Latest Updates
-
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख -
कौन हैं 'हनुमान अंश' की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? विदेश की नौकरी छोड़ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म
अग्न्याशय कैंसर के इलाज की नई होप मिली, वैज्ञानिकों ने कैंसर सेल्स की पहचान की : रिसर्च
सैन फ्रांसिस्को (यूसीएसएफ) के वैज्ञानिकों ने टी-कोशिकाओं को एक शक्तिशाली एंटी-कैंसर साइटोकिन बनाने के लिए टी कोशिकाओं का निर्माण किया है, लेकिन केवल तब जब वे ट्यूमर कोशिकाओं का सामना करते हैं। अग्नाशय कैंसर के इलाज के लिए एक जो एक नई होप लेकर सामने आया है।
15 दिसंबर, 2022 को साइंस मैगजीन में छपी इस रिसर्च में, वैज्ञानिको ने ट्यूमर में घुसने वाली टी सेल्स को प्रोग्रामिंग करके कैंसर के अंदर मौजूद साइटोकिन को अपने खुद के आईएल -2 बनाने के लिए रखने में सक्षम थे, जब उन्होंने कैंसर कोशिका को पहचाना।
सेलुलर और मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, यूसीएसएफ सेल डिजाइन संस्थान के निदेशक और अध्ययन के वरिष्ठ लेखक वेंडेल लिम, पीएचडी, बायर्स के विशिष्ट प्रोफेसर ने बताया कि "हम इन कोशिकाओं की लोकल डिलिवरी एजेंट होने की पावर का लाभ उठाते हैं और अपने टी-सेल एम्पलीफायरों को तभी क्रैंक करते हैं जब वे पहचानते हैं कि वे सही जगह पर हैं। उन्होंने कहा कि "मुझे लगता है कि ये एक मॉडल है कि हम कई प्रकार के शक्तिशाली लेकिन जहरीले मेडिकल एजेंटों को ज्यादा टार्गेट तरीके से डिलिवर्ड करने के लिए सेल थेरेपी का यूज कैसे कर सकते हैं।

अग्नाशय का कैंसर क्या है और कैसे होता है
अग्नाशय का कैंसर, अग्न्याशय के टिश्यू में शुरू होता है। आपके पेट में एक अंग जो आपके पेट के निचले हिस्से के पीछे होता है। आपका अग्न्याशय एंजाइम रिलीज करता है जो पाचन क्रिया में हेल्प करते हैं। साथ ही हार्मोन पैदा करता है जो आपके ब्लड शुगर को प्रबंधित करने में मदद करता है।
अग्न्याशय में बनने वाला सबसे आम प्रकार का कैंसर उन कोशिकाओं में शुरू होता है जो अग्न्याशय (अग्नाशयी डक्टल एडेनोकार्सिनोमा) से डाइजेशन एंजाइमों को ले जाने वाले डक्ट्स को लाइनअप करती हैं।
अग्नाशय के कैंसर का शायद ही कभी शुरुआती चरणों में पता चलता है जब यह सबसे अधिक इलाज योग्य होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ये अक्सर तब तक लक्षण पैदा नहीं करता जब तक कि ये अन्य बॉडी पार्ट्स में फैल न जाए।

अग्नाशय कैंसर के लक्षण क्या है ?
अग्नाशय के कैंसर के लक्षण अक्सर तब तक नहीं होते जब तक कि रोग काफी बढ़ ना गया हो। इसमें शामिल है-
पेट दर्द जो आपकी पीठ तक फैलता है
भूख न लगना
अचानक से वजन कम होना
आपकी त्वचा का पीला होना
आपकी आंखों में पीलापन
हल्के रंग का मल
गहरे रंग का मूत्र
त्वचा में खुजली होना
डायबिटीज, जिसे नियंत्रित करना अधिक कठिन होता जा रहा है
ब्लड के क्लॉट
थकान

ऐसी स्थिति में डॉक्टर को कब दिखाएं-
अगर आप ऊपर बताए गये किसी भी तरह के लक्षण बढ़ते नजर आएं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। आपका डॉक्टर इन स्थितियों के साथ-साथ अग्नाशय के कैंसर की भी जांच कर सकता है।



Click it and Unblock the Notifications
