Latest Updates
-
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण, प्रकार और बचाव के उपाय -
CJP के बाद किसने शुरू की E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर जुड़े लाखों फॉलोअर्स, जानें क्या है मांग -
कौन हैं Indian Idol 16 की विनर ज्योतिर्मयी नायक? कैंसर मरीजों को देती थीं थेरेपी, अब है ये सपना -
Bank Holidays August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
APJ Abdul Kalam Death Anniversary: सपनों को पूरा करने का हौसला देते हैं डॉ. कलाम के ये 10 प्रेरणादायक विचार -
Jaya Parvati Vrat Katha: जया पार्वती व्रत में जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद -
Jaya Parvati Vrat 2026: जया पार्वती व्रत आज से शुरू, जानें पूजा मुहूर्त, विधि और महत्व -
National Parents Day 2026 Wishes: आपकी उंगली पकड़कर चलना सीखा...पेरेंट्स डे पर माता-पिता को भेजें ये खास संदेश -
Kargil Vijay Diwas 2026 Wishes: तिरंगे की शान...कारगिल विजय दिवस के मौके पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश
Bhagavad Gita में कहा है इन 3 स्थितियों में जिसने सह लिया अपमान, जीवन में बनता है खरा सोना
What does the Bhagavad Gita say about success: गीता में जीवन का सार छिपा है, इसमें जीवन से जुड़े हर सवाल का जवाब मिल जाता है। गीता में कई ऐसे रहस्य छिपे है जो आपके जीवन के बड़े-बड़े समस्याओं का समाधान कर देती है। गीता में सफलता से जुड़े कई रहस्य भी छिपे है, जिन पर अमल करने से जीवन में आपको कभी हार नहीं मिलती है।
गीता में 3 ऐसी स्थितियां बताई गई है , जहां इंसान संयम और क्षमा भाव से अपमान सह लेते, तो वह भविष्य में सफलता की सीढ़ी अवश्य चढ़ता है। गीता में श्रीकृष्ण ने कहा है कि इन तीन परिस्थितियों में अपमान सहना आपको एक बेहतर इंसान बनाता है। जानें वो कौन-कौन सी परिस्थितियां है, तो चलिए जानते हैं..

माता-पिता द्वारा किया गया अपमा
कई बार माता-पिता गुस्से में आकर हमारा हमें ऐसी कठोर बाते सुना देते हैं, जो हमें लज्जित महसूस कराता है। भगवद गीता के अनुसार संतान को माता-पिता द्वारा किया गया अपमान आसानी से सहन करना चाहिए, क्योंकि यह अपमान कभी भी आपके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं होता बल्कि यह आपको गंभीर परिस्थितियों से लड़ना सिखाते हैं। कई संतान माता-पिता के अपमान को दिल से ले लेते हैं और उन पर गुस्सा हो जाते हैं, लेकिन ऐसा करना गलत है।
शिक्षक से मिला का अपमान
कई बार शिक्षक या गुरु आपको सुधारने के लिए गुस्सा हो जाते हैं और आपका अपमान कर देते हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि, 'माता-पिता या गुरु के कड़वे शब्द जीवन की सच्चाई और कठिन परिस्थिति का अहसास कराते हैं। जीवन को दिशा देने और भविष्य को आकार देने में इन दोनों का बहुत बड़ा योगदान है इसलिए कभी भी अपनी वाणी को अपमान के रूप में नहीं लेना चाहिए, बल्कि उसमें स्नेह ढूंढने का प्रयास करना चाहिए।
भगवान से मिला का अपमान
भगवद गीता के अनुसार अगर कोई मंदिर में आपका अपमान कर दें तो उस स्थिति में शांत रहे। कई बार भगवान आपके धैर्य की परीक्षा अलग-अलग परिस्थितियों के रुप लेता है। जो आपका अपमान करता है वह मंदिर में आने का उद्देश्य नहीं समझता है और मंदिर की शांति को अपने जीवन में स्थान नहीं दे सकता है, लेकिन आपको इस पवित्र स्थान का सम्मान करना चाहिए।। भगवद्गीता के अनुसार, देव स्थानों पर अपमान सहने वाले और वाद-विवाद न करने वाले को देव ऊर्जा प्राप्त होती है।



Click it and Unblock the Notifications