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10 बातें जो आपको PCOS के बारे में नहीं मालूम
आजकल लड़कियों में बड़ी ही छोटी उम्र से पीसीओएस(PCOS) यानि की पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम की समस्या देखने को मिल रही है। चिंता की बात यह है कि कई सालों पहले यह बीमारी केवल 30 के ऊपर की महिलाओं में ही आम होती थी, लेकिन आज इसका उल्टा ही देखने को मिल रहा है।
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पीसीओएस(PCOS) तब होता है जब सेक्स हार्मोन में असंतुलन पैदा हो जाता है। हार्मोन्स में जऱा सा भी बदलाव मासिक धर्म चक्र पर तुरंत असर डालता है। इस कंडीशन की वजह से ओवरी में छोटा अल्सर(सिस्ट) बन जाता है।
अगर यह समस्या लगातार बनी रहती है तो न केवल ओवरी और प्रजनन क्षमता पर असर पड़ता है बल्कि यह आगे चल कर कैंसर का रुप भी ले लेती है। आइये जानते हैं पीसीओएस के बारे में कुछ ऐसी बातें जो शायद आपको नहीं पता हैं।

1. अच्छे से चेक अप करायें
आज दुनिया भर में महिलाओं में पीसीओएस की समस्या देखने को मिल रही है। हालांकि इस बीमारी की वजह आज तक सामने नहीं आई है। फिर भी विज्ञान की माने तो यह बीमारी महिलाओं में जल्दी पकड़ में नहीं आती है। इसलिए अगर आपको अनियमित मासिक धर्म, चेहरे पर बाल या मूड स्विंग्स की समस्या है तो तुरंत अपना चेक अप करें।

2. मधुमेह
मीठा भी सेहत के लिये खराब माना जाता है। इस बीमारी के पीछे डायबिटीज भी एक कारण हो सकता है। अपने खाने पीने में हरी-पत्तेदार सब्जियों को शामिल करें और जितना हो सके उतना फल खाएं।

3. अवसाद
कई महिलाओं को यह पता ही नहीं होता है कि अवसाद यानी डिप्रेशन से भी पीसीओएस की परेशानी होती है। अगर आपको नींद आने में दिक्कत और आराम नहीं कर पाती हैं तो यह डिप्रेशन के शुरुआती लक्षण हैं। इसलिए तुरंत अपने डॉक्टर से मिलें।

4. ना करें डॉक्टर को इगनोर
इसमें कोई शर्म की बात नहीं है कि आपको पीसीओएस की परेशानी है। अगर आपको इसके लक्षण दिख रहें हैं। तो तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाएँ और इसका पूरा इलाज करें। लगातार इसका इलाज करने से इससे बचा जा सकता।

5. आप अभी भी गर्भ धारण कर सकती हैं
पीसीओएस होने का यह मतलब नहीं है, कि आप गर्भधारण नहीं कर सकती हैं। यह जरुर है कि पीसीओएस से ग्रसित महिलाएं में गर्भधारण करने में मुश्किलें आती हैं, लेकिन यह असंभव नहीं है।

6. आहार और व्यायाम बहुत जरूरी
जितनी आपकी दवाई जरुरी है पीसीओएस से लड़ने के लिए। उतना ही आपका आहार और व्यायाम भी, अपने भोजन में हाई प्रोटीन वाला भोजन लें साथ ही लहसुन, अदरक और तुलसी खाएं इससे आपका इंसुलिन का स्तर ठीक रहेगा। और 30 मिनट पैदल टहलने से आपका ब्लड सर्कुलेशन भी अच्छा रहेगा।

7. पीसीओएस से माँ के दूध पर भी असर होता है
चिकित्सा विज्ञान ने यह बताया है कि पीसीओएस की परेशानी से होने वाला हार्मोन असंतुलन, की वजह से माँ के दूध बनाने पर असर होता है। लेकिन कई महिलाएं हैं जो पीसीओएस से ग्रसित होने के बावजूद बच्चे को अपना दूध पिला सकती हैं। इसलिए जब आप गर्भ धारण करें तो अपने डॉक्टर से सलहा जरुर लें।

8. पीसीओएस पूरे जीवन नहीं रहता है
पीसीओएस को अगर समय रहते ठीक कर दिया जाए तो यह पूरी ज़िन्दगी नहीं रहता है। समय से दवा और स्वस्थ जीवन शैली से पीसीओएस का ठीक किया जा सकता है।

9. कम वजन पीसीओएस से छुटकारा दिला सकता है
ज्यादा वसा युक्त भोजन, व्यायाम की कमी और जंक फूड का सेवन तेजी से वजन बढ़ाता है। अत्यधिक चर्बी से एस्ट्रोजन हार्मोन की मात्रा में बढ़ोतरी होती है, जो ओवरी में सिस्ट बनाने के लिए जिम्मेदार माना जाता है। इसलिए वजन घटाने से इस बीमारी को बहुत हद तक काबू में किया जा सकता है।

10. आप अकेली नहीं हैं
पीसीओएस महिलाओं में आम समस्या है, यह आज कल की व्यस्त जीवन शैली और ख़राब खाने की वजह से है। लेकिन दवाई और चीनी कम खाने से इसे नियंत्रण में किया जा सकता।



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