Latest Updates
-
एक कली कच्चा लहसुन खाकर दिन की शुरुआत करती हैं सोहा अली खान, जानें खाली पेट गार्लिक खाने के 5 जबरदस्त फायदे -
पिृत दोष से मुक्ति के लिए आज आषाढ़ अमावस्या पर करें इन 5 चीजों का दान, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद -
बार-बार मुंह में हो रहे छालों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज, हो सकता है ओरल कैंसर, जानें लक्षण -
लड़के-लड़कियों के लिए सबसे मॉडर्न और छोटे 100+ टॉप नाम, यहां देखें अर्थ सहित लिस्ट -
कांवड़ यात्रा कब से होगी शुरू? इस दौरान भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, अधूरी रह जाएगी पूजा -
Kriti Sanon ने करवाए अपने अंडे फ्रीज! जानें किस उम्र में ये कराना बेहतर और Egg Freezing फायदे-नुकसान? -
कब है आषाढ़ अमावस्या? इस दिन इन 4 राशियों पर मंडरा रहा संकट, कहीं आपकी राशि भी तो लिस्ट में नहीं? -
Corona Alert: सिंगर कुमार सानू के बेटे को हुआ कोविड, आंध्र प्रदेश में मिले सबसे ज्यादा मरीज, जानें लक्षण -
स्कूल टिफिन के लिए 15 मिनट में तैयार करें सॉफ्ट और स्पंजी सूजी के अप्पे, नोट कर लें आसान रेसिपी -
संडे स्पेशल डिनर के लिए परफेक्ट है पनीर कॉर्न पुलाव, स्वाद ऐसा कि सब मांगेंगे दोबारा
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी व्रत के दिन जरूर सुनें ये व्रत कथा, विष्णु भगवान होंगे प्रसन्न
Aja Ekadashi Vrat Katha: 19 अगस्त 2025, को अजा एकादशी व्रत रखा जाएगा। यह व्रत भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से जन्म-जन्मांतर के पाप मिट जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। अजा एकादशी व्रत के दिन भगवान विष्णु की पूजा होती है और शास्त्रों में वर्णित है कि बिना व्रत कथा सुने और सुनाए अजा एकादशी का व्रत अधूरा माना जाता है। कथा के श्रवण और कीर्तन से व्रती को भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है और उसके मनोरथ पूरे होते हैं।
अगर आपने भी अजा एकादशी व्रत रखा है तो नीचे दी गई कथा को जरूर सुनें और सुनाएं। माना जाता है कि जो लोग व्रत नहीं रखते लेकिन कथा सुनते हैं तो उन्हें भी व्रत का फल मिलता है।

अजा एकादशी व्रत कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, अयोध्या नगरी में हरिश्चंद्र नामक सत्यवादी राजा राज्य करते थे। वे अपने वचनों के पक्के और धर्म के पालनकर्ता थे। एक समय ऐसा आया जब उन्हें अपने वचन की रक्षा के लिए अपना समस्त राजपाट, धन-संपत्ति और यहां तक कि पत्नी व पुत्र को भी त्यागना पड़ा। वे श्मशान घाट में डोम का काम करने लगे। एक दिन ऋषि गौतम वहां पहुंचे और उन्होंने राजा हरिश्चंद्र से उनकी कठिन स्थिति का कारण पूछा।
तब उन्होंने सारा वृत्तांत सुनाया। यह सुनकर ऋषि गौतम ने कहा कि तुम भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अजा एकादशी का व्रत करो। इसके प्रभाव से तुम्हारे सारे पाप नष्ट हो जाएंगे और तुम्हें जीवन में सुख-शांति मिलेगी। राजा हरिश्चंद्र ने श्रद्धापूर्वक इस व्रत को किया। परिणामस्वरूप उनके समस्त दुख दूर हो गए, उन्हें खोया हुआ राज्य वापस मिल गया और परिवार भी पुनः मिल गया। तभी से अजा एकादशी का व्रत अत्यंत फलदायी और पापमोचक माना जाता है।
अजा एकादशी व्रत कथा का महत्व
इस कथा को सुनने और सुनाने से जीवन के सभी दुख-दर्द मिटते हैं। व्रती को धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष - चारों पुरुषार्थ की प्राप्ति होती है। अजा एकादशी व्रत करने से पापों का नाश होता है और आत्मा को शुद्धि मिलती है। इस व्रत को करने से भगवान विष्णु की कृपा से व्रती के सभी मनोरथ पूरे होते हैं। यह कथा हर व्रती को अजा एकादशी के दिन जरूर सुननी और सुनानी चाहिए।
अजा एकादशी व्रत की पूजा विधि
अजा एकादशी व्रत के दिन प्रात: काल उठें और स्नान कर साफ वस्त्र पहनें।
अजा एकादशी व्रत का संकल्प लें और और भगवान विष्णु का ध्यान करें।
अजा एकादशी व्रत कथा सुनें और परिवार वालों को सुनाएं, इसे व्रत का फल मिलता है।
अजा एकादशी व्रत के दिन तामसी भोजन न करें और चावल भी न खाएं।



Click it and Unblock the Notifications