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कैसे रखे जड़ी बूटियों को संरक्षित?
हमारे बगीचे में मौजूद जड़ी बूटियों को सूखाने से उनका इस्तमाल लम्बे समय के लिए किया जा सकता है। इस तरीके से आप इसके मूल और मात्रा दोनों पर नियंत्रण रख सकते हैं। वैसे तो हमे ताज़ा जड़ी बूटियों का इस्तेमाल करना चाहिए, पर कुछ पौधे सर्दियों में सूख जाते हैं। आज हम आप को जड़ी बूटियों को सूखाने के तीन तरीके बताएंगे, जिनके अपने अलग फायदे है। वे है हैंगिंग, फ्रीजिंग और स्टेपिंग इन आयल। इनमे से कोई भी तरीका इस्तेमाल कर आप जड़ी बूटियां सूखा सकते हैं।
तरीके
1) अपने बगीचे के पौधों को कैंची या चाकू से काट लें। अगर पौधा सर्दियों में जीवित रह सकता है (12 महीने जीवित रहने की शमता है) तो पौधे को नली से थोडा ऊपर काटे। या फिर पौधे को जड़ से उखाड़ ले और बूटियों को काट कर सूखाने के लिए तयार करें।

2) पौधों को धोले या उनपर लगी मिट्टी को साफ करने के लिए मिस्ट स्प्रे से पानी छिड़के और पोंछ ले। (वरना सूखाते समय उसे फफूंदी लग सकती है)। इन बूटियों को झटक ले या कागज़ के तौलिये से पोंछ ले।
3) हेंगिंग:
- नली से नीचे की पतियों को तोड़ ले और उन्हें ऊपर की पतियों संग बांध लें। ध्यान दे कि केवल 5 से 10 नलियां ही साथ में बांधे ता कि हवा से अच्छी तरह सूख जाए|
- इन बूटियों को भीड़ भाड़ वाली जगह से दूर किसी सूखी,गर्म या अँधेरी जगह में रखे जहाँ वायु संचार हो। इने सूखाने के लिए तापमान 68 डिग्री फेरंहिट/20 डिग्री सेल्सीयस होना चाहिए। अगर आप के घर में कोई अँधेरी जगह नहीं है, तो हर गुच्छे पर पेपर लंच बैग बांधे और इन बैग में छोटे छोटे छेद करे ता कि हवा आती जाती रहे। इस तरीके से इस पर धूल मिट्टी भी नहीं चिपकेगी।
- इन जड़ी बूटियों को 1 से 3 हफ्ते के लिए सूखाए। बीच बीच में देखते रहे कि बूटियां ठीक तरह सूखी रही है या नहीं, मोटी नली की बूटियों को सूखने में ज्यादा समय लगेगा। यह जांचने के लिए की बूटियां अच्छी तरह सूख गई है, बूटियों को अपनी दोनों उँगलियों के बीच मसले। अगर वे मसल जाये तो बूटियों को निकल लें।
- अब इने जड़ी बूटियों वाली कांच की शीशी में डाल लें या ( किसी अन्य कांच की शीशी में) डाल लें। सूकते समय इन में कोई लकड़ी के टुकड़े या अन्य कोई चीज़ गिर गयी हो तो उसे निकल ले। आप चाहे तो पतियों को एसे ही रख ले, या खाने में डालने के लिए मसल्लें (स्वाद बनाये रखने के लिए, इने जल्द उपयोग करें) या पतियों का इस्तेमाल चाय में या सूप गार्निश करने के लिए करे ( ये ज्यादा मसली ना हो)। बीजों को तभी कुंटे या मसले जब इनकी जरुरत खाना बनाने में हो।
- शीशी पर लेबल चिपकाकर, तारिक लिखे। एक साल के लिए इसका इस्तेमाल करें।
4) फ्रीजिंग:
- फ्रीजिंग में सही जड़ी बूटियों का इस्तेमाल करें। ज्यादा नर्म पत्ती वाली बूटियां जैसे तुलसी, अजमोद, लवेज और तेरागाना फ्रीजिंग के लिए सही है। कुछ पौधे केवल फ्रीज होते हैं पर सूखते नहीं जैसे चिव्स।
- ऊपर दिए गए तरीकों की तरह इन्हें धोकर सूखा लें। पतियों को तोड़ कर किसी फ्रीजिंग बैग या कंटेनर में डाल कर फ्रीज करें। लेबल छिपकाकर, तारिक लिखे और केवल 3 महीनों के लिए इस्तेमाल करें। अगर आप चाहते है कि जड़ी बूटियां ज्यादा दिनों तक टिक्की रहे, तो इन्हें तोड़ने के बाद कुछ सेकंड के लिए हल्का सा उबाल कर बर्फ के ठन्डे पानी में डाले फिर फ्रीजिंग बैग या कंटेनर में डालकर फ्रीज करें। इस तरह ये 6 महीनों की लिए टिक्केगी।
- अगर खाने में इन जड़ी बूटियों का इस्तेमाल और आसान तरीके से करना चाहते हैं तो इसे सीधा आइस क्यूब ट्रे में डालकर फ्रीज करें। इस तरीके में आप 1/3 जड़ी बूटियां 2/3 पानी में डालकर फ्रीज करें। तुलसी को जैतून के तेल संग मिलाकर गाढ़ा गूदा बनाये और इसे ट्रे में डालकर फ्रीज करें (पानी न मिलाएं)। फ्रीज किये गए क्यूब को प्लास्टिक की थैली में निकल लें। आवशकता अनुसार इनका इस्तमाल करें।
5) तेल में डालें: ऊपर दिये गए तरीकों की तरह पौधों को काट कर धो लें और जैतून के तेल में डाल लें। गर्मियों में इसे रेफ्रिजरेट या किसी ठंडी जगह में रखे। 6 महीनों के भीतर इसका इस्तेमाल करें।



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