Latest Updates
-
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन'
क्या है ‘No Raw Diet’ जिसे फॉलो करती हैं विद्या बालन, जानें फायदे
What Is The 'No Raw Diet' : फिटनेस की दुनिया में रोज नए ट्रेंड आते है। लोग फिट रहने के लिए कई तरह की डाइट फॉलो करते है। अब इन दिनों 'नो रॉ डाइट' काफी चर्चा में बनी हुई है।
हाल ही में बॉलीवुड एक्ट्रेस विद्या बालन ने अपने बताया कि वह 'नो रॉ डाइट' फॉलो करती है। एक्ट्रेस के इस खुलासे के बाद से ही सोशल मीडिया पर 'नो रॉ डाइट' ट्रेंड करने लगा है। आइए जानते है कि आखिर क्या होता है ये रॉ डाइट ट्रेंड और इसे फॉलो करने के फायदे।

क्या है 'नो रॉ डाइट'?
इस डाइट में कच्चा खाना शामिल नहीं होता है। इस डाइट में सभी फूड आइटम्स को अच्छी तरह उबालकर और पकाया जाता है। दरअसल ये डाइट उन लोगों के लिए काफी फायदेमंद होती है जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है और जिन्हें पाचन संबंधी समस्याएं होती है। कच्चे फूड से कई सारी समस्याएं हो सकती है। गर्भवती महिलाओं को तो कच्चे फूड खाने से नुकसान हो सकता है।
नो डाइट के फायदे
पाचन बेहतर बनाए : उचित तरीके से पकाया हुआ भोजन पचाने में आसान होता है और इसे खाने से पाचन संबंधी समस्या नहीं होती है।
पोषक तत्व की गुणवत्ता बढ़ती है: खाना पकाने से इनमें मौजूद कुछ पोषक तत्वों की बायोएवेलेविलिटी बढ़ जाती है, जिससे ये आसानी से शरीर में अवशोषित हो जाते हैं।
फूड बॉर्न डिजीज का खतरा टाले : भोजन को सही तापमान पर पकाने से कच्चे फूड्स में मौजूद बीमारियां फैलाने वाली बैक्टीरिया और पैरासाइट का खात्मा हो जाता है। जो भोजन जनित बीमारियों को खत्म कर देता है। गर्मी मौसम में भोजन खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए इसे तरीके से पकाना आवश्यक होता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











