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Lumpy Skin Disease: मवेशियों पर कहर बनकर टूटा लंपी, ये है इस खतरनाक बीमारी के लक्षण और बचाव
राजस्थान और गुजरात में लंपी स्किन डिजीज (Lumpy Skin Disease) की दहशत फैली हुई है। इस बीमारी के वजह से कई मवेशियों को अपने जान से हाथ धोना पड़ रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि जानवरों में त्वचा संक्रमण जरिए तेजी से फैलने वाली इस बीमारी के इलाज के लिए अभी तक कोई टीका भी तैयार नहीं किया गया है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात समेत भारत के कई राज्यों में सैकड़ों गायों की मौत से लाखों पशुपालक परेशान नजर आ रहे हैं। आइए जानते हैं इस बीमारी के बारे में।

लंपी स्किन डिजीज के कारण
जानकारी के अनुसार ये रोग एक वायरस के चलते मवेशियों में फैल रहा है। जिसे 'गांठदार त्वचा रोग वायरस' कहा जाता है। इसकी तीन प्रजातियां हैं. जिसमें पहली प्रजाति 'कैप्रिपॉक्स वायरस' है। इसके अन्य गोटपॉक्स वायरस और शीपपॉक्स वायरस हैं। रिपोर्ट के अनुसार मवेशियों में फैलनी वाली यह संक्रामक गांठदार चर्म रोग इस साल अप्रैल में पाकिस्तान के रास्ते भारत आया।

लंपी स्किन बीमारी के लक्षण
इस रोग के कई लक्षण है। जिसमें मवेशियों को बुखार, वजन कम होना, लार निकलना, आंख और नाक का बहना, दूध का कम होना, शरीर पर अलग-अलग तरह के नोड्यूल दिखाई देना शामिल है। इसके साथ ही इस रोग में शरीर में गांठें भी बन जाती हैं। मादा मवेशियों पर इस बीमारी की मार ज्यादा देखने को मिल रही हैं। बांझपन, गर्भपात, निमोनिया और लंगड़ापन के मामले सामने आ रहे हैं।

कैसे फैलती है ये बीमारी
ये खतरनाक रोग एक ऐसी बीमारी है जो मच्छरों, मक्खियों, जूं एवं ततैयों की वजह से फैलती है। मवेशियों के सीधे संपर्क में आने और दूषित भोजन एवं पानी के जरिए भी फैलती है।
उपाय
ये एक तरह का वायरस की वजह से बीमारी फैल रही है। जिसका कोई ठोस उपाय नहीं है। ऐसे में पशुओं को इससे प्रभावित क्षेत्रों में जाने से रोकना होगा। वहीं रोग से बचने के लिए एंटीबायोटिक्स, एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीहिस्टामिनिक दवाएं दी जाती हैं। बता दें कि गुजरात में लंपी त्वचा रोग की वजह से अभी तक करीब 999 मवेशियों की मौत हो गई है। जिनमें से अधिकतर गाय और भैंस हैं।



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