World Mental Health Day: डर से लेकर डियर जिंदगी तक, मेंटल हेल्थ को बखूबी दर्शाती हैं बॉलीवुड की ये 7 फिल्में

Bollywood movies on mental health: मेंटल हेल्थ आज के समय में एक बड़ी समस्या बन चुकी है, दुन‍ियाभर में आधी से ज्‍यादा आबादी इस समस्‍या से जूझ रही है। आज के युवा सबसे ज्यादा डिप्रेशन और तनाव के शिकार है। लोगों की उम्र भी लगातार घटती जा रही है और दिनोंदिन हार्ट अटैक और इससे जुड़ी बीमारियों से होने वाली मौतों की संख्या भी बढ़ चुकी है।

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़े मुद्दों पर लोग खुलकर बात करने से बचते हैं। अक्सर जो चीजें हम खुद से देखकर नजरअंदाज कर देते हैं, फिल्में हमें यह बताती है कि यह मुद्दा कितना बड़ा है। सिनेमा अवेयरनेस क्र‍िएट करने का सबसे बड़ा मंच हैं।

इसी तरह बॉलीवुड में भी मेंटल हेल्थ पर कुछ फिल्में बन चुकी हैं। जो इस विषय को बखबूी दर्शाती हैं। चलिए हम आपको 7 ऐसी फ‍िल्‍मों के बारे में बता रहे हैं, जो मेंटल हेल्‍थ पर बेस्‍ड हैं।

World Mental Health Day 2023

छिछोरे

'छिछोरे' में सुशांत सिंह राजपूत ने एक किशोर के पिता की भूमिका निभाई थी। उनके बेटे को जब पता चला कि उसने आईआईटी उत्तीर्ण नहीं किया है तो उसने अपनी जान देने की कोशिश की। और एक पिता के तौर पर सुशांत सिंह अपने कॉलेज के दिनों की कहानी सुनाते हैं जिसमें यह सीख है कि कैसे कोई हारा हुआ नहीं है।

World Mental Health Day 2023

बर्फी

रणबीर कपूर और इलियाना डिक्रूज की फिल्म बर्फी कोई डिसएबिलिटी नहीं बल्कि, मेंटल हेल्थ पर आधारित है। दरअसल, फिल्म में autism spectrum disorder पर फोकस किया गया है। यह दिमाग से जुड़ी एक प्रकार की समस्या है, जिसमें ब्रेन पर प्रभाव पड़ता है साथ ही मरीज को लोगों से बातचीत करने में भी काफी असहजता होती है। फिल्म को देखकर आप मेंटल हेल्थ को करीब से समझ सकते हैं।

World Mental Health Day 2023

तमाशा

रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण की फिल्म तमाशा भी मेंटल हेल्थ पर आधारित है। इसमें रणबीर बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर के मरीज का किरदार निभाते हैं। यह एक प्रकार की मानसिक समस्या है, जिसमें मरीज को अपने इमोशन्स पर कंट्रोल नहीं रहता है। इस बीमारी से पीड़ित मरीज खुद को नुकसान पहुंचाने के साथ ही जल्दी गुस्से में आ जाते हैं।

World Mental Health Day 2023

डियर जिंदगी

आलिया भट्ट और शाहरुख खान की फिल्म डियर जिंदगी मेंटल हेल्थ इस फिल्म में आलिया को बचपन में उसके माता-पिता अपने बिजनेस के चलते नानी के घर रहने के लिए छोड़ देते हैं। वह अपने मां-पापा की याद में लेटर लिखती है, लेकिन कोई रिप्लाई नहीं आता है। इस बात से वह काफी डिप्रेस हो जाती है। जिसका प्रभाव उसके रिलेशनशिप पर भी पड़ता है। वह इसके लिए साइकेट्रिस्ट यानी शाहरुख से मिलती है और फिर उसकी जिंदगी में बदलाव आ जाता है।

जजमेंटल है क्या

साल 2019 में आई कंगना रनौत की फिल्म 'जजमेंटल है क्या' भी मेंटल हेल्थ पर आधारित है। इस फिल्म में एक ऐसी महिला की कहानी दिखाई गई है, जिसके पिता उसकी मां के साथ बुरा व्यवहार करता था। इस बात का उसके दिमाग पर गहरा असर पड़ता है। इसके कारण वह यह सोचने लगी थी कि सभी पुरुष जानवर होते हैं। अक्सर लोग मेंटल हेल्थ को लेकर यही सवाल करते हैं कि मेंटल है क्या, इसलिए इस फिल्म का टाइटल इस मूवी को भी जस्टिफाई करता है।

कार्तिक कॉलिंग कार्तिक'

साल 2010 में आई फिल्म 'कार्तिक कॉलिंग कार्तिक' भी इस लिस्ट में शामिल है। यह फिल्म डिसोसिएटिव आइडेंटिटी डिसऑर्डर और सिजोफ्रेनिया के बारे में है। एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है, जो इंट्रोवर्ट है, कॉर्पोरेट वर्ल्ड में काम करने वाला लो कॉन्फिडेंस व्यक्ति, जो अपने भाई की मौत का दोषी अपने आप को मानता है। जिसके लिए वह थेरेपिस्ट से मिलता है। इस फिल्म में मेंटल डिसऑर्डरको बखूबी दर्शाया है। फरहान अखतर इस फिल्म में लीड रोल में नजर आ चुके हैं।

World Mental Health Day 2023

तारे जमीन पर

फिल्म तारे जमीन पर मेंटल हेल्थ के कई पहलुओं पर फोकस करती है। यह फिल्म साल 2007 में आई थी, जिसमें एक बच्चे का किरदार दिखाया गया है, जिसे मेंटल डिसऑर्डर होता है। दरअसल, उसे dyslexia नामक बीमारी होती है। फिल्म में दिखाया गया है कि बच्चा मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्या से जूझता है और लोग उसकी समस्या को नहीं समझ पाते हैं। फिल्म में उसे लर्निंग डिसऑर्डर होता है।

World Mental Health Day 2023

डर

यश चोपड़ा द्वारा निर्देशित साइकोलॉजिकल रोमांटिक थ्रिलर फिल्म 'डर' साल 1993 में रिलीज हुई थी। इसमें शाहरुख खान, जूही चावला और सनी देओल मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म में शाहरुख खान का किरदार राहुल एक जुनूनी आशिक होता है, जो इरोटोमेनिया और बॉर्डरलाइन नामक पर्सनालिटी डिसऑर्डर का शिकार होता है। अमूमन टीनएज में लड़के इस तरह की बीमारी के शिकार हो जाते हैं। वो जो चाहते हैं, उनको मिलता नहीं है, तो वो हिंसक होकर उसे जबरन पाने की कोशिश करते हैं. ऐसे में काउंसलिंग की सख्त जरूरत होती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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