Dark Chocolate और Milk Chocolate में से क्‍या है सेहत के ल‍िए बेहतर, जानें अंतर?

Milk Chocolate vs. Dark Chocolate : बाजार में आपने डार्क और व्‍हाइट दोनों ही तरह की चॉकलेट देखी होगी। लेकिन, क्या आपको इन दोनों के बीच अंतर पता है। इन दोनों चॉकलेट में सिर्फ टेस्‍ट और कलर का ही अंतर नहीं होता है बल्कि न्‍यूट्रिशियन का भी अंतर होता है।

दोनों चॉकलेट का सेहत से भी कनेक्‍शन होता है। आज यहां हम आपको मिल्‍क चॉकलेट और डार्क चॉकलेट के बीच अंतर और इनके पोषक तत्‍वों के बारे में। ये भी जानते हैं क‍ि दोनों में से कौनसी चॉकलेट खाना सेहत के ल‍िए फायदेमंद हैं।

Which is healthier dark chocolate or milk chocolate know their health benefits in hindi

क्या होती है डॉर्क चॉकलेट

चॉकलेट को कोकोआ बीन से निकालकर कोकोआ मक्खन और कोकोआ पाउडर के साथ मिलाया जाता है। वहीं, डॉर्क चॉकलेट बनाने के लिए कोकोआ मक्खन को चीनी और कोकोआ पाउडर के साथ मिलाया जाता है। साथ ही इसमें कोकोआ मिश्रण भी मिलाया जाता है। इसमें किसी भी प्रकार से दूध नहीं मिलाया जाता है।

क्या होती है व्हाइट चॉकलेट

व्हाइट चॉकलेट में कोकोआ बटर, चीनी और दूध मिलाया जाता है। इसमें किसी भी प्रकार का चॉकलेट घोल या कोकोआ पाउडर नहीं मिलाया जाता है।

स्‍वाद में अंतर

डार्क चॉकलेट का स्वाद शुरुआत में हल्का मीठा और बाद में थोड़ा कड़वा हो सकता है। वहीं, व्हाइट चॉकलेट का स्वाद मीठा होता है।

कैलोरी काउंट

100 ग्राम मिल्क चॉकलेट में लगभग 535 कैलोरी होती हैं, जबकि इतनी ही मात्रा में डार्क चॉकलेट में लगभग 600 कैलोरी होती हैं। हालांकि, डार्क चॉकलेट की 600 कैलोरी के साथ उसमें कई पोषक तत्व भी होते हैं।

न्‍यूट्रिशियन वैल्‍यू

लगभग 70-80 प्रतिशत कोको के साथ डार्क चॉकलेट का 100 ग्राम बार, इसमें 11 ग्राम फाइबर, आयरन 67% (दैनिक खपत का), मैग्नीशियम 58% (दैनिक खपत का), कॉपर 89% (दैनिक खपत का), 98 प्रतिशत मैंगनीज (दैनिक खपत का)। इसमें पोटेशियम, फास्फोरस, जिंक और सेलेनियम भी प्रचुर मात्रा में होता है। दूसरी ओर, मिल्‍क चॉकलेट ज्यादातर दूध और चीनी का स्वाद होता है। जबकि इसमें कुछ पोषक तत्व हो सकते हैं, हालांकि डार्क चॉकलेट में पोषक तत्व ज्‍यादा होते हैं।

इतना म‍िला होता है कोकोआ पाउडर

डार्क चॉकलेट में 30 से 90 पर्सेंट तक कोकोआ मिलाया जाता है, जबकि व्हाइट चॉकलेट में 20 पर्सेंट कोकोआ बटर, 14 पर्सेंट दूध, 3.5 पर्संट मिल्क फैट और 55 पर्सेंट से कम चीनी और अन्य उत्पाद शामिल होते हैं।

दोनों को कहा होता है इस्‍तेमाल

डार्क चॉकलेट का इस्तेमाल जहां चॉकलेट सॉस और चॉकलेट ड्रिंक बनाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा सॉलिड बार बनाने में भी इसका इस्‍तेमाल होता है। वहीं, व्हाइट यानी म‍िल्‍क चॉकलेट का इस्‍तेमाल सॉलिड बार के साथ मिठाई व बेकरी के सामान में भी क‍िया जाता है।

सेहत के लिए दोनों में से क्‍या खाएं

हम कुछ भी खाते हैं, उसका असर सेहत पर पड़ता है। ऐसे में चॉकलेट खाने से भी हमारे सेहत पर असर पड़ता है। डार्क चॉकलेट से कई मायनों में शरीर के ल‍िए फायदेमंद हैं। इससे कार्डियोवस्कुलर सेहत को फायदा होता है। यानि यह आपके दिल के लिए बेहतर है। इसमें काफी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं। साथ ही यह दिमाग के फंक्शन में भी सुधार करती है। वहीं इसे खाने से मूड भी बेहतर होता है। वहीं, व्हाइट चॉकलेट में इस तरह के कोई फायदे नहीं होते हैं। हालांकि, इसमें कैफीन नहीं होता है, यानि यह उन लोगों के लिए बेहतर है, जो कैफीन को लेकर संवेदनशील होते हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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