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पोषक तत्वों से भरपूर सी-विड फर्टिलाइजर का गार्डनिंग में कुछ यूं करें उपयोग
क्या आपको भी गार्डनिंग का शौक है, क्या आप भी पेड़-पौधों को हराभरा बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास करते है। तो सी-वीड का नाम तो आपने सुन ही रखा होगा। जो यूरोपियन कंट्रीज में ज्यादा पोपुलर है। वैसे तो अब इसका यूज भारत में भी बढ़ता जा रहा है। लेकिन सही जानकारी के अभाव में बहुत से लोग अब भी इस तकनीक का प्रयोग करने से कतराते है। और इसी बात को समझते हुए इस आर्टिकल में हम सी-वीड फर्टिलाइजर के गार्डनिंग में उपयोग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां देने वाले है।

क्या है सी-वीड
सी-वीड, जिसे समुद्री खरपतवार भी कहते है, मूलत: समुद्र के तली में स्थित शैवाल हैं जिनमें भूरे, हरे और लाल शैवाल की कुछ प्रजातियां शामिल हैं। समुद्री खरपतवारों को इसके यूज के हिसाब से बांटा गया है, जैसे- फूड, मेडिकल, फर्टिलाइजर, फिल्ट्रेशन और इंडस्ट्रीयल एरिया। यह समुंदर के अंदर उगने वाली घास है। कुछ हज़ार साल पहले चीन और जापान में इसका उपयोग खाने की चीज के रूप में किया गया।

सी-विड का गार्डेनिंग में उपयोग
सी-वीड का सबसे पहले उपयोग समुंदर के किनारे रहने वाले लोगों ने किया और बाद में यह अन्य जगहों पर भी प्रयोग किया जाने लगा। ये समुद्र के किनारे पानी के साथ आ जाता हैं , वहीं से लोग इसे इकठ्ठा कर लेते हैं और सुखाकर कई तरह से प्रयोग करते हैं। ये ज्यादातर लिक्विड के रूप में ही मिलता है। सी-वीड में हुई रिसर्च में ये बात सामने आई है कि इसके उपयोग से आलू, टमाटर, मिर्च , स्ट्रोबेरी और मक्के की पैदावार में बढ़ोत्तरी होती है। इसके अलावा फूल वाले पौधों में इसका उपयोग करने से फूल ज्यादा आते है। और तो इसके इस्तेमाल से पौधों की रोगों से और कीट आदि से लड़ने की क्षमता में भी सुधार होता है।

1: न्यूटीशंस से भरपूर
एक अलग तरह के इको सिस्टम में पनपने के कारण सी-वीड में अलग तरह के न्यूटीशंस पाए जाते है। इनमें एनपीके बहुत कम मात्रा में होता है, लेकिन इसे आप बूस्टअप के तौर पर यूज कर सकते है। क्यूंकि इसमें कैल्शियम , मैग्निशियम,आयरन , ज़िंक , आयोडीन , कई तरह के न्यूटीशंस होते है जो अन्य किसी भी तरह के खाद में नही पाए जाते हैं।

2: आसानी से सोख लिया जाता है
सी वीड लिक्विड फर्टिलाइजर के एक विशेषता ये भी है कि इसे पौधे बहुत ही आसानी से सोख लेते है, इसलिए कम समय में पौधों को ज्यादा शक्ति देने के लिए भी ये काफी कारगर खाद है। दरअसल इसमें मौजूद एलजिनिक एसिड पानी के पृष्ठ तनाव को कम कर देता है जिससे पौधा आसानी से इसमें मौजूद न्यूटीशंस को सोख लेता है। चूंकि इससे पौधे के जड़ों की ग्रोथ अच्छी तरह होती है, ऐसे में अच्छी गुणवता वाले फल और सब्जियों पाने के लिए सी-वीड फर्टिलाइजर का उपयोग जरूर करना चाहिए ।

3: मिट्टी के माइक्रो ऑर्गनिज्म को एक्टिवेट करता है
सी-वीड मिट्टी में मिलकर नेचुरल तरीके से मिट्टी की उर्वरा शक्ति को कई गुना बढ़ा देता है , यह मिट्टी के इको सिस्टम को और सुचारु रूप से चलाने में भी मदद करता है। बल्कि यह मिट्टी मे ऑर्गैनिक मैटर को बढ़ता है और कई तरह के माइक्रो ऑर्गनिज्म को एक्टिवेट करता है जो मिट्टी को और भी ज्यादा असरदार बनाती है। ये मिट्टी में मौजूद सोइल माइक्रोब्स की फर्टिलिटी को तेज़ कर देता है जिससे उनकी संख्या तेज़ी से बढ़ने लगती है।
4: सेफ और नॉन -टोक्सिक
क्यूंकि ये समुद्री पादपों से बनता है इसलिए यह पूरी तरह से सेफ है। और चूंकि इसे बनाने में किसी प्रकार के केमिकल का प्रयोग नहीं किया जाता है इसलिए यह इन्सानों, जानवरों और पौधों आदि सभी के लिए सुरक्षित है । इस खाद का प्रयोग करने से पर्यावरण को नुकसान भी नहीं होता और हमें अच्छी गुणवत्ता के फल और सब्जी मिलती रहती है ।



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