Latest Updates
-
Gangaur Vrat 2026: 20 या 21 मार्च, किस दिन रखा जाएगा गणगौर व्रत? नोट करें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त -
घर में लाल चीटियों का दिखना शुभ है या अशुभ? जानें शकुन शास्त्र के ये 5 बड़े संकेत -
गर्दन का कालापन दूर करने के लिए रामबाण हैं ये 5 देसी नुस्खे, आज ही आजमाएं -
आपके 'नन्हे कान्हा' और 'प्यारी राधा' के लिए रंगों जैसे खूबसूरत और ट्रेंडी नाम, अर्थ सहित -
15 या 16 मार्च कब है पापमोचिनी एकादशी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Women's Day 2026: चांद पर कदम, जमीन पर आज भी असुरक्षित है स्त्री; जानें कैसे बदलेगी नारी की किस्मत -
Women’s Day 2026: बचपन के हादसे ने बदली किस्मत, अपनी मेहनत के दम पर मिताली बनीं Supermodel -
Happy Women's Day 2026: महिला दिवस पर 'मां' जैसा प्यार देने वाली बुआ, मौसी और मामी को भेजें ये खास संदेश -
Rang Panchami 2026 Wishes: रंगों की फुहार हो…रंग पंचमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Women's Day 2026 Wishes for Mother: मेरी पहली 'सुपरवुमन' मेरी मां के नाम खास संदेश, जिसने दुनिया दिखाई
Ladies, ब्रेस्ट के नीचे पड़ गए हैं रैश तो आजमाएं ये उपाय

अगर आपने कपड़े बदलते वक्त नोटिस किया हो कि आपके ब्रेस्ट के नीचे लाल रंग के चकत्ते दिख रहे हैं, तो उसे यू़ं ही इगनोर ना करें। स्तनों के नीचे रैशेस आना बहुत आम समस्या है। यह समस्या कई कारणों से हो सकती है। जिसमें अधिक पसीना आना, वायु प्रवाह ठीक से न होना तथा बहुत अधिक कसी हुई ब्रा पहनना आदि। इसके अलावा अन्य कारक जैसे गरम और नम वातावरण तथा मोटापा भी इस समस्या को अधिक बढ़ाने का काम करते हैं।

अगर मेडिकल टर्म की बात करें तो इस समस्या को Interigo के रूप में जाना जाता है। अगर आप या आपके घर में किसी लेडी को यह समस्या आ गई तो उन्हें तुरंत आराम दिलाने के लिये नीचे दिये गए इन घरेलू उपचारों का प्रयोग जरुर करें।

1. ब्रा पहन कर ना सोएं
अगर स्तनों के रैश से छुटकारा पाना है तो ब्रा पहन कर ना सोएं। बेहतर होगा यदि आप एक ढीला फिटिंग सूती कपड़ा या टी शर्ट पहन कर ही रात में बिस्तर पर जाएं।

2. ठंडे पानी से सिकाई करें
एक महीन सूती कपड़े में कुछ बर्फ़ लें तथा इसे प्रभावित स्थान पर लगभग 10 मिनिट तक रखें। कुछ समय के लिए रुकें तथा फिर दोहरायें। अन्य विकल्प यह है कि स्किम मिल्क और ठंडे पानी की बराबर मात्रा मिलाकर उससे सेंकें। इससे सूजन कम होगी तथा खुजली से भी आराम मिलेगा। इसके अलावा ठंडे पानी से नहायें। इससे त्वचा के रोम छिद्र बंद होने में सहायता मिलेगी। इससे पसीना कम आएगा तथा रैशेस भी कम आयेंगे।

3. तुलसी की पत्तियां
तुलसी के पत्तों में कई औषधीय गुण होते हैं। कुछ तुलसी के पत्ते लेकर उनको कुचल कर पेस्ट बना लें। फिर इस पेस्ट को रैश वाली जगह पर लगाएं। जब यह पेस्ट सूख जाए तब इसे साफ पानी से धो लें।

4. कॉर्न स्टार्च लगाएं
स्तनों के नीचे आने वाले रैशेस से निपटने का सबसे अच्छा तरीका है कि स्तनों के नीचे पसीना न जमने दिया जाए। नमी को सोखने के लिए अपने स्तनों के निचले भाग को साफ कर के उस पर कॉर्न स्टार्च लगाएं। इससे पसीना ही नहीं जमेगा और आपको रैश नहीं होगा।

5. सिरका
आधी बाल्टी गरम पानी में आधा कप विनेगर मिलाएं। अपनी ब्रा धोने के लिए इस पानी का उपयोग करें तथा उसे सूरज की रोशनी में सुखाएं। खुजली पर त्वचा पर लगाने के लिए ऐप्पल सीडर विनेगर भी एक अच्छा विकल्प है। प्रभावित त्वचा को साबुन के पानी से धोएं, फिर इसे ठंडे पानी से धोएं और थपथपाकर सुखाएं। एक टी स्पून ऐप्पल सीडर विनेगर को एक कप पानी में मिलाएं तथा इसे खुजली वाले स्थान पर लगायें। इसे प्रतिदिन दो से तीन बार करें। यदि ऐसा करने से कोई परेशानी हो तो इसे रोक दें।

6. नारियल का तेल
नारियल का तेल त्वचा के लिए लाभकारी होता है तथा इसमें चिकित्सीय गुण भी होते हैं तथा इस प्रकार रैशेस से आराम पहुंचाता है। इसके अलावा इसमें चिकनाई का गुण होता है जिसके कारण यह घर्षण कम करने में सहायक होता है। इस घर्षण के कारण ही ब्रेस्ट के नीचे रैशेस आते हैं। इसके अलावा इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं जो संक्रमण को रोकने में सहायक होते हैं। एक्स्ट्रा विर्जिन कोकोनट ऑइल को
प्रभावित क्षेत्र पर लगायें तथा इसे पूर्ण रूप से त्वचा में अवशोषित होने दें। इसे दिन में दो से तीन बार करें जब तक कि रैशेस पूर्ण रूप से ठीक न हो जाएँ।

7. कैलामाइन लोशन
ब्रेस्ट रैश के कारण होने वाले खुजली से आराम पाने के लिए तथा घाव भरने की प्रक्रिया को तीव्र करने के लिए कैलामाइन लोशन का उपयोग किया जा सकता है। यह उस स्थान को सूखा रखने में सहायक होता है तथा संक्रमण की संभावना को कम करता है। प्रभावित त्वचा को हलके साबुन और गुनगुने पानी से साफ़ करें। इस स्थान को टॉवेल से सुखाएं। कॉटन बॉल (रुई) की सहायता से कैलामाइन लोशन लगायें। इसे दिन में कई बार दोहरायें।

8. एलो वीरा
एलो वीरा ब्रेस्ट के नीचे आने वाले रैशेस में होने वाली खुजली और जलन से राहत पहुंचाने में सहायक होता है। एलो वीरा की पत्तियों से ताज़ा रस निकालें तथा इसे प्रभावित क्षेत्र पर लगायें। इसे लगभग 20 मिनिट तक लगा रहने दें। आपको इसे धोने की आवश्यकता नहीं है। आप एलोवीरा जेल के साथ हल्दी मिला कर भी लगा सकते हैं। इसे लगभग 20 से 30 मिनिट तक लगा रहने दें तथा बाद में धो डालें।



Click it and Unblock the Notifications











