Latest Updates
-
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय -
दीपिका पादुकोण-रणवीर सिंह ने किया दूसरी बेटी के नाम का खुलासा, दशहरे पर दिखाई पहली झलक -
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं
ज्यादा एक्सरसाइज भी आपके पीरियड टलने का कारण बन सकता है, जानिए कैसे?

जिम में घंटों बितानी वाली हेल्थ फ्रीक्स महिलाएं अक्सर खुद से ये सवाल करती है कि " क्या मेरे पीरियड मिस हो गए?' बहुत से लोग सोचते हैं कि मासिक धर्म चक्र का टलना या अमेनोरेरिया ( हेल्दी डाइट नहीं लेने के वजह से पीरियड का टलना )एक नार्मल सी बात है। लेकिन पीरियड का समय पर नहीं आना और देरी से आना सामान्य सी बात नहीं है। जिमिंग पर जाने वाली ज्यादात्तर महिलाओं को ये समस्याएं होती है।
हालांकि एक्सरसाइज या जिमिंग की वजह से पीरियड में देरी होने की तीन वजह हो सकती है। जिसमें से एक है अमेनोरेरिया, हड्डी में चोट आना / ऑस्टियोपोरोसिस और शरीर को प्रॉपर डाइट नहीं मिल पाना है।

आइए जानते है कैसे जिमिंग या ज्यादा एक्सरसाइज करना आपके पीरियड को इफेक्ट कर सकती है?
हार्मोनल बदलाव के कारण
जरुरत से ज्यादा एक्सरसाइज करने पर हमारी बॉडी पर बुरा प्रभाव पड़ता है जिसकी वजह से कुछ हार्मोनल बदलाव आने लगते है और ये पीरियड्स के लेट होने का कारण बनते हैं। दरअसल फिट बॉडी बनाने के लिए ज्यादा देर तक जिम में पसीना बहाने से या ज्यादा शारीरिक काम करने से मासिक चक्र पूरा करने के लिए जितने एस्ट्रोजन हार्मोन की जरूरत होती है उतने का शरीर में महीने के अंत तक निर्माण पूरा नहीं कर पाता है तो पीरियड्स में देरी या मिस होने की प्रॉब्लम आती हैं।
हड्डियों के कमजोर होने से भी पीरियड होता है लेट
एस्ट्रोजन हार्मोन महिलाओं की हड्डियों को भी मजबूत बनाता है और जैसे जैसे शरीर में इसका स्तर कम होने लगता है वैसे वैसे मेनोपॉज की स्थिति बनने लगती है। ज्यादा एक्सरसाइज या वेटलिफ्टिंग की वजह से महिलाओं में फ्रैक्चर या ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्या हो सकती है। इसके अलावा अपर्याप्त कैलोरी सेवन और अत्यधिक ऊर्जा व्यय की वजह से एस्ट्रोजन हार्मोन का उत्पादन कम होने लगता है और इसका सीधा असर महिलाओं के मासिक धर्म पर भी पड़ता है।
कम डाइट की वजह से भी
जिम जाने वाली महिलाएं अक्सरज्यादा कैलोरी के सेवन से बचने के लिए और बिजी शेड्यूल की वजह से भी अनजाने में महिलाएं अपने डाइट को इग्नोर कर देती है। डाइट का भी पीरियड चक्र पर बहुत फर्क पड़ता है, अमेनोरेरिया इसी बात का संकेत होता है कि आप जितनी एक्सरसाइज कर रही है उसकी तुलना में बॉडी को पर्याप्त एनर्जी नहीं दे रही है। जिसका परिणाम आपके मासिक चर्क पर पड़ता है। नियमित मासिक धर्म के लिए शरीर को पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक आहार देना जरुरी है वरना इसका सीधा असर शरीर के हार्मोन पर भी पड़ता है।
जानें कैसे एक्सरसाइज और पीरियड को बैलेंस करें?
जिम में घंटो बिताने वाली महिलाओं को अपने डाइट पर ध्यान देना जरुरी ताकि उनके शरीर को सही मात्रा में ऊर्जा मिलती रहें और वो इंजरी से बचकर मसल्स ग्रोथ कर सकें और जानते है कि कैसे वो एक हेल्दी रुटीन से पीरियड से जुड़ी समस्याओं से बच सकती है।
दिन में तीन बार अच्छा तरह भोजन करें।
अपने मील में कार्बोहाइड्रेड, प्रोटीन और फैट को सही मात्रा में लें।
वर्कआउट खत्म होने के 30 मिनट के बाद जरुर कुछ खाएं।
वर्कआउट के बाद हाई कार्बोहाइड्रेड और प्रोटीन के संयोजन से बने मील को खाएं। जैसे सैंडविच, फ्रूट और पीनट बटर, दही और ग्रेनोला या चिकन और सलाद।
पूरे दिनभर में कम से कम तीन कार्बोहाइड्रेड से भरपूर स्नैक्स जरुर खाएं।
अगर आप 90 मिनट से कम वर्कआउट करते है तो कम से कम 15 ग्राम कार्बोहाइड्रेड या प्रोटीन ड्रिंक हर 15 मिनट में जरुर लें।
पूरे दिनभर में 1000 से 1300 एमजी केल्शियम जरुर ले जैसे दूध, योगर्ट, नॉन डेयरी प्रॉडक्ट ( बादाम और सोया) और हरी सब्जियां।
इसके अलावा अगर आप हार्डकोर जिमिंग फ्रीक्स है तो ऐसे में आपको डाइटिशियन से मिलकर अपना डाइट चार्ट तैयार करवा लेना चाहिए।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
