PM मोदी ने दिखाई भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी, जानें स्पीड, रूट और कितना होगा किराया

India First Hydrogen Train: रेलवे ने नया इतिहास रच दिया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखा दी है। ये ट्रेन जींद और सोनीपत रेलवे स्टेशन के बीच चलेगी और 89 किलोमीटर तक के सफर को कवर करेगी। जीरो प्रदूषण फैलाने वाली ये ट्रेन यात्रियों के लिए एक अनूठा उपहार है जिसमें सफर करना आम आदमी के बजट में होगा। आइए जान लेते हैं हाइड्रोजन ट्रेन के किराए से लेकर इसकी खासियतें और ट्रेन में कितने यात्री सफर कर सकते हैं।

कैसे काम करेगी हाइड्रोजन ट्रेन?

बता दें कि हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक हाइड्रोजन से जुड़ी एक केमिकल रिएक्शन के द्वारा बिजली का उत्पादन करती है। ऐसे में इससे सिर्फ पानी की भाप और गर्मी निकलती है जिससे न तो कोई हानिकारक गैस निकलती है और न ही किसी तरह सा हेल्थ को नुकसान होता है। यही वजह है कि हाइड्रोजन ट्रेन डीजल व अन्य फ्यूल के मुकाबले कम प्रदूषण फैलाती है। अगर आसान शब्दों में कहें तो ये एक जनरेटर की तरह काम करती है।

किसने तैयार किया इस ट्रेन का डिजाइन

हमारे लिए गर्व की बात ये है कि हाइड्रोजन ट्रेन का डिजाइन पूरी तरह से भारत निर्मित है। जी हां, लखनऊ स्थित रिसर्च डिजाइंस एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (RDSO) ने इसका डिजाइन तैयार किया है और चेन्नई की इंटीगल कोच फैक्टरी (ICF) ने इसे बनाया है।

कितना होगा किराया और कितने यात्री कर सकते हैं सफर

अब बात कर लेते हैं इस हाइड्रोजन ट्रेन के किराए की तो इसका अधिकतम किराया सिर्फ 25 रुपये होगा और इस ट्रेन में एक बार में 26,00 यात्री सफर कर सकते हैं। बहुत कम किराया होने की वजह से आम लोगों के लिए ये एक बड़ी सौगात है। इस ट्रेन में कुल 10 कोच होंगे जिसमें से 8 पैसेंजर कोच होंगे और 2 पावर कार इंजन कोच होंगे।

हाइड्रोजन ट्रेन के फायदे

1.जीरो एमिशन और इको फ्रेंडली होगी

ये ट्रेन डीजल या किसी अन्य प्रकार के फ्यूल से नहीं चलेगी बल्कि हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के केमिकल के कॉम्बिनेशन से बिजली बनाकर चलेगी। ऐसे में इससे न तो हानिकारक धुआँ निकलेगा और न ही प्रदूषण फैलेगा।

2. फ्यूल की होगी बचत

आप देख ही रहे हैं युद्ध की वजह से फ्यूल की तंगी हो रही है। हालात ये हैं कि पेट्रोल-डीजल के दाम आसामान छू रहे हैं। ऐसे में हाइड्रोजन ट्रेन एक अच्छा विकल्प है यातायात का।

3. नहीं होगा नॉइज पॉल्यूशन

ये ट्रेन आवाज रहित होगी ऐसे में आप ट्रेन की छुक-छुक वाले शोर से राहत पा सकेंगे और नॉइज पॉल्युशन भी नहीं फैलेगा।

4. देगी ज्यादा माइलेज

हाइड्रोजन ट्रेन की एक और विशेषता इसका ज्यादा माइलेज है। जी हां, ये ट्रेन फ्यूल से चलने वाली ट्रेनों के मुकाबले ज्यादा माइलेज देगी और इसे मेंटेनेंस की जरूरत भी अन्य के मुकाबले कम होगी।

5. स्वदेशी टेक्नोलॉजी से आत्मनिर्भर बनेगा भारत

सबसे अच्छी बात ये है कि हाइड्रोजन ट्रेन के रूप में स्वदेशी तकनीक के सफल होने पर भारत अन्य हाई-फाई टेक्नोलॉजी वाली कंट्री जैसे अमेरिक, चीन.जापान आदि के साथ लिस्ट में शामिल हो गया है।

Story first published: Friday, July 17, 2026, 13:57 [IST]
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