कभी सोचा है अखाड़े में पहलवान क्‍यों पहनते हैं लंगोट, पुरुषों के सेहत से जुड़ा है इसका राज

अखाड़े में आपने अक्‍सर कुश्‍ती लड़ते हुए पहलवानों को लंगोट पहने जरुर देखा होगा। अखाड़े में वर्जिश या कुश्‍ती समय पुरुष लंगोट जरुर पहनते हैं। कभी आपने सोचा है क‍ि पुरुष लंगोट क्‍यों पहनते हैं? लंगोट आज से नहीं बल्कि वैदिक काल से हमारे देश में पुरुष अंडरवियर के तौर पर लंगोट पहनते आ रहे हैं। धीरे-धीरे पुरुषों का ये पारम्‍पारिक अंतवस्‍त्र अखाड़े या योग तक ही सीमित कर रह गया है।

इसे कई नाम से जाना जाता था। कौपिनम, कौपिन, लंकौटी, लंगौटी और लंगौट। आपको जानकर हैरानी होगी कि पारम्‍पार‍िक तौर पर अंडरवियर के तौर पर लंगोट पहनना पुरुष के जननांगों के ल‍िए बेहतरीन होता हैं। बल्कि ये सेक्‍सुअल लाइफ को भी बेहतर बनाता हैं।

क्‍या है लंगोट?

क्‍या है लंगोट?

लंगोट असल में पुरुषों का अंडर गारमेंट है। इसे पुरुषों का अंत:वस्‍त्र भी कहा जाता है। यह अनस्टिच्‍ड यानी बिना सिला तिकोना कपड़ा होता है। वैद‍िक काल से पुरुष इन्‍हें अंतवस्‍त के तौर पर पहना करते थे। ये विशेष तौर पर पुरुष जननांग यानी टेस्टिकल्‍स और पेनिस एरिया को ढकने के लिए बनाया जाता है। पर इसे बांधने का एक खास तरीका होता है। जिसके कारण यह पुरुषों के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए लाभकारी माना जाता है।

बांधने का है खास तरीका

बांधने का है खास तरीका

लंगोट देखने में भले ही साधारण लगे पर इसे बांधने का एक खास तरीका होता है। जिसे आप किसी भी जिम या कुश्‍ती सीख रहे पहलवान से सीख सकते हैं। लंगोट को टेस्टिकल्‍स और पेनिस एरिया पर इस तरह लपेटा जाता है कि उसे सपोर्ट मिले और अनावश्‍यक दबाव भी न बनें। यह अंडकोषों के आकार को संतुलित रखता है।

कार्डियो के समय है जरूरी

कार्डियो के समय है जरूरी

जब भी आप कोई हैवी एक्‍सरसाइज या वर्कआउट करते है तो लंगोट पह‍नना एक तरह मदद करता है। इसे पहनने से एक्‍सरसाइज के दौरान पुरुषों के प्राइवेट पार्ट पर ज्‍यादा दबाव नहीं बनता है। और पुरुष इसमें ज्‍यादा आराम महसूस करतेह हैं।

 प्रजनन क्षमता को बनाए बेहतर

प्रजनन क्षमता को बनाए बेहतर

इससे पुरुषों के टेस्टिल्स यानी अंडकोषों की सेहत अच्‍छी रहती है। कई बार ज्‍यादा वर्कआउट या मेहनत करने की वजह से उनका आकार बढ़ जाता है। जिससे उनमें दर्द होने लगता है। वैज्ञानिक मानते हैं कि प्रजनन क्षमता बनाए रखने के लिए टेस्टिकल्‍स की सेहत का ध्‍यान रखना सबसे ज्‍यादा जरूरी है। कई बार इनमें पानी भर जाने की समस्‍या भी हो जाती है। जो सेक्‍स लाइफ पर बुरा असर डालती है। इन सब समस्‍याओं से बचाने में लंगोट काफी मददगार है।

 रैशेज की समस्‍या नहीं होती है

रैशेज की समस्‍या नहीं होती है

लंगोट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सादा सूती कपड़े यानी कॉटन का बना होता है। जिससे किसी भी तरह के रेशेज या अन्‍य समस्‍याएं नहीं होती। इसे स्किन फ्रेंडली माना जाता है। जिससे अनावश्‍यक हीट जनरेट नहीं होती। इसलिए भी लंगोट पहनना पुरुषों की सेहत के लिए अच्‍छा माना जाता है।

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