फिर कभी नहीं आएंगे नजर -
Pahadi Crispy Snack Singal Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और कुरकुरा स्वाद -
कौन हैं पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी? आखिर क्यों हुआ जानलेवा हमला, गंभीर हालत में AIIMS में भर्ती
मसल्स पेन से निजात पाने के लिए वरुण धवन ने ट्राय की ड्राई नीडल थेरेपी, जानें इस थेरेपी के बारे में सब कुछ
हाल ही में अभिनेता वरुण धवन ने एक इंस्टाग्राम स्टोरी शेयर की थी जिसमें वो नीडल थेरेपी लेते हुए दिखाई दे रहे थे। नीडल थेरेपी मसल्स पेन को दूर करने के सबसे इफेक्टिव थेरेपी में से एक है। इस थैरेपी में प्रभावी जगह में छोटी सुईयों को ट्रिगर पॉइंट पर चुभाकर ट्रीटमेंट दिया जाता है। आइए जानते है क्या होता है नीडल थेरेपी और ये कैसा काम करता है।

क्या है नीडल थेरेपी?
ड्राई नीडलिंग एक "आधुनिक इनवेसिव थेरेपी" है जो मुख्य रूप से फाइब्रोमायल्गिया को फोकस करके दर्द प्रबंधन, मांसपेशियों में खिंचाव का इलाज किया जाता है। ये प्रक्रिया प्रभावित क्षेत्र या शरीर के 'ट्रिगर पॉइंट' में कई छोटी सुइयों को चुभाकर की जाती है। इंजेक्ट की गई ये सुइयां एक तेज प्रतिक्रिया पैदा करती हैं और इससे दर्द से राहत मिलने लगती है। ये ट्रीटमेंट एक्यूपंक्चर की तरह ड्राई नीडलिंग से सीधे ट्रिगर पॉइंट्स (मांसपेशियों की गांठ) पर की जाती है जो "तत्काल दर्द से राहत दे सकती है"।

अन्य लाभ
ये थैरेपी मसल्स पेन से राहत देने के अलावा शरीर की फ्लेक्सबिलिटी को बढ़ाता है, इसके अलावा ये जॉइंट की रेंज में मोशन को बढ़ाता है और ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है और स्टिफनेस को कम करता है। इसलिए ज्यादात्तर एथलीट चोटिल होने पर इस ट्रीटमेंट को लेना पसंद करते हैं।

क्या कोई भी दुष्प्रभाव हैं?
इस ट्रीटमेंट के माइल्ड साइड इफेक्ट्स भी है। इनमें हल्की चोट लगना, रक्तस्राव और अस्थायी दर्द शामिल हैं।
इस बात का रखें ध्यान
बिना स्टेरलाइज्ड नीडल का उपयोग करने से ट्रीटमेंट के दौरान संक्रमण का खतरा हो सकता है।



Click it and Unblock the Notifications