सीने का दर्द कब बन सकता है जानलेवा? हार्ट अटैक और गैस के दर्द के बीच समझें फर्क

Heart Attack vs Gas pain Symptoms: अक्सर लोगों को सीने में दर्द की शिकायत रहती है जिसे गैस का दर्द समझकर दवाई खाना और घरेलू उपाय करना आम बात है। लेकिन भारत के कई हिस्सों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है। भीषण गर्मी और लू (Heatwave) के कारण न केवल डिहाइड्रेशन, बल्कि दिल से जुड़ी समस्याओं का जोखिम भी बढ़ गया है। ऐसे में हार्ट अटैक का खतरा भी बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। अक्सर इस मौसम में लोग सीने में होने वाली बेचैनी को 'गैस' या 'एसिडिटी' समझकर ठंडे पानी या नींबू पानी का सहारा लेकर टाल देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अत्यधिक गर्मी में पसीना आना, घबराहट होना और सीने में भारीपन सिर्फ गैस नहीं, बल्कि हार्ट अटैक का शुरुआती संकेत भी हो सकता है? गर्मी के इस मौसम में गैस के मामूली दर्द और हार्ट अटैक के गंभीर लक्षणों के बीच का फर्क समझना आपकी जान बचा सकता है।

हार्ट अटैक बनाम गैस का दर्द: मुख्य अंतर

अक्सर हार्ट अटैक के दर्द को लेकर लोग भ्रमित हो जाते हैं क्योंकि दोनों ही स्थितियों में सीने में बेचैनी महसूस होती है। लेकिन इनके लक्षणों की प्रकृति बहुत अलग होती है जिनके बारे में हम आपको नीचे बताने जा रहे हैं ताकि आप समय रहते लक्षण पहचान लें और अपनी या अपने चाहने वालों की जांच बचा लें।

1. हार्ट अटैक के दर्द के लक्षण

दर्द की प्रकृति: सीने के बीचों-बीच भारी दबाव, निचोड़ने जैसा अहसास या ऐसा लगना जैसे किसी ने छाती पर भारी पत्थर रख दिया हो।

दर्द का फैलना: यह दर्द अक्सर सीने से निकलकर आपके बाएं हाथ, गर्दन, जबड़े, पीठ या दोनों कंधों तक फैल जाता है।

पसीना और घबराहट: बिना किसी शारीरिक मेहनत के अचानक ठंडा पसीना आना और तेज घबराहट होना हार्ट अटैक का सबसे बड़ा रेड सिग्नल है।

सांस लेने में तकलीफ: लेटने या बैठने पर भी सांस फूलना।

2. गैस दर्द और एसिडिटी के लक्षण

चुभन वाला दर्द: गैस का दर्द अक्सर 'शार्प' या सुई की चुभन जैसा महसूस होता है।

स्थान परिवर्तन: गैस का दर्द पेट के ऊपरी हिस्से से शुरू होकर सीने तक जा सकता है, लेकिन यह हाथों या जबड़ों में नहीं फैलता।

खट्टी डकारें: मुंह में खट्टा पानी आना, पेट फूलना (Bloating) और बार-बार डकार आना।

पोजीशन बदलने पर आराम: टहलने या डकार आने के बाद दर्द में अक्सर राहत महसूस होती है।

हार्ट अटैक का संदेह हो तो आपातकालीन स्थिति (First-Aid): सबसे पहले क्या करें?

तुरंत एम्बुलेंस बुलाएं: समय बर्बाद न करें। 'गोल्डन ऑवर' (पहले 60 मिनट) में इलाज मिलना जान बचा सकता है।

एस्पिरिन (Aspirin): यदि डॉक्टर ने मना न किया हो, तो एक एस्पिरिन की गोली चबाकर निगल लें। यह खून के थक्के को जमने से रोकने में मदद करती है।

आरामदायक स्थिति: मरीज को जमीन पर टिका कर बैठा दें ताकि दिल पर कम दबाव पड़े। कपड़े ढीले कर दें।

खुद ड्राइव न करें: अस्पताल जाने के लिए कभी भी खुद गाड़ी न चलाएं।

अगर गैस का दर्द महसूस हो तो क्या करें?

थोड़ा टहलें: हल्का चलने-फिरने से फंसी हुई गैस शरीर से बाहर निकलने में मदद मिलती है।

ठंडा दूध या एंटासिड: यदि जलन अधिक है, तो आधा कप ठंडा दूध या कोई एंटासिड सिरप/गोली लें।

अदरक या हींग: हल्के गुनगुने पानी के साथ हींग या अदरक का सेवन गैस में राहत देता है।

हीटवेव (Heatwave) के दौरान बचाव के उपाय

हाइड्रेटेड रहें: गर्मी में खून गाढ़ा हो सकता है, जिससे क्लॉटिंग का खतरा बढ़ता है। हीटवेव से बचने के लिए पर्याप्त पानी पिएं।

धूप से बचें: दोपहर 12 से 4 के बीच बाहर निकलने से बचें। अत्यधिक गर्मी दिल की धड़कन तेज कर सकती है।

हल्का भोजन: इस मौसम में अधिक तेल-मसाले वाला भोजन गैस और दिल की बीमारियों दोनों को न्योता देता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Desktop Bottom Promotion