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Dussehra 2024: गुजरात में दशहरे पर क्यों खाई जाती है जलेबी और फाफड़ा? जानें वजह
गुजरात में जहां एक तरफ नवरात्रि के दौरान पारंपरिक नृत्य गरबा खेलकर मां को प्रसन्न किया जाता हैं। वहीं विजयादशमी पर यहां फाफड़ा-जलेबी खाने का रिवाज है। अहमदाबाद, सूरत सहित राज्यभर में विजया दशमी के मौके पर लोग चाव से इन चीजों को खाते हैं और खिलाते हैं।
हालांकि गुजरात में दशहरा पर फाफड़ा-जलेबी खाने की परम्परा वर्षों पुरानी चली आ रही है। वैसे तो आम दिनों में गुजराती फाफड़ा खाना पसंद करते हैं लेकिन दशहरा के दिन इसकी विशेष रूप से बिक्री होती है। लोग इस दिन जलेबी और फाफड़ा खाते हैं, आइए जानते हैं इसके पीछे का वैज्ञानिक और धार्मिक महत्व।

यह है मान्यता
मान्यतानुसार भगवान राम को शशकुली नामक मिठाई बहुत पसंद थी जिसे अब लोग जलेबी के नाम से जानते हैं। रावण वध के बाद अपनी जीत की खुशी उन्होंने जलेबी खाकर मनाई थी। यही वजह है कि रावण दहन के बाद भगवान राम की जीत का जश्न मनाने के लिए हर कोई जलेबी का आनंद लेता है।
मान्यता के अनुसार, श्री हनुमान जी अपने प्रिय भगवान राम के लिए बेसन से बने फाफड़ा के साथ गरम जलेबी तैयार करते थे। दशहरे के दिन इस विशेष जोड़ी को खाने से व्रत समाप्त करने की परंपरा मानी जाती है। इसी धार्मिक आस्था के तहत लोग दशहरे पर जलेबी और फाफड़ा खाते हैं।
इसके पीछे का विज्ञान समझे
दशहरे पर जलेबी-फाफड़ा खाने के पीछे वैज्ञानिक तथ्य भी है। दरअसल, दशहरा ऐसे मौसम में पड़ता है जब दिन गर्म और रातें ठंडी होती हैं। साइंस के मुताबिक इस मौसम में जलेबी का सेवन करना अच्छा माना जाता है। गर्म जलेबी कुछ हद तक माइग्रेन का इलाज करने में कारगार है। वहीं, इससे आप बैड कार्ब्स से भी बचे रहते हैं।
इतिहास में मिलता जलेबी का जिक्र
इतिहास में भी जलेबी के अलग-अलग नामों से उल्लेख मिलता है। जैसे:
कर्णशष्कुलिका: पुराने जमाने में जलेबी को कर्णशष्कुलिका कहा जाता था।
कुण्डलिनि: 17वीं सदी के मराठा ब्राह्मण रघुनाथ ने इसे कुण्डलिनि के नाम से उल्लेखित किया है।
शश्कुली: भोजनकुतूहल नामक किताब में जलेबी का एक अन्य नाम शश्कुली बताया गया है, और ऐसा कहा जाता है कि जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ, तब पूरे राज्य में जलेबी बंटवाई गई थी। इस तरह जलेबी और फाफड़ा का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व दशहरे के समय इसे खाने की परंपरा को मजबूत करता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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