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जर्मन शेपर्ड की कैसे करें देखभाल

देखभाल कैसे करें-
1.जर्मन शेफर्ड के बाल दो परतो में होते हैं। उप्परी जो की साल भर झडती रहती है और भीतरी जो की काफी घनी और खाल के करीब होती है। जहां तक हो आपको इनके बालों को रोज़ ब्रश से झाड़ने चाहिए।
2.अपने कुत्ते के वजन को हमेशा नियंत्रित रखें वरना इन्हें वजन बढ़ते ही हार्ट की समस्या या फिर आर्थ्राइटस का रोग भी हो सकता है। एक जर्मन शेफर्ड का औसत वजन 55-65 के बीच ही होता है।
3.मोतियाबिंद, कैल्शियम गाउट, क्रोनिक पैनक्रियाइटस, हिप और कोहनी डिसप्लेसिया, मिर्गी, हीमोफिलिया, स्लिप डिस्क और रेटिनल एथ्रोपी बीमारिया आम हैं, जो इन्हें हो सकती हैं, इसलिए इनका खास ध्यान रखें।
5.यह काफी ऊर्जावान होते हैं इसलिए जरुरी है कि आप इन्हें रोज़ बाहर ले जाएं और इनके साथ खेलें। इन्हें व्यायाम करने की भी आवश्यकता भी होती है।
5.इन्हें रोज़ नहाने की जरुरत नहीं होती। इसलिए इन्हें हफ्ते में केवल 3 बार नहलाना चाहिए पर बाल इनके रोज़ झाडने चाहिए जिससे कि इनके बाल कम झड़ें।
6.हर दूसरे हफ्ते इनके पैरों के नाखून काटें जिससे यह पैरों के संक्रमण और एर्लेजी से बचे रहें। इनको जमीन में मिट्टी खोदना बहुत पसंद है इसलिए यह जब भी बाहर से वापस लौटें तो इनके पैरों को अच्छे से साफ करना चाहिए।
7.इनको पसंद होता है कि यह डॉग टॉय को बड़े मजे से चबा कर खाते हैं। इसलिए जरुरी है कि इनके मनोरजंन के लिए इन्हें यह दें।
8.इनकी हर आदत के लिए एक समय र्निधारित करें। इनके खाने का समय, सोने और टहलने का समय पक्का कर लेने से इनमें अनुसाशन आएगा।
9.संक्रमण से बचाने के लिए इनके कानों और दांतो को रेगुलर साफ करना चाहिए।
10.जब भी परिवारजन एक साथ खाना खा रहे हों तो अपने कुत्ते को भी साथ में ही खिलाएं। उन्हें बिल्कु भी ऐसा महसूस न होने दें कि वह अलग हैं। पर उनकी ज्यादा लाड़ प्यार से आदत भी न बिगाड़े।
11.इनकी डाइट में पौष्टिक तत्व शामिल होने जरुरी हैं जैसे, मीट, गाजर, दूध आदि से यह स्वस्थ्य और एक्टिव रहते हैं।



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