Latest Updates
-
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग -
Shardiya Navratri 2026 Day 6: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
National Boss Day 2026 Wishes: कभी गाइड करते...बॉस डे पर अपने बॉस का दिल से कहें शुक्रिया, भेजें ये खास संदेश -
क्रिएटिनिन क्या होता है? जानें स्वस्थ किडनी के लिए क्रिएटिनिन का नॉर्मल लेवल कितना होना चाहिए -
Durga Puja Pandals in Delhi NCR: ये हैं दिल्ली-एनसीआर के टॉप 10 दुर्गा पूजा पंडाल, इस नवरात्रि जरूर करें दर्शन -
बारिश में बाल झड़ना कैसे रोकें: कारण, देखभाल और जरूरी पोषक तत्व -
Ashtami Navami 2026 Date: अष्टमी और नवमी कब है? जानें सही तिथि, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और महत्व -
Global Handwashing Day 2026: इस बार किस थीम के साथ मनाया जा रहा है यह दिन? जानें हाथ धोने का सही तरीका
Bhagavad Gita में कहा है इन 3 स्थितियों में जिसने सह लिया अपमान, जीवन में बनता है खरा सोना
What does the Bhagavad Gita say about success: गीता में जीवन का सार छिपा है, इसमें जीवन से जुड़े हर सवाल का जवाब मिल जाता है। गीता में कई ऐसे रहस्य छिपे है जो आपके जीवन के बड़े-बड़े समस्याओं का समाधान कर देती है। गीता में सफलता से जुड़े कई रहस्य भी छिपे है, जिन पर अमल करने से जीवन में आपको कभी हार नहीं मिलती है।
गीता में 3 ऐसी स्थितियां बताई गई है , जहां इंसान संयम और क्षमा भाव से अपमान सह लेते, तो वह भविष्य में सफलता की सीढ़ी अवश्य चढ़ता है। गीता में श्रीकृष्ण ने कहा है कि इन तीन परिस्थितियों में अपमान सहना आपको एक बेहतर इंसान बनाता है। जानें वो कौन-कौन सी परिस्थितियां है, तो चलिए जानते हैं..

माता-पिता द्वारा किया गया अपमा
कई बार माता-पिता गुस्से में आकर हमारा हमें ऐसी कठोर बाते सुना देते हैं, जो हमें लज्जित महसूस कराता है। भगवद गीता के अनुसार संतान को माता-पिता द्वारा किया गया अपमान आसानी से सहन करना चाहिए, क्योंकि यह अपमान कभी भी आपके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने के लिए नहीं होता बल्कि यह आपको गंभीर परिस्थितियों से लड़ना सिखाते हैं। कई संतान माता-पिता के अपमान को दिल से ले लेते हैं और उन पर गुस्सा हो जाते हैं, लेकिन ऐसा करना गलत है।
शिक्षक से मिला का अपमान
कई बार शिक्षक या गुरु आपको सुधारने के लिए गुस्सा हो जाते हैं और आपका अपमान कर देते हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि, 'माता-पिता या गुरु के कड़वे शब्द जीवन की सच्चाई और कठिन परिस्थिति का अहसास कराते हैं। जीवन को दिशा देने और भविष्य को आकार देने में इन दोनों का बहुत बड़ा योगदान है इसलिए कभी भी अपनी वाणी को अपमान के रूप में नहीं लेना चाहिए, बल्कि उसमें स्नेह ढूंढने का प्रयास करना चाहिए।
भगवान से मिला का अपमान
भगवद गीता के अनुसार अगर कोई मंदिर में आपका अपमान कर दें तो उस स्थिति में शांत रहे। कई बार भगवान आपके धैर्य की परीक्षा अलग-अलग परिस्थितियों के रुप लेता है। जो आपका अपमान करता है वह मंदिर में आने का उद्देश्य नहीं समझता है और मंदिर की शांति को अपने जीवन में स्थान नहीं दे सकता है, लेकिन आपको इस पवित्र स्थान का सम्मान करना चाहिए।। भगवद्गीता के अनुसार, देव स्थानों पर अपमान सहने वाले और वाद-विवाद न करने वाले को देव ऊर्जा प्राप्त होती है।



Click it and Unblock the Notifications
