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सेकेंड हैंड ड्रिक‍िंग, जानें दूसरों का शराब पीना कैसे हो सकता है आपके ल‍िए बुरा

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सेकेंड हैंड स्‍मोकिंग के बारे में तो आप वाक‍िफ है लेकिन क्‍या आप सेकेंड ड्रिकिंग के बारे में जानते हैं। जिस तरह आप ध्रूमपान न करने के बाद भी अप्रत्‍यक्ष तौर पर प्रभावित होते हैं उसी तरह शराब का सेवन नहीं करने के बावजूद भी जब आप अप्रत्‍यक्ष रुप से

प्रभावित होते हैं तो सेंकेंड हैंड ड्र‍िक‍िंग कहा जाता है।

तकरीबन पांच करोड़ से ज्‍यादा लोग सेकंड हैंड ड्रिंकिंग की वजह से शारीरिक, मानसिक, भावनात्‍मक और आर्थिक परेशानियों का सामना करने को मजबूर हैं। क्‍या आप जानते हैं कि आखिर क्‍या है सेकंड हैंड ड्रिंकिंग और यह कैसे एक बड़ी समस्‍या बनती जा रही है।

सेकंड हैंड ड्रिंकिंग

सेकंड हैंड ड्रिंकिंग

सेकंड हैंड ड्रिंकिंग यानी किसी और के ऐल्कॉहॉल का सेवन करने का बुरा असर आपकी सेहत पर पड़ना। आपके परिवार के किसी सदस्‍य, दोस्‍त या सहकर्मी के ड्रिंक करने की वजह से आपको जो मानसिक, भावनात्‍मक, शारीरिक और आर्थिक चोट पहुंचती है उसे इन खतरों में शामिल किया जाता है। यह दुनिया भर में बढ़ती जा रही भयावह समस्‍याओं में से एक है।

सेकेंड हैंड ड्रिंकिंग के नुकसान

सेकेंड हैंड ड्रिंकिंग के नुकसान

सेकेंड हैंड ड्रिंकिंग शराब पीने वाले लोगों से जुड़े लोगों की सेहत के लिए बेहद जोखिम भरी है। लेकिन अनजाने में अन्य लोग भी इसका शिकार हो सकते हैं। एक सर्वे के मुताबिक करीब 21 फीसदी महिलाएं और 23 फीसदी पुरुष ऐसे हैं जो सेकेंड हैंड ड्रिंकिंग के कारण परेशानियां झेल चुके हैं। इनमें कई वयस्क शामिल हैं। सेकेंड हैंड ड्रिंकिंग करीबी रिश्तेदारों जैसे दोस्त, पति/पत्नी, बच्चे, माता-पिता आदि को अधिक नुकसान पहुंचाती है और पारिवारिक समस्याओं और रिश्तों को तोड़ने की वजह बनती है।

बढ़ गई है घरेलू हिंसा

बढ़ गई है घरेलू हिंसा

ऐल्कॉहॉल का इस्तेमाल पहले उपचार के लिए होता था, लेकिन समय के साथ लोग इसका दुरुपयोग करने लगे। जरूरत से ज्यादा मात्रा में ड्रिंक करने लेने लगे और धीरे-धीरे ऐल्कॉहॉल अडिक्शन का शिकार हो गए। इस वजह से घरेलू हिंसा, क्राइम के भी मामले बढ़ने लगे। इतना ही नहीं, ड्रिंक कर ड्राइव करने की वजह से सड़क हादसे भी होने लगे।

महिलाओं के लिए ज्‍यादा खतरनाक

महिलाओं के लिए ज्‍यादा खतरनाक

स्टडीज ऑन ऐल्कॉहॉल ऐंड ड्रग्स नाम के जर्नल में प्रकाशित इस स्टडी के नतीजे बताते हैं कि घर में मौजूद पुरुष अगर बहुत ज्यादा शराब का सेवन करता है, तो महिलाओं को सबसे ज्यादा रिस्क होता है। वहीं, पुरुषों को परिवार के बाहर के शराबियों से खतरा अधिक होता है। 25 साल से कम उम्र के लोगों में किसी और के द्वारा शराब पीकर उन्हें नुकसान पहुंचाने का खतरा काफी अधिक था।

English summary

What You Need to Know About Secondhand Drinking

Secondhand Drinking (SHD) describes the impacts on a person who is on the receiving end of a person’s drinking behaviors. Ongoing exposure to drinking behaviors can create a change a person’s brain functions.
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