कड़ी पत्‍ते का पेड़ उगाने का तरीका

भारत में कड़ी पत्‍ते का बहुत उपयोग है। दक्षिण भारत में तो इन पत्‍तों के बिना खाना ही नहीं बनता। भोजन के अलावा इसे कई आयुर्वेदिक चीजों में भी इस्‍तमाल किया जाता है। हमें अपने घरों में इसका पौधा लगाना चाहिए और पड़ोसियों को भी इसका लाभ उठाने देना चाहिए। कड़ी पत्‍ते को मीठी नीम भी कहा जाता है। यह कोलेस्ट्रोल कम करता है, इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करता है और वजन कम करने के लिए रोजाना कुछ मीठी नीम की पत्तियाँ चबानी चाहिये।

अगर आप कड़ी पत्‍ते का पेड़ अपने घर में लगाना चाहती हैं तो, पौधे उगाने के लिए ताज़े बीजों को बोना चाहिए, सूखे या मुरझाये फलों में अंकुर-क्षमता नहीं होती। फल को या तो सम्पूर्ण रूप से (या गूदा निकालकर) गमले के मिश्रण में गाड़ दीजिये और उसे गीला नहीं बल्कि सिर्फ़ नम बनाए रखिये। आइये जानते हैं कि इसे उगाने के लिये और क्‍या क्‍या तैयारियां करनी पड़ती हैं।

जरुरी सावधानियां -

1. घर के बाहर उगाएं: कड़ी पत्‍ते को सूरज की रौशनी चाहिये होती है तो अच्‍छा होगा कि उसे बाहर ही उगाया जाए। अगर आप फ्लैट में रहते हैं तो भी कोशिश करें कि उसे जहां सूरज की रौशनी पड़ रही हो, वहीं पर उगाएं। इसके अलावा इसी समय में उसे तेज धूप से भी बचाने की कोशिश करनी चाहिये।

2. बीज बोआई: बीच बोने से पेड़ आसानी से उग आता है। हांलाकि इसमें थोड़ा सा समय लगता है।

3. तने की बुआई: बीज बोने के बजाए आप किसी दूसरे पेड़ से तने को काट कर मिट्टी में गाड़ सकती हैं। तना ज्‍यादा कठोर नहीं होना चाहिये, इसे मुलायम होना चाहिये। तने को मिट्टी के कुछ सेंटिमीटर भीतर ही गाड़े और ऊपर कुछ पत्‍तियां होनी चाहिये।

4. पौधे की छटाई: अगर आप चाहती हैं कि पौधा जल्‍दी बढे़ तो उसकी समय समय पर छटाई करती रहें। छटाईं करने से नई और ताजी पत्‍तियों को उगने की जगह मिलेगी।

5. कीट नियंत्रण: वैसे तो कड़ी पत्‍ते पर कीट कोई बड़ी चिंता का विषय नहीं है। बाजार में मिलने वाला रासायनिक कीटनाशकों के बजाए आप नमक वाला पानी भी पौधों पर छिड़क सकती हैं। इसे हफ्ते में एक या दो बार करें।

6. पानी: पानी देने से पहले देख लें कि जमीन पूरी तरह से सूख चुकी हो। गर्मियों में कड़ी पत्‍ते में पानी डालना जरुरी होता है। इसके अलावा अगर जमीन गीली है तो उतनी पानी की आवश्‍यकता नहीं है।

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