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पीरियड्स से जुडे़ ये फैक्ट कर सकते हैं आपको शॉक
मासिक धर्मी समय का नाम सुनते ही आपकी पहली प्रक्रिया बहुत सुखद नहीं होगी। कुछ महिलाओं के लिए यह समय ठीक रहता है पर ज़्यादातर महिलाएं इस समय काफी पीड़ा सहती हैं। मर्द इस बात को लेकर उत्सुक रहते हैं कि आखिर इस समय महिलाओं के साथ क्या होता है।
इसके साथ ही वह अपनी बीवी से दूरी बना कर रहते हैं। एक शोध से पता चलता है कि जब महिलाएं मासिक धर्म से गुज़र रही होती हैं तो वह टेस्टोस्टेरोन के बढे हुए स्तर के कारण पुरुषों की तरह बर्ताव करती हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि वह विशिष्ट रूप से पुरुष की तरह कार्य करती हैं।
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वज़न कम से लेकर मनोदशा में परिवर्तन और चिड़चिड़ापन, यह सब मासिकधर्म के हिस्से हैं। ज़्यादातर क्योंकि इसके बारे में खुलकर बात नहीं होती इस बात को लेकर भ्रम है कि महिलाएं अपने शरीर चक्र को लेकर अनभिज्ञ क्यों रहती हैं।
कुछ और रोचक बातें हैं जो आपको मासिकधर्म के बारे में जानना चाहिए। इसलिए आगे पढ़िए क्योंकि हम यहां पर मासिकधर्म को लेकर कुछ दिलचस्प बातें बताएँगे

मासिकधर्म आपको उत्तेजित करता है
इस समय एक महिला के शरीर में काम प्रोजेस्टेरोन की उत्पत्ति होती है, यह कामेच्छा को कम करता है पर फिर भी महिलाएं काम को लेकर लालसा रख सकती हैं। यह मासिकधर्म से जुड़ी हुई ऐसी बात है जो ज़्यादा लोग नहीं जानते हैं।

मासिकधर्म में बहुत खून बर्बाद नहीं होता
ऐसा माना जाता है कि मासिकधर्म के समय हमारा कुछ ज़्यादा खून बर्बाद होता है। हालांकि, सच यह है कि पूरे मासिकधर्म में दो बड़े चम्मच से ज़्यादा खून या खून का थक्का नहीं निकलता।

टैम्पन का इस्तमाल कर कुंवारी बानी रह सकती हैं
एक महिला टैम्पन का इस्तमाल कर कुंवारी बानी रह सकती है क्योंकि इससे उसका योनिच्छद नहीं फटता। जब एक महिला सेक्स करती है तो वह कुंवारी नहीं रह जाती।

मासिकधर्म 12 साल से शुरू होता है
वह समय गया जब लड़कियों का मासिकधर्म तरह से उन्नीस वर्ष की आयु में शुरू होता था। आजकल ज़्यादातर लड़कियों का मासिकधर्म 12 साल में शुरू हो जाता है और यह 50 साल तक चलता है।

मासिकधर्म से आपकी आवाज़ बदल जाती है
एक शोध से पता चला है कि पुरुष महिला की आवाज़ सुनकर यह समझ जाते हैं कि उसका मासिकधर्म चल रहा है। ऐसा कहते हैं कि महिला की आवाज़ इस समय सामान्य से ज़्यादा डरावनी होतीं है।

मासिकधर्म के समय भी आप गर्भधारण कर सकती हैं
यह कोशिश करना जोखिम भरा है क्योंकि स्पर्म योनि में एक सप्ताह तक ज़िंदा रहता है। जोखिम और ज़्यादा बढ़ जाता है जब मासिकधर्म के अंत में आप संभोग करते हैं।

मासिकधर्म से पहले वाले दिन गर्भावस्था की तरह होते हैं
एक महिला का शरीर उसके मासिकधर्म में कई बार गर्भधारण की अवस्था जैसा होता है जैसे मुलायम स्तन, शरीर का सूजना आदि। यह सामान्य लक्षण हैं जो आप मासिकधर्म में महसूस करते हैं। अगर आपके पास कुछ सुझाव हैं तो उसे हमारे साथ नीचे दिए गए कमेंट सेक्शन में शेयर करें।



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