Latest Updates
-
Harela Wishes In Pahadi Or Hindi: 'जी रया, जागि रया' कहकर अपनों को दें हरेला पर्व की शुभकामनाएं -
रथ यात्रा में सबसे पहले राजा ही क्यों लगाते हैं झाड़ू? जानिए छेरा पहरा की परंपरा -
Jagannath Rath Yatra 2026 Wishes: रथ यात्रा पर शेयर करें भक्तिमय शुभकामना संदेश, मिलेगा प्रभु का आशीर्वाद -
अमरनाथ गुफा में पिघला तो फ्रिज में दिखा 'बाबा बर्फानी' का शिवलिंग? वायरल वीडियो देख लोग रह गए हैरान -
एक कली कच्चा लहसुन खाकर दिन की शुरुआत करती हैं सोहा अली खान, जानें खाली पेट गार्लिक खाने के 5 जबरदस्त फायदे -
पिृत दोष से मुक्ति के लिए आज आषाढ़ अमावस्या पर करें इन 5 चीजों का दान, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद -
बार-बार मुंह में हो रहे छालों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकता है ओरल कैंसर, जानें लक्षण -
लड़के-लड़कियों के लिए सबसे मॉडर्न और छोटे 100+ टॉप नाम, यहां देखें अर्थ सहित लिस्ट -
कांवड़ यात्रा कब से होगी शुरू? इस दौरान भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, अधूरी रह जाएगी पूजा -
Kriti Sanon ने करवाए अपने अंडे फ्रीज! जानें किस उम्र में ये कराना बेहतर और Egg Freezing फायदे-नुकसान?
पीरियड फ्लो में उतार-चढ़ाव से सेहत पर पड़ रहा है असर, इन टिप्स को अपनाकर रहे हेल्दी
मासिक धर्म चक्र एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो हर महिला प्रजनन प्रणाली में होती है। मासिक धर्म चक्र आपको गर्भावस्था की संभावना को बनाए रखती है। पीरियड्स के समय महिलाओं का शरीर गर्भाशय की परत को मोटा करके गर्भावस्था की तैयारी करता है, जिसे एंडोमेट्रियम भी कहा जाता है। जिसे आमतौर पर पीरियड्स या पीरियड फ्लो के नाम से भी जाना जाता है।
महिलाओं के मासिक धर्म के बारे में सभी के मन में सबसे ज्यादा सवाल यही होते हैं कि हर महीने फ्लो अलग-अलग क्यों हो जाता है। तो आइए जानते है हर महीने पीरियड फ्लो कम होने के संभावित कारण और इससे बचने के कुछ उपाय के बारे में...

1. गर्भनिरोधक गोलियां
कुछ महिलाएं गर्मनिरोधक गोलियां खा लेती हैं, जो पीरिडय फ्लो ज्यादा या कम आने का एक बड़ा कारण हो सकता है। इस तरह की गोलियां आपके मासिक धर्म चक्र को बदल सकते हैं और एक समय के दौरान आपके ब्लीडिंग की मात्रा को प्रभावित कर सकते हैं।
2. उम्र
मासिक धर्म चक्र एक महिला की पूरी लाइफ में अलग हो सकता है। महिला के हर उम्र में वो अलग-अलग पीरियड फ्लो ज्यादा या कम हो सकता है। जैसे किशोरावस्था में पीरियड्स भारी हो सकती है और 20-25 की उम्र में हल्की हो सकती है।
3. हार्मोनल उतार-चढ़ाव
महिलाओं का मासिक धर्म चक्र यानि पीरियड साइकिल को हार्मोन द्वारा कंट्रोल किया जाता है। हार्मोन्स में होने वाला उतार चढ़ाव आपके मासिक धर्म चक्र में ब्लिडिंग की मात्रा को प्रभावित करता है।
4. डिप्रेशन
कई बार महिलाओं के बहुत ज्यादा तनाव लेने या फिर डिप्रेशन की वजह से भी मासिक धर्म चक्र में बदलाव देखा जाता है। पीरियड्स के दौरान ब्लड फ्लो में उतार चढ़ाव देखने को मिलता है।
पीरियड फ्लो को ऐसे करें नियंत्रित
1. डॉक्टर से लें सलाह
अगर आपको अपने पीरियड फ्लो में हो रहे उतार-चढ़ाव का कारण सही से पता न चल पाएं, तो आप अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। डॉक्टर आपकी मेडिकल हिस्ट्री के मुताबिक आपको कुछ जरूरी सलाह दे सकें और दवाइयां बता सकें।
नियमित रूप से व्यायाम करें।
2. लाइफस्टाइल में करें बदलाव
महिलाएं अपने पीरियड चक्र को और पीरियड फ्लो को नियमित करने के लिए एक अच्छी लाइफस्टाइल फॉलो करने की कोशिश करें। कोशिश करें कि अपनी डेली रूटीन में एक्सरसाइज करें और संतुलित आहार को अपनी डाइट में शामिल करें। महिलाएं अपनी डाइट में पौष्टिक आहार भी शामिल करें।
3. तनाव लेने से बचें
अगर आपका मासिक धर्म नियमित नहीं है, या फिर हर महीने फ्लो कभी ज्यादा कभी कम आ रहा है, तो आप कम तनाव लेने की कोशिश करें। ऐसे में आपको पूरी तरह आराम करना भी बहुत जरूरी है। अगर आप बहुत ज्यादा तनाव लेती है, तो कोशिश करें की नेगेटिव चीजों से कम दूर रहें और पर्याप्त नींद लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications