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Chinese Garlic: बाजार में बिक रहा लैब में तैयार चायनीज लहसुन, 2014 से है बैन, ऐसे पहचानें
Is Chinese garlic safe to eat : भारत-नेपाल सीमा पर कस्टम विभाग ने 16 टन चाइनीज लहसुन (Chinese garlic) जब्त कर इसमें से 1400 क्विंटल लहसुन लैब टेस्ट में फेल होने के बाद इसे नष्ट कर दिया गया है। इसी के साथ इस लहसुन की तस्करी रोकने के लिए नेपाल सीमा में सुरक्षा बढा दी गई है। इसके अलावा हाल ही में गुजरात के राजकोट में चीन लहसुन के 30 बैग मिले थे।
आपको बता दें कि चायनीज लहसुन 2014 से ही भारत में प्रतिबंधित है, अब तस्करी के जरिए भारत में लाया जाता है। यह लहसुन सेहत के लिए काफी खतरनाक है, इसी वजह से इस पर प्रतिबंध गाया गया है। कहीं आपने भी तो गलती से बाजार से चीनी लहसुन तो नहीं खरीद लाएं? आखिर कैसे पहचानें कि आप जो लहसुन खरीद रहे हैं, वह देसी है या चायनीज लहसुन, आइए जानते हैं।

महंगाई की वजह चायनीज लहसुन की तस्करी
बता दें कि इस साल भारत में लहसुन की पैदावार काफी कम मात्रा में हुई है। जिस वजह से भारतीय बाजारों में लहसुन की कीमत 500 रुपये किलो तक पहुंच गई है। लहसुन की बढ़ती कीमतों को देख मुनाफा कमाने के लिए देश में चाइनीज लहसुन की तस्करी कर बेचा जा रहा है।
चाइनीज लहसुन आसानी से 100 से 150 रुपये में मिल जाते हैं। चाइनीज लहसुन स्वास्थ्य के लिहाज से यह काफी नुकसानदायक होते है क्योंकि इन्हें केमिकल से तैयार किया जाता है। आइए जानते हैं चायनीज लहसुन के सेवन करने से सेहत को क्या नुकसान पहुंच सकता है।
क्या है चाइनीज लहसुन? ( What is Chinese Garlic)
लहसुन को प्राकृतिक तरीके से मिट्टी और पानी के जरिए उगाया जाता है। लेकिन, चाइनीज लहसुन आर्टिफिशियल तरीके से तैयार किए जाते हैं। चाइनीज लहसुन लैब में तैयार किए जाते हैं। चाइनीज लहसुन को तैयार करने के लिए कई तरह के रंग और केमिकल्स मिलाए जाते हैं, ताकि इसको भारतीय लहसुन की तरह ही रंग और गंध दी जा सके। यही कारण है कि चाइनीज लहसुन का सेवन करना स्वास्थ्य के लिहाज से बिल्कुल भी ठीक नहीं है।
2014 में किया गया था बैन
भारत सरकार ने 2014 में चाइनीज लहसुन को बैन कर दिया था। उस समय चीन से जो लहसुन आयात किए गए थे, उसमें फंगस और संक्रमण के मामले सामने आए थे। जांच में पता चला था कि चाइनीज लहसुन में छह महीने तक फफूंद के विकास को रोकने के लिए मिथाइल ब्रोमाइड युक्त एक फफूंदनाशक से कोट किया जाता है। बड़े लहसुन के टुकड़ों के साथ लहसुन को हानिकारक क्लोरीन का उपयोग करके ब्लीच किया जाता है, ताकि चाइनीज लहसुन बाहर से असली लहसुन जैसा दिख सकें। 2014 के बाद से ही भारत में चायनीज लहसुन पर रोक लगा दी गई है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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