Latest Updates
-
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स -
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया
गर्मी में बीपी हाई और लो क्यों होता है? डॉ. शालिनी सिंह सोलंके से जानें कारण व बचाव के 5 जरूरी टिप्स
How to control BP in summer: अक्सर आपने देखा, सुना या महसूस किया होगा की चिलचिलाती गर्मी में बहुत से लोदों का ब्लड प्रेशर (BP) हाई या लो हो जाता है। कई बार तो हालत इतनी खराब हो जाती है कि अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आ जाती है। भीषण गर्मी और 45 डिग्री के पार जाता पारा न केवल हमारी ऊर्जा सोख लेता है, बल्कि यह हमारे दिल और रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) पर भी भारी दबाव डालता है। अक्सर लोग गर्मी में होने वाली बेचैनी को मामूली थकान समझकर टाल देते हैं, लेकिन यही लापरवाही हार्ट अटैक या स्ट्रोक का कारण बन सकती है। डॉ. शालिनी सिंह सोलंके के अनुसार, गर्मी के मौसम में हमारा रक्तचाप (BP) किसी रोलर-कोस्टर की तरह ऊपर-नीचे हो सकता है। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर धूप और गर्मी हमारे शरीर के साथ कैसे 'खेल' खेलते हैं और वे कौन सी आम गलतियां हैं जो हमें अस्पताल पहुंचा सकती हैं।

आखिर गर्मी में क्यों बिगड़ता है ब्लड प्रेशर का गणित?
डिहाइड्रेशन और खून का गाढ़ा होना
पसीने के कारण शरीर में पानी कम होने से 'ब्लड वॉल्यूम' घट जाता है, जिससे लो बीपी होता है। वहीं, पानी की कमी से खून गाढ़ा होने पर दिल को उसे पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जो हाई बीपी का कारण बनता है।
रक्त वाहिकाओं का फैलना
शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए नसों को फैला देता है। इससे रक्त का प्रवाह धीमा हो जाता है और अचानक लो बीपी की वजह से चक्कर आने लगते हैं।
हृदय गति में वृद्धि
शरीर के आंतरिक तापमान को नियंत्रित करने के लिए दिल को बहुत तेज धड़कना पड़ता है, जो हार्ट के मरीजों के लिए जोखिम भरा है।
इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन
पसीने के साथ सोडियम और पोटेशियम निकल जाने से शरीर में कमजोरी और बीपी में भारी गिरावट आती है।
दवाओं का बदलता असर
बीपी की दवा ले रहे मरीजों पर गर्मी के कारण दवा का असर बहुत गहरा हो सकता है, जिससे बीपी अचानक डेंजर जोन में गिर सकता है।
| बीपी की स्थिति | प्रमुख संकेत (Symptoms) |
| हाई बीपी (High BP) | तेज सिरदर्द, सीने में भारीपन, धुंधला दिखाई देना या नाक से खून आना। |
| लो बीपी (Low BP) | आंखों के आगे अंधेरा छाना, हाथ-पांव ठंडे पड़ना, चक्कर और बेहोशी। |
सावधान! गर्मी में भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां (Expert Tips)
डॉ. शालिनी सिंह सोलंके के अनुसार, हम अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां करते हैं जो हमारे बीपी को अनियंत्रित कर देती हैं:
गलती 1: सिर्फ सादा पानी पीना - केवल पानी पीने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी नहीं होती। सादे पानी के साथ नींबू पानी, नारियल पानी या ओआरएस (ORS) जरूर लें।
गलती 2: पीक आवर्स में बाहर निकलना - दोपहर 12 से 4 बजे के बीच धूप सबसे घातक होती है। इस समय बाहर निकलना सीधे आपके बीपी और दिल पर हमला करने जैसा है।
गलती 3: अधिक चाय-कॉफी का सेवन - कैफीन शरीर को और भी ज्यादा डिहाइड्रेट करता है, जिससे बीपी के मरीजों की स्थिति बिगड़ सकती है।
गलती 4: खाने में अधिक नमक का प्रयोग - भोजन के साथ अचार, पापड़ या ऐसी ड्रिंक्स लेना जिनमें नमक (सोडियम) ज्यादा हो, हाई बीपी को तुरंत ट्रिगर कर सकता है।
गलती 5: धूप में हैवी एक्सरसाइज - कड़ी धूप में वर्कआउट करने से शरीर का तापमान और बीपी अचानक शूट कर सकता है, जो हार्ट स्ट्रोक का कारण बन सकता है।
सुरक्षित रहने के पुख्ता उपाय
हाइड्रेशन: हर घंटे पानी पिएं, चाहे प्यास न भी लगी हो।
सही डाइट: हल्के और रसीले फल जैसे तरबूज, खीरा और खरबूजा खाएं।
नियमित जांच: अगर आप बीपी के मरीज हैं, तो गर्मी में बार-बार अपना ब्लड प्रेशर चेक करते रहें।
ठंडा वातावरण: जितना संभव हो ठंडी और छायादार जगह पर रहें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।
हाँ, नारियल पानी पोटेशियम का बेहतरीन स्रोत है जो ब्लड प्रेशर को प्राकृतिक रूप से संतुलित रखने में मदद करता है। हालांकि, यदि आपको किडनी की समस्या है, तो डॉक्टर से पूछकर ही लें।
नहीं, चिलचिलाती धूप से आने के तुरंत बाद बहुत ठंडा पानी पीने से शरीर के तापमान में अचानक बदलाव (Temperature Shock) आता है, जो बीपी को फ्लक्चुएट कर सकता है। सामान्य या मटके का पानी पिएं।
सामान्य पसीना शरीर को ठंडा रखता है, लेकिन अगर पसीना ठंडा आ रहा है और साथ में सीने में भारीपन या घबराहट है, तो यह 'साइलेंट हार्ट अटैक' का संकेत हो सकता है। इसे नजरअंदाज न करें।



Click it and Unblock the Notifications