Latest Updates
-
Bank Holidays March 2026: अगले 4 दिन बंद रहेंगे बैंक, राम नवमी पर कहां-कहां रहेगी छुट्टी? देखें पूरी लिस्ट -
कौन हैं अनन्या बिड़ला? RCB के बिकने के बाद सोशल मीडिया पर छाईं, जानिए उनकी नेट वर्थ -
गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी की समस्या से रहते हैं परेशान तो करें ये 5 योगासन, पाचन तंत्र होगा मजबूत -
Chaitra Navratri 2026 Havan: अष्टमी या नवमी पर हवन कैसे करें? जानें हवन विधि, मंत्र, मुहूर्त और सामग्री -
काली कोहनी को गोरा करने के 2 आसान घरेलू उपाय, एक ही बार में दूर हो जाएगा जिद्दी कालापन -
Sugar Patient को भूलकर भी नहीं खाने चाहिए ये 5 फल, तेजी से बढ़ सकता है ब्लड शुगर लेवल -
A अक्षर से जुड़वा बच्चों के लिए 100+ मॉडर्न और अर्थपूर्ण नाम, देखें 1 जैसे ताल वाले नामों की लिस्ट -
Lockdown In India: क्यों गूगल पर ट्रेंड कर रहा 'लॉकडाउन'? बंद हुआ सब तो इन चीजों की सप्लाई पर होगा असर -
Harish Rana Funeral Video: गायत्री जाप और 2 मिनट का मौन...13 साल बाद पंचतत्व में विलीन हुए हरीश राणा -
Gond Katira Ke Fayde: गर्मियों में गोंद कतीरा खाने से सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे, जानें सेवन का सही तरीका
Bathing Rules: संभोग के बाद, श्मशान से आने के बाद, जानें शास्त्रों में कब कब स्नान जरूरी माना गया है
हिंदू शास्त्रों में स्नान का अत्यधिक धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। स्नान को शारीरिक और मानसिक शुद्धि का माध्यम माना गया है। यह न केवल शारीरिक स्वच्छता के लिए बल्कि आत्मिक शुद्धि और आंतरिक शांति के लिए भी आवश्यक है।
शास्त्रों के अनुसार, स्नान को दैनिक जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है जिससे व्यक्ति शारीरिक, मानसिक और आत्मिक रूप से शुद्ध और स्वस्थ रहता है। इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि शास्त्रों के अनुसार कब कब स्नान करना जरूरी बताया गया है:

शव यात्रा के बाद स्नान का महत्व
ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, किसी की शव यात्रा में शामिल होने के बाद गंगाजल मिश्रण करके स्नान करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। ऐसा करने से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से शुद्ध हो जाता है। शव यात्रा में शामिल होने के बाद नकारात्मक ऊर्जा और अपवित्रता से मुक्त होने के लिए यह स्नान आवश्यक है। गंगाजल का उपयोग करने से शुद्धिकरण की प्रक्रिया को और भी पवित्र माना जाता है, क्योंकि गंगा नदी को हिंदू धर्म में पवित्र और पापों का नाश करने वाली मानी जाती है।
संभोग के पश्चात स्नान का महत्व
हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्रों में संभोग के पश्चात स्नान करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है, चाहे वह महिला हो या पुरुष।
बाल कटवाने और दाढ़ी बनवाने के बाद स्नान का महत्व
पुरुषों को बाल कटवाने और दाढ़ी बनवाने के बाद स्नान करने की सलाह दी जाती है। इसके पीछे धार्मिक, शारीरिक और सांस्कृतिक कारण हैं। बाल कटवाने और दाढ़ी बनवाने के बाद शरीर पर छोटे-छोटे बाल और धूलकण चिपक जाते हैं, जिन्हें स्नान से साफ किया जा सकता है। धार्मिक दृष्टिकोण से बाल और दाढ़ी कटवाने के बाद स्नान करना पवित्रता का प्रतीक है।
उलटी करने के बाद अवश्य करें स्नान
अगर आपका स्वास्थ्य ठीक नहीं है और आपको उल्टी हो रही है तो उसे समय आपका शरीर भी अशुद्ध माना जाता है, तो इस दौरान उल्टी होने के बाद आप जरूर स्नान करें।
मालिश के बाद जरूर करें स्नान
अपने हाथ पैर में तेल मालिश करवाने के पश्चात भी स्नान करना बहुत ही ज्यादा जरूरी होता है। मालिश के दौरान त्वचा पर तेल और अन्य उत्पाद लगाए जाते हैं जो पोर्स को बंद कर सकते हैं। स्नान से इनसे छुटकारा मिलता है। गर्म पानी से स्नान करने पर रक्त संचार बेहतर होता है और मालिश के लाभ अधिक प्रभावी होते हैं। स्नान करने से शरीर को ताजगी और आराम मिलता है, जिससे मांसपेशियों की थकान दूर होती है।
अस्पताल से आकर करें स्नान
अस्पताल से आकर स्नान करना स्वास्थ्य और स्वच्छता के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। अस्पताल में विभिन्न प्रकार के कीटाणु और बैक्टीरिया हो सकते हैं। स्नान से आप इनसे सुरक्षित रह सकते हैं। अस्पताल में समय बिताने के बाद शारीरिक स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है। स्नान करने से ताजगी और मानसिक शांति मिलती है। घर में अन्य लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए स्नान करना जरूरी है।
किसी व्यक्ति के घर से जाने के पश्चात शीघ्र ही नहीं नहाना चाहिए। इसके साथ ही आधी रात में भी नहीं नहाना चाहिए यह बहुत अशुभ माना जाता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











