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Harissa : सर्दियों में ठंड से लड़ने की ताकत देता है यह कश्मीरी डिश, जानें इसकी खासियत
Harissa : कश्मीर की मशहूर डिश हरीसा एक ऐसी ट्रेडिशनल डिश है, जिसे सर्दियों के दौरान खाया जाता है। इस नॉनवेज डिश के बारे में कहा जाता है कि सर्दियों के मौसम में शरीर को गर्म रखने के लिए लोग इसे खाते हैं। इस रेसिपी को कश्मीरी टचोट के नाम से भी जानते हैं।
बताया जाता है कि इस रेसिपी को मुगल काल में बनाया जाता था, जो फिलहाल अब कश्मीर की खास डिश बन चुकी है और इसे बनने में करीब 15 से 17 घंटे यानी लगभग पूरा दिन लगता है। अगर आप नॉनवेजिटेरियन हैं और मटन खाने के शौकीन हैं तो कश्मीरी हरीसा एक बार जरूर ट्राई करना चाहिए।

तो चलिए जानते हैं इस डिश को खाने के फायदे और इसकी खासियत
हरीसा की खासियत
कश्मीर में हर कोई सर्दियों में इसे जरुर खाता है। दरअसल हरीसा मीट को बनाने के लिए कश्मीरी केसर, सुगंधित मसाले, इलायची, लहसुन, दालचीनी, नमक, चावल के साथ-साथ दूध का भी इस्तेमाल होता है। सबसे पहले चावल बनाया जाता है और फिर मसालों के साथ मिलाकर इसमें बिना हड्डियों वाला मटन डाला जाता है। इसे एक बड़े मिट्टी के बर्तन में बनाया जाता है। लोग इसे कश्मीरी ब्रेड (लोवासा) के साथ बड़े चाव के साथ खाते हैं।
रातभर भाप से पकाया जाता है
हरीसा कश्मीर में सर्दियों के नाश्ते में खाया जाता है। मटन और मसालों से बना एक शानदार व्यंजन। इसे मिट्टी के एक बर्तन में रखकर ज़मीन के नीचे भाप से रातभर पकाया जाता है। कड़कड़ाती ठंड के पांच महीनों में यह डिश बेहद लोकप्रिय है। इस मौसम में शरीर को गर्माहट के साथ अतिरिक्त कैलोरी चाहिए होती है। हरीसा से ये दोनों चीज़ें मिलती हैं।

दर्द से भी मिलती है राहत
हरीसा मीट बनाने में कई घंटे लगते हैं। कैलोरी और प्रोटीन से भरपूर हरीसा मीट आसानी से पच जाता है। कहा जाता है कि जिन लोगों को शरीर में ठंड से दर्द होता है, उन्हें हरीसा खाने से दर्द से राहत मिलती है और कई अन्य बीमारियों से भी बचाव होता है।
ऐसे बनाया जाता है
कश्मीरी हरीसा बनाने के लिए मिट्टी के बर्तन में मटन को हल्की आंच पर धीरे-धीरे तब तक पकाया जाता है कि जब तक मीट हड्डियों से अलग न होन लगे, यानी छूने पर ऐसा टेक्सचर होना चाहिए कि हाथों से मसला जा सके। जब मटन पूरी तरह पक जाता है तो सावधानी के साथ हड्डियों को अलग किया जाता है। पके हुए नरम मटन में अब चावल के पेस्ट को डाला जाता है, इसके साथ ही सौंफ, इलायची जैसे मसाले को डालने के बाद इसे तब तक कूटा जाता है कि जब तक यह पूरी तरह से एक स्मूथ पेस्ट न बन जाए। इसके बाद इसे तले हुए क्रिस्प प्याज से गार्निश किया जाता है और कश्मीरी ब्रेड के साथ परोसा जाता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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