Latest Updates
-
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो
बगीचे में दालचीनी को लगाने के होते हैं ये फायदे
हममें से कई ऐसे लोग जो दालचीन के बिना अपने जीवन की कल्पना भीं नहीं कर सकते हैं। दालीचीनी की महक बहुत तेज होती है। दक्षिण से लेकर उत्तर भारत तक के लोग दालचीनी का सेवन करते हैं।
पिछले कुछ सालों में दालचीनी के स्वाद में थोड़ा बदलाव आया है। अब ना तो इसकी महक पहले जैसी रही है और ना ही स्वाद। ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने और ह्रदय रोग के खतरे को कम करने के लिए अकसर डॉक्टर दालचीनी खाने की सलाह देते हैं। इसके सेवन से सौंदर्य में भी निखार आता है। कई फेस पैक और स्क्रब में दालचीनी को मिलाया जाता है।
हालांकि, अब दालचीनी में वो गुण नहीं रह गए हैं जो पहले मिला करते थे। पहले के लोग खुद अपने बगीचे में दालचीनी उगाते थे और फिर ताजा इसका इस्तेमाल करते थे। आज हम आपको इस पोस्ट के ज़रिए बताने जा रहे हैं कि दालचीनी को आपको अपने गार्डन में क्या शामिल करना चाहिए और इसके क्या फायदे हैं।

चीटियां रखे दूर
चींटियां पौधों को खा जाती हैं और इसलिए गार्डन से इन्हें हटाना बहुत जरूरी होता है। ये ना केवल पत्तियों को नुकसान पहुंचाकर पौधे को बदसूरत बना देती हैं बल्कि पौधे की सेहत को भी हानि पहुंचाती हैं। अगर आपके बगीचे में भी चींटियां हो गई हैं तो इससे बचने के लिए आपको दालचीनी का पौधा लगाना चाहिए। इससे चीटियों का झुंड नहीं बन पाता है और आपके पौधे सुरक्षित रहते हैं।
फंगस को मिटाए
फंगस भी पौधे के विकास में बाधा उत्पन्न करता है। भारत में जंगल मशरूम में वृद्धि भी चिंता का एक कारण है। ऐसे में इस काम के लिए आप दालचीनी का इस्तेमाल कर सकते हैं। दालचीनी का पाउडर बना लें और इसके बाद जहां भी फंगी हो वहां पर इसके पाउडर को छिड़क दें। इससे फंगस जल्दी खत्म हो जाएगी।
अंकुरों को बचाए
पौधों के अंकुर भी बहुत नाजुक होते हैं। इसे मौसम में बदलाव, फंगस और कई तरह के रोगों से बचाना होता है। यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अत्यधिक नमी के कारण अंकुर सड़ नाए जाएं। दालचीनी में एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो इन सब समस्याओं से बचाकर रखते हैं। इसके अलावा बीज वहीं रखना चाहिए जहां पर इसके विकास के लिए अनुकूल वातावरण हो। तब आपको दालचीनी की जरूरत नहीं पड़ेगी।
ग्राफ्टिंग में मदद
बागवानी करने वाले लोग ग्राफ्टिंग से परिचित होंगें। सामान्य सी बात है कि जब किसी पौधे का कोई हिस्सा उससे टूटकर गिर जाता है तो वो कमजोर हो जाता है। ऐसे में उसे दोबारा उगने के लिए दालचीनी से शक्ति मिलती है। इससे पौधो मजबूती से बढ़ता है।
बीमार पौधों की दवा
अन्य जीवों की तरह पौधों को भी चोट लगती है लेकिन ये रिकवर भी बहुत जल्दी करते हैं। पौधे पर रोज़ दालचीनी पाउडर छिड़कने से वो फिर से तरोताजा और जिंदा हो जाता है। यह अधिकतम मात्रा में प्रतिधारण सुनिश्चित करने के लिए पौधे को पानी देने के बाद उस पर दालचीनी पाउडर छिडकें। 4-5 दिन में ही पौधे की सेहत में सुधार आ जाएगा।
मच्छरों को रखे दूर
ये सिर्फ गार्डन ही नहीं बल्कि आपके लिए भी अच्छा होगा। मच्छरों को दालचीनी की खुशबू अच्छी नहीं लगती है। अगर आप अपने बगीचे में दालचीनी पाउडर छिडक देंगीं जो इससे मक्खी-मच्छर दूर हो जाएंगें। इस तरह आप डेंगू और मेलरिया जैसी बीमारियों से भी बचे रहेंगें। इससे आपका परिवार भी स्वस्थ रहेगा और पौधे भी। इससे आपके बगीचे का सौंदर्य भी कई गुना बढ़ जाएगा।



Click it and Unblock the Notifications











