Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि

Mangalwar Vrat: मंगलवार का व्रत भगवान हनुमान की कृपा पाने के लिए रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में मंगल ग्रह कमजोर होता है, उनके लिए भी यह व्रत लाभकारी माना जाता है। इस व्रत को महिलाएं और पुरुष दोनों ही रख सकते हैं। मान्यता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा और सच्चे मन से मंगलवार का व्रत करता है, उसकी मनोकामनाएं पूरी होने लगती हैं। अगर आप भी मंगलवार का व्रत शुरू करने की सोच रहे हैं, तो पहले इसके नियम, पूजा विधि और इससे मिलने वाले लाभ के बारे में जान लेना जरूरी है।

Tuesday Fast Rules

मंगलवार व्रत की विधि

मंगलवार का व्रत आमतौर पर लगातार 21 मंगलवार तक रखने की परंपरा मानी जाती है। इस व्रत की शुरुआत संकल्प लेकर की जाती है।
व्रत वाले दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और संभव हो तो लाल रंग के वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा की तैयारी करें।
पूजा के लिए घर के ईशान कोण में भगवान हनुमान की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
इसके बाद हनुमान जी के सामने देसी घी का दीपक जलाएं और उन्हें फूलों की माला, रोली और सिंदूर अर्पित करें। साथ ही फल और प्रसाद का भोग लगाएं। पूजा के दौरान मंगलवार व्रत कथा पढ़ना और हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है।
अंत में भगवान हनुमान की आरती करें।
व्रत के दिन आमतौर पर एक समय ही भोजन किया जाता है और इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करने की भी सलाह दी जाती है।

मंगलवार व्रत को करने के फायदे

इस व्रत को करने से मंगल ग्रह मजबूत होता है।
भगवान हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।
जीवन में मान-सम्मान, शक्ति, साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है।
संतान की इच्छा रखने वाले दंपतियों के लिए भी यह व्रत शुभ माना जाता है।
मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से नकारात्मक शक्तियों का असर कम हो जाता है।
आर्थिक परेशानियों और कर्ज से राहत मिलने की भी मान्यता है।
नौकरी या करियर में आ रही बाधाएं दूर होने में मदद मिलती है।

मंगलवार व्रत के नियम

मंगलवार के व्रत में पवित्रता और साफ-सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए।
इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए और शारीरिक संबंध से बचना चाहिए।
पूजा करते समय मन को शांत और एकाग्र रखने की कोशिश करें।
व्रत के दौरान नमक का सेवन नहीं किया जाता है।
पूजा के समय काले या सफेद रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए।
आमतौर पर इस व्रत में दिन में एक ही समय भोजन करने की परंपरा मानी जाती है।

कब से शुरू कर सकते हैं मंगलवार का व्रत

मंगलवार का व्रत किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष के पहले मंगलवार से शुरू करना शुभ माना जाता है। यदि कोई व्यक्ति किसी विशेष मनोकामना की पूर्ति के लिए यह व्रत रख रहा है, तो इसे 21 या 45 मंगलवार तक करने की परंपरा बताई जाती है। व्रत पूरा होने पर उद्यापन करना भी जरूरी माना जाता है। उद्यापन के दिन ब्राह्मण या पंडित को भोजन कराना और उन्हें दान-दक्षिणा देना शुभ माना जाता है।

Story first published: Tuesday, March 10, 2026, 10:42 [IST]
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