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भारत में महिलाओं से ज्यादा पुरुष क्यों गंवा रहे हीटस्ट्रोक से जान? एनसीआरबी की रिपोर्ट में हुआ खुलासा
Heat Stroke Risk: उत्तर भारत में हाल के दिनों में हुई बारिश और आंधी ने भीषण गर्मी से कुछ राहत जरूर दी है, लेकिन पिछले महीने कई राज्यों में तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच गया था। उत्तर प्रदेश के बांदा में पारा 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे हीटस्ट्रोक और गर्मी से जुड़ी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ गया। इसी बीच एनसीआरबी की एक रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हीटस्ट्रोक से महिलाओं की तुलना में पुरुष अधिक प्रभावित होते हैं और इससे होने वाली मौतों में भी उनकी संख्या ज्यादा है।

हीटस्ट्रोक कितना खतरनाक होता है?
हीटस्ट्रोक, जिसे आम भाषा में लू लगना कहा जाता है, तब होता है जब तेज गर्मी के कारण शरीर अपना तापमान नियंत्रित नहीं कर पाता। यह एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है, जिसमें शरीर का तापमान तेजी से बढ़ जाता है। समय पर इलाज न मिलने पर बेहोशी, चक्कर, दौरे और शरीर के अंगों के काम करना बंद करने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती गर्मी और जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया भर में हीटस्ट्रोक के मामले और इससे होने वाली मौतें लगातार बढ़ रही हैं।
भारत में बढ़ रहे हीटस्ट्रोक के मामले
भारत में बढ़ती गर्मी के साथ ही हीटस्ट्रोक से होने वाली मौतों के मामले भी बढ़ रहे हैं। एनसीआरबी के अनुसार, साल 2024 में लू के कारण 1,832 लोगों की मौत दर्ज की गई, जो पिछले दो दशकों के सबसे गंभीर आंकड़ों में से एक है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक पड़ने वाली भीषण गर्मी इसके पीछे बड़ी वजह है।
पुरुषों पर क्यों ज्यादा असर पड़ रहा है?
एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक, हीटस्ट्रोक से महिलाओं की तुलना में पुरुषों की मौतें अधिक होती हैं। इसकी एक वजह यह है कि खेती, निर्माण कार्य, फैक्ट्री और डिलीवरी जैसी आउटडोर नौकरियों में पुरुषों की संख्या ज्यादा है, जहां उन्हें घंटों धूप में काम करना पड़ता है।
शरीर की बनावट भी बनती है कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, पुरुषों में मांसपेशियां और मेटाबॉलिज्म अपेक्षाकृत अधिक होता है, जिससे शारीरिक मेहनत के दौरान शरीर ज्यादा गर्मी पैदा करता है। अत्यधिक गर्म और उमस भरे मौसम में यह जोखिम और बढ़ जाता है।
लापरवाही पड़ सकती है भारी
सिरदर्द, चक्कर, कमजोरी या ज्यादा पसीना आने जैसे शुरुआती लक्षणों को कई लोग नजरअंदाज कर देते हैं। समय पर आराम और पानी न मिलने पर यही स्थिति हीटस्ट्रोक का रूप ले सकती है।
किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत?
कम पानी पीना, धूम्रपान, शराब का सेवन, मोटापा, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं भी हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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