बी केयरफुल! क्‍यों तारीख निकल जाने के बाद या पहले ही आ जाते है पीरियड?

आइए जानते है आखिर क्‍यों कई बार महिलाओं को अनियमित पीरियड जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एक या दो दिन देरी से पीरियड आना या जल्‍दी आना फिर भी सामान्‍य सी बात है।

जैसे ही महिलाओं की पीरियड डेट पास में आती है, वो परेशान हो जाती है। मासिक धर्म या पीरियड महिलाओं के जीवन का अपरिहार्य भाग है। जिससे हर म‍ाह महिलाओं को इस चक्र से गुजरना पड़ता है। हालांकि माहवारी च‍क्र इतनी आरामदायक नहीं होती है जैसा कि लोग सोचते हैं।

जहां कुछ महिलाओं के पीरियड देरी से आते है तो वहीं कुछ महिलाओं के माहवारी चक्र पूरा होने से पहले ही कुछ महिलाओं को पीरियड आ जाता है।

समय से और नियमित तौर से माहवारी आना महिलाओं की सेहत के लिए बहुत अच्‍छा होता है। अगर आप लगातार अनियमित माहवारी का सामना कर रही है तो आपको सावधान होने की जरुरत है। आइए जानते है आखिर क्‍यों कई बार महिलाओं को अनियमित पीरियड जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

एक या दो दिन देरी से पीरियड आना या जल्‍दी आना फिर भी सामान्‍य सी बात है। मासिक धर्म च‍क्र 28 दिनों का होता है। अगर पीरियड एक हफ्ते देरी से आते है या पहले ही आते है तो यह आपके लिए चिंताजनक है।

और इस दौरान महिलाओं को असहनीय दर्द भी सहना पड़ता है। यहां हम बता रहे है कि जल्‍दी और देरी से मासिक धर्म आने की वजह से क्‍या क्‍या हेल्‍थ रिलेटेड समस्‍याएं हो सकती है।

1. हार्मोनल असंतुलन

1. हार्मोनल असंतुलन

यदि आपके पीरियड अनियमित है तो आपको जांच कराने की जरुरत है कि कहीं हार्मोन में तो कुछ गड़बड़ नहीं हैं, क्‍योंकि हार्मोन अंसतुलन होने की वजह इसका असर सीधा मासिक धर्म में पड़ता है।

2. एन्डोमीट्रीओसिस

2. एन्डोमीट्रीओसिस

एंडोमीट्रीओसिस एक ऐसी स्थिति होती है, जहां गर्भाशय, योनि की दीवारों और फैलोपियन ट्यूबों के अस्तर में एक ऊतक का विकास होता है। जिसकी वजह से मासिक धर्म में अनियमिताएं होती है।

3. पौषण की अंसयमिता

3. पौषण की अंसयमिता

नि‍यमित मासिक धर्म के लिए जरुरी है ए‍क पौष्टिक आहार। जब शरीर में निश्चित पौषक तत्‍वों की कमी होने लगती है तो इसका असर मासिक धर्म में दिखता है।

4. तनाव

4. तनाव

स्‍ट्रेस का असर महिलाओं के मासिक धर्म पर देखने पर मिलता है। जब कोई महिला तनाव में होती है तो शरीर से कॉर्टिसॉल और एड्रेनालाईन हार्मोन शरीर से निकलते है। जिसके वजह से मासिक धर्म इफेक्‍ट होते है।

5. थाईराइड की समस्‍या

5. थाईराइड की समस्‍या

चाहे हाइपरथायरॉडीज या हाइपोथायरायडिज्म हो, दोनों ही मामलों में मासिक धर्म चक्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। थाइराइड का स्‍तर ज्‍यादा हो या कम लेकिन ये मासिक धर्म के लिए बिल्‍कुल भी सही नहीं है।

6. गर्भाशय फाइब्रॉएड

6. गर्भाशय फाइब्रॉएड

गर्भाशय के अंदर बनने वाली मांसपेशियों के ट्यूमर को फ्राइब्राड्स कहते हैं। यह अंगूर के आकार के होते है। यह गर्भाशय के दीवारों की तरफ हो जाते है जिसके वजह से अत्‍यधिक मात्रा में रक्‍तस्‍त्राव होने लगता है। और यह सामान्‍य पीरियड चक्र की तुलना से अधिक होते है।

7. PCOS:

7. PCOS:

Polycystic ovarian syndrome (PCOS) हार्मोन्‍स की गड़बड़ी या असंतुलन की वजह से होता है। इस सिंड्रोम की वजह से ऑवरीज में अंडों का विकास होने में असफल हो जाता है। जिसकी वजह से मासिक धर्म में समस्‍या होती है।

Story first published: Tuesday, March 14, 2017, 17:19 [IST]
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