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थाइराइड और चावल खाने से भी हो सकता है प्री मेच्योर मेनोपॉज, जानिए दूसरे कारण भी
चावल खाने से न सिर्फ वजन बढ़ता है बल्कि इसके ज्यादा सेवन से समय से पूर्व ही महिलाओं को रजोनिवृति यानी मेनोपॉज से भी गुजरना पड़ सकता है। हाल ही में हुए एक रिसर्च में शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि ज्यादा चावल का सेवन महिलाओं में प्रीमेनोपॉज का एक कारण है।
इस वजह से महिलाओं में ऑस्टियोपरोसिस और दिल की बीमारियों का खतरा बना रहता है। यह बात ब्रिटेन में हुई एक रिसर्च से सामने आई है। वैसे ऐसे दूसरे कई कारण भी है जिनमें समय से पहलें महिलाओं को प्री मेच्योरमेनोपॉज से गुजरना पड़ता है। आइए जानते है कि किन कारणों से महिलाओं समय से पूर्व ही रजोनिवृति यानी प्री मेच्योर मेनोपॉज का सामना करना पड़ता है। मेनोपॉज के कारण इस तरह प्रभावित होती है महिलाओं की सेक्स लाइफ

क्या होता है प्रीमैच्योर मेनोपॉज़?
पीरियड्स या मासिक धर्म के स्थायी रूप से बंद हो जाने को रजोनिवृत्ति यानी मेनोपॉज़ कहते हैं। मेनोपॉज़ होने के बाद महिलाओं में शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के बदलाव हो जाते हैं। प्री-मैच्योर मेनोपॉज को, प्रीमैच्योर ओवरियन फेलियर (पीओएफ) या प्राइमरी ओवेरियन इंसुफिसिएंसी (समय से पहले डिम्बग्रंथि कमी) भी कहा जाता है। इस समस्या में, महिलाओं में ओवरी 40 वर्ष से पहले ही अपना कार्य करना बंद कर देती है।
प्री मेनोपॉज के संकेत..
मूड स्विंग होना
मूड स्विंग होना जैसे आपको रोना आ सकता है, चिढ़चिढ़ी हो सकती है, अत्यधिक खुश या दुखी महसूस कर सकती हैं। आपकी मनोदशा कुछ भी हो, रजोनिवृत्ति के दौरान आपकी मनोदशा स्पेक्ट्रम के एक सिरे से दूसरे सिरे के बीच में अचानक बदल सकती है।
स्तनों का कोमल होना
स्तनों का कोमल होना भी रजोनिवृत्ति से संबंधित है। शरीर में अचानक से आए परिवर्तनों के कारण और हार्मोन्स के स्तर में बदलाव के कारण स्तनों पर ही इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है। वे कोमल हो जाते हैं एवं उनमें दर्द होता है।
अचानक वजन बढ़ना
शरीर में हार्मोंस के उतार चढ़ाव की तरह वज़न का बढना भी शामिल है। आपके वज़न का बढ़ना रजोनिवृत्ति का लक्षण हो सकता है क्योंकि यह दर्शाता है कि शरीर में चयापचय की दर कम हो गई है- यह हारमोंस में बदलाव या रजोनिवृत्ति का एक प्रमुख लक्षण है।
हेयरफॉल होना
बालों का पतला होना या बालों का गिरना बालों को बढ़ने के लिए एस्ट्रोजन की आवश्यकता होती है।
योनी में सूखापन
योनि में सूखापन आ जाना, रजोनिवृत्ति के दौरान इसकी मात्रा कम हो सकती है। शरीर में हारमोंस का स्तर बदलता है और एस्ट्रोजन की मात्रा कम हो जाती है, इस कारण योनि शुष्क हो जाती है और बहुत असहज महसूस करते हैं।
सेक्स ड्राइव का कम होना
सेक्स में रुचि न लेना कामेच्छा कम हो जाती है जब हार्मोन्स का स्तर शरीर में कम हो जाता है। जबरदस्ती के बिना एक साथी के साथ सेक्स का विचार कम हो सकता है।
लगातार थकान
ऊपर बताए गए भी कारणों के साथ आपको थकान महसूस हो तो कान, और रोज़मर्रा के कामों को करने में भी थकान महसूस होना, इस तरह परिभाषित किया जा सकता है।
प्री मेनोपॉज के कारण?
हार्मोनल बदलाव
प्री मेनोपॉज के पहले की अवस्था को कहते हैं। इसकी अवधि दो से दस साल की होती है, जब मासिक धर्म चक्र धीरे-धीरे बंद होने लगता है। यह अवस्था साधारणतः 35 से 50 साल के बीच आता है। जैसा कि पहले बताया गया है कि यह बदलाव हॉर्मोन्स के कारण आता है, क्योंकि हॉर्मोन्स बढ़ने और घटने लगते हैं।
ओवरी की क्षमता
मेनोपॉज या रजोनिवृत्ति की अवस्था में हॉर्मोन्स का उत्पादन बिल्कुल कम हो जाता है। ओवरी प्रजनन की क्षमता बिल्कुल खो देती है। यह अवस्था जीवनभर के लिए होता है। प्री-मैच्योर मेनोपोज़ की अवस्था किसी-किसी में चालीस साल के पहले आ जाती है।
केस हिस्ट्री
अगर आपके घर में आपकी मम्मी, दादी या नानी को प्री मैच्योर मेनोपॉज हुआ है तो जींस और परिवार के इतिहास के आधार पर आपको भी प्री मैच्योर मेनोपॉज की सम्भावनाएं रहती है।
थायरॉयड की वजह से
थायरॉयड में हार्मोनल बदलाव के कारण और अचानक से वजन बढ़ने के वजह से प्री मेच्योर मेनोपॉज की सम्भावना अधिक हो जाती है।
कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी के वजह से
कैंसर ट्रीटमेंट के दौरान कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी के वजह से भी महिलाओं में हार्मोनल बदलाव होते है। जिस वजह से महिलाओं को प्री मैच्योर मेनोपॉज होने की सम्भावना रहती है।
प्री मेच्योर मेनोपॉज को रोकने के कुछ प्रभावी उपाय
फाइटोएस्ट्रोजन युक्त आहार
शरीर में एस्ट्रोजन हॉर्मोन का स्तर कम होने के कारण मेनोपॉज की स्थिति आती है। खाने में फाइटोएस्ट्रोजन युक्त आहार जैसे अलसी के बीज, अखरोट, सोयाबीन, राई, जौ, तिल और अनाज में यह भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इस तरह का खाना अपने आहार में जरूर शामिल करें।
एक्सरसाइज भी जरूरी
खुद को तंदुरूस्त रखना है तो रोजाना एक्सरसाइज करने का नियम बना लें। इससे मोटापा दूर रहता है और प्री-मैच्योर मेनोपॉज का सामना भी नहीं करना पड़ता है।
पानी का सेवन
शरीर में पानी की कमी होना भी माहवारी के असंतुलतित होना की वजह हो सकता है। दिन में कम से कम 10-12 गिलास पानी जरूर पीएं। इसके अलावा सूप और जूस का सेवन भी बहुत जरूरी है।
कार्बोहाइड्रेड पर ध्यान दें
शरीर को 40- 50 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेड की जरूरत होती है सिंपल कार्बोहाइड्रेड की बजाय अपने आहार में कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेड्स जैसे ओटमील, ब्राउन राइस या पास्ता, फ्रेश फल, बेक्ड बींस, छिलके वाले आलू और साबूत अनाज को शामिल करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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