Latest Updates
-
Ram Navami Wishes In Hindi: भए प्रगट कृपाला दीनदयाला...इन चौपाइयों के साथ अपनों को दें राम नवमी की शुभकामनाएं -
Aaj Ka Rashifal 27 March 2026: जानें आज किन राशियों की चमकेगी किस्मत, किन्हें रहना होगा सावधान -
डायबिटीज की दवा मेटफॉर्मिन कैसे डालती है दिमाग पर असर, 60 साल बाद रिसर्च में हुआ खुलासा -
चेहरे से झाइयां हटाने के लिए शहद का इन 3 तरीकों से करें इस्तेमाल, फेस पर आएगा इंस्टेंट निखार -
चेहरे के अनचाहे बालों और मूंछों से हैं परेशान? आजमाएं ये जादुई उबटन, पार्लर जाना भूल जाएंगे -
Kamada Ekadashi 2026: 28 या 29 मार्च, कब है कामदा एकादशी? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
नवरात्रि में जन्मीं बेटियों के लिए मां दुर्गा के 108+ सबसे सुंदर नाम और उनके अर्थ, देखें लिस्ट -
Ram Navami 2026 Upay: राम नवमी पर प्रभु राम को प्रसन्न करने के लिए करें ये 5 उपाय, सुख-सौभाग्य में होगी वृद्धि -
क्या लग सकता है 'एनर्जी लॉकडाउन'? LPG से पेट्रोल तक बाबा वेंगा की 3 भविष्यवाणियां जो सच होती दिख रहीं -
Ram Navami Wishes in Marathi: राम जन्मोत्सवाच्या हार्दिक शुभेच्छा! मराठी में दें रामनवमी की शुभकामनाएं
गर्मी हो या तीखा खाते ही क्यों छूट जाता है पसीना, सेहत से कैसे जुड़े हुए हैं पसीने के तार, जानिए यहां
धूप हो या उमस में पसीना आना बहुत ही सामान्य सी बात है। लेकिन आपने कभी सोचा है कि हमें इतना पसीना क्यों आता है? कई लोगों को पसीना नहीं आता है, वहीं कुछ लोग ऐसे होते हैं जो पसीने से भीगे हुए होते है। वहीं कुछ लोगों के पसीने से बदबू भी आती है।
कभी आपने सोचा है अलग-अलग पसीने के पीछे क्या लॉजिक हो सकता है और पसीना आना या न आना सेहत से किस तरह जुड़ा है। आइए जानते हैं आज यहां, शरीर से पसीना क्यों निकलता है, ये सेहत के लिए अच्छा है या बुरा, कितना सही है पसीना निकलना।

शरीर से पसीना क्यों निकलता है?
शरीर एक मशीन की तरह है। जब भी हम ज्यादा मेहनत वाला कोई काम करते हैं तो हमारा शरीर गर्म होने लगता है, जैसे देर तक चलना या वर्कआउट करना। जिस तरह किसी मशीन के गर्म होने पर उसे ठंडा करना जरुरी होता है। वैसे ही शरीर को ठंडा करने के लिए पसीना आना जरूरी होता है।
पसीना ग्लैंड्स से पानी के रूप में स्किन के जरिए बाहर निकलता है, जो इवोपरेट होता है। इससे शरीर को ठंडक मिलती है। इसी की वजह से हम गर्मी में लू से बचते है।
तीखा खाने पर आता है पसीना
कई लोगों को तीखा मसालेदार खाना खाते ही पसीना आने लगता है। कई लोगों को नार्मल खाना खाते समय भी पसीना आने की दिक्कत रहती है। अक्सर लोग इसे नज़रअंदाज़ करते हैं, लेकिन ये समस्या परेशानी बन सकती है। खाते समय पसीना आना हाइपरहाइड्रोसिस की बीमारी होने का खतरा है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो डॉक्टर से सलाह लें ।
टॉक्सिक पदार्थ बाहर निकलते हैं
पसीने के जरिए शरीर से टॉक्सिक पदार्थ बाहर निकलकर शरीर को डिटॉक्सिफाई करता है। पसीने में नमक, चीनी के अलावा यूरिया, अमोनिया, कोलेस्ट्रॉल और अल्कोहल जैसे पदार्थ होते हैं। जो शरीर से निकलकर शरीर को अंदर से क्लीजिंग करता है और इससे शरीर के अंग बेहतर तरीके से काम करते हैं।
इम्यून सिस्टम होता है मजबूत
रोजाना वर्कआउट करके पसीना बहाने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। इससे शरीर रोगों से लड़ने के लिए तैयार रहता है।
वेटलॉस होता है
आपको जितनी जल्दी पसीना आएगा, आपका उतनी जल्दी वेटलॉस होगा। आप जो भी काम करते हैं, तो आपकी कैलोरी बर्न होती है, नतीजन आपको पसीना आने लगता है।
ग्लोइंग स्किन के लिए पसीना है जरुरी
पसीना निकलने से स्किन पर चमक आ जाती है। दरअसल, पसीने से स्किन के पोर्स खुलते हैं। और अंदरूनी त्वचा में जमा टॉक्सिक पदार्थ पसीने के जरिए बाहर निकल जाते हैं। इससे स्किन हेल्दी और ग्लोइंग रहती हैं।
पसीना नहीं आना है परेशानी की बात?
- सर्दी में पसीना आना लो ब्लड प्रेशर का संकेत है।
- ठंड में पसीना आने का कारण शरीर में शुगर लेवल की कमी भी है।
- पसीना न आने पर शरीर का तापमान बढ़ने लगता है। जिसकी वजह से कई सारी दिमाग, लिवर, लंग्स डैमेज हो सकते हैं। क्योंकि शरीर का टेम्परेंचर बैलेंस नहीं हो पाता है।
- अगर एक्सरसाइज और कड़ी मेहनत के बाद भी पसीना नहीं आता, हार्ट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
-अगर आपको पसीना नहीं आता है, तो इस स्थिति को मेडिकल टर्म में एन्हीड्रोसिस या हाइपोहीड्रोसिस के नाम से जाना जाता है। इसमें डॉक्टर से बात करें। ये स्थिति गंभीर समस्या भी बन सकती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











