Latest Updates
-
DHT: क्या है डायरेक्ट हेयर ट्रांसप्लांटेशन? जानें बालों की रिग्रोथ के लिए कितनी कारगर है यह तकनीक -
Captain Smit Machchhar: कैप्टन 'स्मित मच्छर' के सरनेम का क्या है मतलब? जानें इसके पीछे की दिलचस्प कहानी -
नुसरत भरूचा की रीढ़ की हड्डी में हुआ फ्रैक्चर, एयरलिफ्ट कर बाली से लाई गईं मुंबई, वीडियो देख फैंस हुए परेशान -
Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं? जानें जरूरी नियम और पारण का समय -
Jitiya Vrat Katha: जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत में जरूर करें इस कथा का पाठ, पूरे साल सुरक्षित रहेगी संतान -
Jitiya Vrat 2026 Wishes: संतान की लंबी उम्र...जितिया व्रत के अवसर पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम
World AIDS Day 2025: एचआईवी और एड्स में क्या है अंतर? जान लें महिलाओं में ये बीमारी कैसे होती है?
How HIV/Aids Spreads In Women: ये तो आप जानते ही हैं कि हर साल 1 दिसंबर को पूरी दुनिया एचआईवी/एड्स के खिलाफ जागरूकता को बढ़ाने के लिए वर्ल्ड एड्स डे मनाती है। इस दिन का उद्देश्य सिर्फ बीमारी के बारे में जानकारी देना नहीं, बल्कि समाज में फैली गलत धारणाओं, डर और भेदभाव को खत्म करना भी है। आज भी लाखों लोग इस बीमारी के बारे में पर्याप्त जानकारी न होने के कारण समय पर जांच और इलाज नहीं करा पाते, खासकर महिलाएं।
ऐसी स्थिति में यह समझना बेहद जरूरी है कि एचआईवी और एड्स दोनों एक ही चीज नहीं हैं, बल्कि दोनों के बीच बड़ा अंतर है। साथ ही यह जानना भी आवश्यक है कि महिलाओं में यह संक्रमण कैसे होता है और कैसे इससे बचा जा सकता है।

एचआईवी और एड्स में क्या है अंतर?
अक्सर लोग समझते हैं कि एचआईवी और एड्स एक ही बीमारी हैं, जबकि सच यह है कि दोनों बिल्कुल अलग हैं। एचआईवी (HIV) का पूरा नाम Human Immunodeficiency Virus है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यून सिस्टम को धीरे-धीरे कमजोर करता है। यह वायरस शरीर में प्रवेश करने के बाद सफेद रक्त कोशिकाओं (CD4 cells) को नुकसान पहुंचाता है, जिससे शरीर सामान्य संक्रमणों और बीमारियों से लड़ने की क्षमता खोने लगता है।
वहीं दूसरी ओर एड्स (AIDS) का मतलब Acquired Immunodeficiency Syndrome है, और यह HIV संक्रमण का अंतिम और गंभीर चरण होता है। जब किसी व्यक्ति के शरीर में HIV वायरस बहुत ज्यादा बढ़ चुका हो और इम्यून सिस्टम लगभग खत्म हो जाए, तब वह एड्स स्टेज में पहुँच जाता है।
यानी HIV एक वायरस है जो शरीर को प्रभावित करता है, जबकि AIDS उस वायरस के कारण होने वाली स्थिति या सिंड्रोम है। समय पर HIV की पहचान और ART इलाज शुरू होने से व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ और सामान्य जीवन जी सकता है और AIDS स्टेज पर पहुँचने से बच सकता है।
महिलाओं में HIV/AIDS कैसे होता है?
ये जरूरी नहीं की किसी के साथ यौन संबंध बनाने से ही एड्स या एचआईवी संक्रमण होता है। हालांकि जानकारी के अभाव में बहुत से लोगों को ऐसा लगता है और वो इस बीमारी को कलंक की तरह देखते हैं। मगर सच्चाई इसके विपरीत है जो आज हम आपको बताने जा रहे हैं। बता दें कि महिलाओं में HIV संक्रमण और एड्स तेजी से फैलने के प्रमुख कारण है जो नीचे बताए गए हैं-
1. असुरक्षित यौन संबंध
बिना सुरक्षा के यौन संबंध बनाना महिलाओं में HIV संक्रमण की सबसे बड़ी वजह है।
2. संक्रमित साथी (हसबैंड/पार्टनर)
यदि पार्टनर पहले से HIV पॉजिटिव है और उपचार नहीं ले रहा है तो संक्रमण आसानी से महिला तक पहुंच सकता है।
3. गर्भावस्था, प्रसव या स्तनपान
HIV संक्रमित मां से यह वायरस गर्भ में बच्चे को, डिलीवरी के दौरान या स्तनपान के जरिए भी संक्रमित कर सकता है।
4. ब्लड ट्रांसफ्यूजन
इनफेक्टेड ब्लड चढ़ाने से भी HIV फैल सकता है, इसलिए ब्लड केवल जांच की पुष्टि के बाद ही लिया जाना चाहिए।
5. संक्रमित उपकरण
इसके अलावा इंजेक्शन, सुई, टैटू/पियर्सिंग उपकरण को अगर सही तरह से स्टेरिलाइज न हों तो जोखिम बढ़ता है।
महिलाओं में HIV के शुरुआती लक्षण
लगातार थकान
वजन घटना
बार-बार इंफेक्शन होना
बुखार-बॉडी पेन
पेल्विक इंफेक्शन
मासिक धर्म में अनियमितता
बचाव ही सबसे बड़ी सुरक्षा
सुरक्षित यौन संबंध
नियमित HIV टेस्ट
पार्टनर की HIV स्थिति जानना
जाँच किए गए ब्लड का ही उपयोग
ART दवाओं को समय पर लेना (यदि संक्रमण हो चुका है)।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
