Latest Updates
-
कौन हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम? जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए किया गया नॉमिनेट -
सुबह खाली पेट भीगी हुई किशमिश खाने से सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे, कब्ज से लेकर एनीमिया से मिलेगी राहत -
Rabindranath Tagore Jayanti 2026 Quotes: रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के मौके पर शेयर करें उनके ये अनमोल विचार -
Aaj Ka Rashifal 7 May 2026: आज धनु और कर्क राशि के लिए बड़ा दिन, पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल -
Aaj Ka Rashifal 6 May 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान -
Mother's Day पर मां का मुंह कराएं मीठा, बिना ओवन और बिना अंडे के घर पर तैयार करें बेकरी जैसा मैंगो केक -
Budh Nakshatra Gochar 2026: 7 मई से बुध का भरणी नक्षत्र में गोचर, इन 3 राशियों की खुलेगी सोई हुई किस्मत -
World Athletics Day 2026: 7 मई को ही क्यों मनाया जाता है 'विश्व एथलेटिक्स दिवस'? जानें इतिहास और महत्व -
Mother's Day 2026 पर मां को दें प्यार भरा सरप्राइज, आपके लिए लाए हैं 1,000 से कम में ये 5 गिफ्ट आइडियाज -
गर्मी में बीपी हाई और लो क्यों होता है? डॉ. शालिनी सिंह सोलंके से जानें कारण व बचाव के 5 जरूरी टिप्स
महिलाओं को जरुर पता होनी चाहिये मेनोपॉज से जुड़ी ये जरुरी बातें
महिलाओं में जब मासिकधर्म पूरी तरह से समाप्त हो जाता है तब उसे मेनोपॉज यानी रजोनिवृत्ति कहते हैं। रजोनिवृत्ति 45 से 55 साल के बीच की उम्र में होता है। रजोनिवृत्ति होने पर स्त्री के शरीर में शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के पविर्तन हो जाते हैं।
READ: रजोनिवृत्ति के संकेत और लक्षण
महिलाओं को जब मेनोपॉज होता है तब उन्हें अपने हार्मोनल लेवल में हो रहे परिवर्तन को जांचने के लिये ब्लड और यूरीन टेस्ट जरुर करवाना चाहिये। इससे आराम से कई बड़ी बड़ी समस्याओं और बीमारियों का पता पहले ही लगाया जा सकता है।
मेनोपॉज के लक्षण हर महिला में अलग-अलग दिखाई देते हैं। किसी में अचानक मासिक धर्म आना बंद हो जाता है तो किसी में यह प्रक्रिया 1-2 साल तक चलती है। कई मामलों में तो देखा गया है कि कुछ महिलाओं को 45 कि उम्र से पहले ही मेनोपॉज आ जाता है।
READ: रजोनिवृति के समय ना खाएं ये खाद्य पदार्थ
मेनोपॉज के कई लक्षण हैं जैसे, नींद न आना, रात को बेचैनी और पसीना आना, शरीर के अलग अलग भागों में दर्द रहना, चिड़चिड़ापन और मन उदास रहना, चिंता, थकान, सेक्स में रुचि न लेना, योनि में सूखापन और बालों का झड़ना आदि। अगर आप भी यह सब परिवर्तन महसूस करने लगी हैं तो अपने डॉक्टर से जरुर मिलें।
आइये अब मेनोपॉज के बारे में कुछ ऐसी बातें जानते हैं, जिसे हर महिला को जरुर जाननी चाहिये।

एक साल तक माहवारी न होना
मेनोपॉज का मतलब है कि अब ओवरीज़ इस्ट्रोजेन नामक हार्मोन का प्रोडक्टशन नहीं कर रही हैं। तो ऐसे में अगर एक साल तक माहवारी ना हो तो, वो मेनोपॉज कहलाता है।

मेनोपॉज कब होता है
ज्यादातर महिलाओं को मेनोपॉज 51 तक की उम्र तक हो जाता है।

मेनोपॉज के लक्षण
हर महिला में इसके लक्षण अलग अलग होते हैं। लेकिन सबसे आम लक्षण है मोटापा बढ़ना और बहुत अधिक पसीना आना।

हड्डियां बन जाती हैं कमज़ोर
स्टडी बताती है कि कुछ महिलाओं में मेनोपॉज के बाद हड्डियां भी कमजोर हो जाती हैं इसलिये आपको अपने और अपनी बेटी के आहार में दूध, चीज़, दही अंडे आदि शामिल करने चाहिये जिससे हड्डियों को कैल्शियम प्राप्त हो सके।

हो सकता है दिल का रोग
एक नई केस स्टडी में मेनोपॉज और दिल की बीमारी का लिंक साफ निकल कर आया है। जिन महिलाओं को मेनोपॉज हो चुका है उन्हें अपनी लाइफस्टाइल को सुधारना चाहिये जिससे उनका दिल हमेशा मजबूत बना रहे।

लाइफस्टाइल में करें सुधार
एक अच्छी दिनचर्या आपके दिमाग को शांत कर के आपके सभी लक्षणों को मिटा सकती है।

मेनोपॉज से होता है सिरदर्द
हार्मोन में बदलाव और मूड स्विंग की वजह से सिरदर्द भी होने लगता है। लेकिन धीरे धीरे यह भी चला जाता है।

नींद होती है खराब
रात को पसीना आना, बेचैनी और तनाव की वजह से महिलाओं की नींद खराब हो जाती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो डॉक्टर से मिलना ना भूलें।



Click it and Unblock the Notifications