For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

    क्‍या होता है स्‍लीप ऑर्गेज्‍म, सिर्फ महिलाओं से जुड़ा होता है ये

    |

    ऑर्गेज्‍म के बारे में तो आपने सुना ही होगा, लेकिन क्‍या आपने स्‍लीप ऑर्गेज्‍म के बारे में सुना है। जी हां, यानी नींद में चरमोत्‍कर्ष पाना। आपको सुनने में थोड़ा अटपटा लग रहा होगा। लेकिन स्लीप ऑर्गैज्म नामक भी एक कंडीशन होती है। लड़कों में इस स्थिति को वेट ड्रीम्स या स्वप्नदोष कहते हैं, लेकिन जब महिलाएं इसका अनुभव करती हैं तो इसे स्लीप ऑर्गैज्म कहते हैं।

    अब आप सोच रहे होंगे कि मह‍िलाओं में भी ऐसी कोई कंडीशन होती है कि जब कोई व्यक्ति नींद में क्लाइमैक्स का अनुभव करे और उसी वक्त उसकी नींद खुल जाए। हालांकि यह स्थिति प्यूबर्टी से गुजर रहे लड़के और लड़कियों में ज्यादा होती है, फिर जीवन के बाद के क्षणों में उस वक्त जब आप सेक्शुअली ऐक्टिव नहीं रहते हैं।

    स्‍लीप ऑर्गेज्‍म में महसूस होती है यौन उतेजना

    स्‍लीप ऑर्गेज्‍म में महसूस होती है यौन उतेजना

    पुरुष स्वप्न दोष के समय उत्तेजित हो जाते है, जो सिर्फ ईजैकुलेशन है। वहीं महिलाओं को ऐसे सपने नींद में सेक्सुअल अराउजल या यौन उत्तेजना से जुड़े हुए हैं, जिसकी वजह से वजाइना में गीलापन और फिर ऑर्गेज्‍म महसूस होता है। यह बात भी असामान्य नहीं है कि महिलाएं क्लाइमेक्स के बाद भी सोती रहती हैं।

    Most Read :ऑर्गेज्‍म आने में होती है दिक्‍कत, ऑर्गेज्मिक डिसफंक्‍शन की शिकार तो नहीं है आप

    क्या होता है स्लीप ऑर्गेज्म?

    क्या होता है स्लीप ऑर्गेज्म?

    जब हमारे शरीर में एक निश्चित मात्रा से अधिक वीर्य संचित हो जाता हैं और शरीर उसे बाहर निकालना चाहता है तो स्वप्नदोष होता हैं। स्वप्नदोष में दरअसल नींद में उतेजक सपनों के माध्यम से ऑर्गेज्‍म का अनुभव होता है और वीर्यपात होता है। महिलाएं भी स्वप्न दोष जैसी समस्याओं की शिकार होती है। हालांकि अभी तक यही माना जाता था कि सिर्फ पुरूष ही ऐसी समस्याओं से परेशान है। इसल‍िए महिलाओं में इस स्थिति को स्‍लीप ऑर्गेज्‍म कहा जाता है।

    सेक्‍स से जुड़े सपने आना

    सेक्‍स से जुड़े सपने आना

    वेट ड्रीम्स या गीले सपने, उत्तेजित सपनों से संबंधित हो भी सकते हैं और नहीं भी। जब आप सेक्‍स से जुड़े किसी भी तरह के सपने देखते हैं तो आपका उत्तेजित महसूस करना स्वाभाविक है। हालांकि, यह विपरित एक चीज ये भी हो सकती है कि वेट ड्रीम में, आपके पेल्विक में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है, जो आपको उत्तेजित कर सकता है और आपको सेक्‍स से जुड़े सपने आ सकते हैं।

    कन्‍फ्यूज भी कर सकता है स्लीप ऑर्गैज्म

    कन्‍फ्यूज भी कर सकता है स्लीप ऑर्गैज्म

    विशेषज्ञों की मानें तो स्लीप ऑर्गैज्म एक तरह का वास्‍तविक ऑर्गैज्म ही होता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इसे अनुभव करने वाले ज्यादातर लोग नींद से जागने के बाद भी उस इरॉटिक सपने को अच्छी तरह से याद कर पाते हैं, जिसकी वजह से स्‍लीप ऑर्गेज्‍म मिला। महिलाएं स्‍लीप ऑर्गेज्‍म के अनुभव के एक्सपीरियंस को लेकर थोड़ा कन्फ्यूजिंग महसूस कर सकती है। अगर आपने अपने जीवन में एक बार इसे महसूस किया है तो आप इसे फीलिंग को बेहतर तरीके से जान सकती

    आते है कुछ बदलाव

    आते है कुछ बदलाव

    एक स्टडी के के अनुसार 37 प्रतिशत महिलाएं ऐसी हैं जो अपनी लाइफ में कम से कम एक बार स्लीप ऑर्गैज्म का अनुभव जरूर करती हैं। रिसर्च के अनुसार स्‍लीप ऑर्गेज्‍म म‍हसूस करने वाली महिलाओं के शरीर में कुछ फिजियोलॉजिकल चेंज नजर आए। उदाहरण के लिए उन महिलाओं का हार्ट रेट 50 से बढ़कर 100 बीट्स प्रति मिनट हो गया और उनकी सांस लेने की गति भी 12 से बढ़कर 22 प्रति मिनट हो गई। साथ ही वजाइनल ब्लड फ्लो में भी बढ़ोतरी देखी गई।

    Most Read : लेडीज जानिए ये 10 बातें, क्‍यों है सेक्‍स लाइफ के लिए ऑर्गेज्‍म जरुरी?

    स्‍लीप ऑर्गेज्‍म से जुड़ा चौंकाने वाला तथ्‍य

    स्‍लीप ऑर्गेज्‍म से जुड़ा चौंकाने वाला तथ्‍य

    आपको जानकर हैरानी होगी कि ऐसी बहुत सी महिलाएं हैं जो हकीकत में तो ऑर्गैज्म महसूस नहीं कर पातीं लेकिन नींद में ऑर्गैज्म हासिल कर लेती हैं। ऐसा इसलिए होता है कि क्योंकि उन महिलाओं के लिए ऑर्गैज्म के दौरान शारीरिक उत्तेजना के साथ-साथ मानसिक उत्तेजना का भी शामिल होना जरूरी है। इस टॉपिक पर बहुत ज्यादा रिसर्च नहीं हो पायी है क्योंकि स्लीप ऑर्गैज्म कोई ऐसा विषय नहीं है जिसकी जांच लैब में आसानी से की जा सके। जिस किसी ने भी इसे अनुभव किया है वह जानता है कि स्लीप ऑर्गैज्म पूरी तरह से अप्रत्याशित होता है।

    English summary

    science behind sleep orgasm in women

    women also experience sleep orgasm, though there is no specific term to describe the same.
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Boldsky sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Boldsky website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more