Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
Youtuber अरमान मलिक और कृतिका के बेटे को हुई ये गंभीर बीमारी, बच्चों की हड्डियों को गला देता है ये रोग
Youtuber Armaan Malik Son Diagnosed with Rickets : यूट्यूबर अरमान मलिक और कृतिका मलिक के छोटे बेटे जैद को गंभीर बीमारी हो गई है। महज दो साल की उम्र में जैद रिकेट्स से जूझ रहा है, जिससे उसकी हड्डियां कमजोर हो गई हैं। इस खबर को मलिक परिवार ने अपने व्लॉग के जरिए के सोशल मीडिया पर शेयर की है।
रिकेट्स जिसे सूखा रोग भी कहा जाता है यह एक हड्डी से जुड़ी बीमारी है, जो विटामिन D, कैल्शियम और फॉस्फोरस की कमी के कारण होती है। इससे हड्डियां नरम हो जाती हैं और आसानी से मुड़ या टूट सकती हैं। जैद की बीमारी की खबर से परिवार तनाव में है। आइए जानते हैं आखिर रिकेट्स कितनी खतरनाक बीमारी है और किसे इस बीमारी से ज्यादा खतरा है और किन्हें रहता है?

रिकेट्स की बीमारी क्या है?
रिकेट्स एक ऐसी बीमारी है जिसे सही खानपान, धूप और पोषण से आसानी से रोका जा सकता है। यदि बच्चे में इसके लक्षण नजर आएं, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि हड्डियों की कमजोरी को बढ़ने से रोका जा सके।
रिकेट्स एक हड्डियों से जुड़ी बीमारी है, जो मुख्य रूप से बच्चों में होती है। यह तब होती है जब शरीर में विटामिन D, कैल्शियम और फॉस्फोरस की कमी हो जाती है, जिससे हड्डियां कमजोर और नरम हो जाती हैं। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव बच्चों की लंबाई, हड्डियों के विकास और दांतों पर पड़ता है।
रिकेट्स के लक्षण
- हड्डियों में दर्द और कमजोरी
- टांगों का टेढ़ा होना (Bow legs या Knock knees)
- मांसपेशियों में कमजोरी
- हड्डियों का आसानी से मुड़ना या टूटना
- कलाई, टखनों और पसलियों की हड्डियों का उभर आना
- बच्चों की लंबाई का सामान्य से कम बढ़ना
- देर से दांत निकलना और कमजोर दांत
रिकेट्स होने की वजह
विटामिन D की कमी - सूरज की रोशनी न मिलने या खानपान में विटामिन D की कमी से शरीर कैल्शियम को सही से अवशोषित नहीं कर पाता।
कैल्शियम और फॉस्फोरस की कमी - ये दोनों मिनरल्स हड्डियों को मजबूत बनाते हैं। इनकी कमी से हड्डियों का विकास सही से नहीं होता।
सही आहार न लेना - दूध, अंडा, मछली, हरी सब्जियां न खाने से यह समस्या हो सकती है।
किडनी और लिवर की बीमारियां - ये अंग शरीर में विटामिन D के सक्रिय रूप को बनाने में मदद करते हैं।
अनुवांशिक कारण - कुछ मामलों में यह बीमारी माता-पिता से बच्चों में आनुवंशिक रूप से आ सकती है।
रिकेट्स से बचाव के उपाय
रिकेट्स एक ऐसी बीमारी है जिसे सही खानपान, धूप और पोषण से आसानी से रोका जा सकता है। यदि बच्चे में इसके लक्षण नजर आएं, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि हड्डियों की कमजोरी को बढ़ने से रोका जा सके, इसके अलावा इन बातों पर भी ध्यान दें।
सूरज की रोशनी लें: सुबह की धूप में कम से कम 15-20 मिनट बिताएं, जिससे शरीर को प्राकृतिक रूप से विटामिन D मिले।
संतुलित आहार लें: दूध, पनीर, अंडा, मछली, सोयाबीन, हरी पत्तेदार सब्जियां, बादाम और अखरोट को डाइट में शामिल करें।
विटामिन D सप्लीमेंट्स: अगर डॉक्टर सलाह दें तो विटामिन D और कैल्शियम के सप्लीमेंट्स लें।
शारीरिक गतिविधि करें: हड्डियों को मजबूत रखने के लिए बच्चों को आउटडोर खेल और व्यायाम करने दें।
नियमित जांच कराएं: अगर बच्चे की हड्डियों की बनावट में कोई असामान्यता दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
