मेनोपॉज़ के बाद से सेक्‍स लाइफ को रखे फिट, खानपान और एक्‍सरसाइज पर दे ध्‍यान

मेनोपॉज यानी रजोनिवृति, एक उम्र के बाद महिलाओं को इस स्थिति का सामना करना पड़ता है। इस दौरान महिलाएं न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से काफी कमजोर और परेशान सी महसूस करती हैं। मेनोपॉज के बाद महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल और मैंटली चैंजेस आते है लेकिन इसका सबसे बड़ा असर पड़ता है, सेक्‍स लाइफ पर। मेनोपॉज़ के साथ आपकी सेक्स लाइफ भी बदल जाती है। इसका असर सीधा महिलाओं के मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पर पड़ता है क्‍योंकि उन्हें लगता है कि अब उनके पति की उनके अंदर दिलचस्पी नहीं रह जायेगी क्योंकि अब वो सेक्‍सुअल फिट नहीं है। लेकिन आप चाहे तो कुछ चीजों की मदद से अपनी सेक्‍सुअल लाइफ को फिर से जी सकती है।

कुछ बदलाव करके आप भी मेनोपॉज के बाद ऑर्गैज़्म महसूस कर सकती है, इसके ल‍िए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। आइए जानते है उन टिप्‍स के बारे में जो मेनोपॉज़ के बाद सेक्स लाइफ को बेहतर रखने में मदद करते हैं।

खान पान में बदलाव

खान पान में बदलाव

मेनोपॉज़ के बाद सब से बडी समस्या है औस्टियोपोरोसिस का शुरू हो जाना। यह कैल्शियम की कमी से होता है जिससे हडि्डयां कमजोर हो जाती हैं। इसलिए 1,500 मिलीग्राम कैल्सियम प्रतिदिन लेना ही चाहिए।

लुब्रिकेशन

लुब्रिकेशन

वजाइनल ड्राईनेस मेनोपॉज़ के बाद सेक्स से जुड़ी एक आम समस्या है। इसलिए एक अच्छे लुब्रिकेशन का इस्तेमाल करने से आपको सुविधा होगी। लुब्रिकैंट्स एक स्मूद फीलिंग देते हैं जिससे आपको ऑर्गैज़्म जल्दी महसूस होगा।

सेक्सअुल टॉक

सेक्सअुल टॉक

मेनोपॉज़ के बाद आपकी सेक्सुअल ज़रूरतें भी बदल जाती हैं। ज़रूरी नहीं कि आपको उत्तेजित करने के लिए आपके पार्टनर जो तरीका अब तक इस्तेमाल करते रहे हैं उससे आप अब भी उत्तेज‍ित महसूस करें। इसलिए सबसे अच्छी बात होगी सेक्स के बारे में बातें करना।

वाइब्रेटर या मास्‍टरबेट

वाइब्रेटर या मास्‍टरबेट

जैसे ही आप मेनोपॉज़ तक पहुंचती हैं आपको ऑर्गैज़्म से पहले एक्स्ट्रा स्टिम्युलेशन की ज़रूरत पड़ती है। इसलिए वायब्रेटर का इस्तेमाल करें। यह आपको सीधा स्टिम्युलेशन प्रदान करता है। वायब्रेटर की बनावट ही ऐसी होती है कि वह उत्तेजना बढ़ा सके और इस तरह आपको सेक्स का अच्छा अहसास होता है। इसके अलावा आप चाहे तो मास्‍टरबेशन करके भी सेक्‍स उतेजना बढ़ा सकती है।

एक्सरसाइज़ करें

एक्सरसाइज़ करें

मेनापौज का सीधा संबंध ऎस्ट्रोजन हार्मोन से होता है, खुद को एक्टिव रखने के ल‍िए एक्‍सरसाइज करें। अगर आप शारीरिक या मानसिक रुप से स्वस्थ नहीं है तो आपकी सेक्स ड्राइव पर काफी असर पड़ेगा। इसल‍िए साइकिलिंग करें, कीगल और स्‍कवैट जैसी एक्‍सरसाइज पर ध्‍यान दें। इससे वजाइना के आसपास की मांसपेशियां मजबूत होती है।

फोरप्ले की अहमियत समझें-

फोरप्ले की अहमियत समझें-

जब आपको सेक्स ड्राइव में कमी महसूस हो तो आप अपने पार्टनर के साथ खूब सारा फोरप्ले कर सकती हैं। इस तरह आपकी डिज़ायर भी बढ़ेगी। शुरुआत करें एक-दूसरे का हाथ पकड़ने, प्यारभरे किसेस और प्यारी शरारतों से।

 एस्ट्रोजेन का लेवल बढ़ाने वाली दवाईयां

एस्ट्रोजेन का लेवल बढ़ाने वाली दवाईयां

मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजेन लेवल के लो होने के कारण मेन्सट्रुएल वाल पतला हो जाता है जिसके कारण वैजाइनल ड्राइनेस बढ़ने से सेक्स के दौरान दर्द होता है। एस्ट्रोजेन क्रीम या थेरपी डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही इस्तेमाल करें। इसमें एस्‍ट्रोजन का स्‍त्राव फिर से शुरु करने के ल‍िए हार्मोन थैरेपी की जाती है। जिस वजह से महिलाएं फिर से सेक्‍स लाइफ का मजा ले सकती है। वजाइनल ड्राइनेस के अलावा आप चाहे तो ढ़ीली पड़ चुकी वजाइना को टाइट भी करा सकती है।

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