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Navratri 2023 Kanya Puja: जानें अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त, साथ ही जानें इससे जुड़े नियम
नौ दिवसीय मां दुर्गा का भक्तिमय नवरात्रि पर्व अब अपने अंतिम चरण में है। नवरात्रों की अष्टमी और नवमी तिथि के दिन मां दुर्गा की सेवा में भक्तजन छोटी कन्याओं को पूजते हैं और उनको प्रसाद खिलाते हैं।
मां को हलवा, पूरी, सब्जी व काले चने का भोग लगाया जाता है, फिर उसी प्रसाद को कन्याओं को परोसा जाता है। 11-12 साल तक की 9 कन्याओं को घर बुलाकर उनका आदर किया जाता है, उनको प्रसाद खिलाया जाता है और तोहफे देकर उनको ख़ुशी ख़ुशी विदा किया जाता है।

बच्चियां मां का रूप मानी जाती हैं, इसलिए कन्या पूजन और भोज से मां दुर्गा भी प्रसन्न होती हैं। जानते हैं चैत्र नवरात्रि 2023 में अष्टमी और नवमी में कन्या पूजन का मुहूर्त, विधि एवं ख़ास नियम -
महाष्टमी 2023 के दिन कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त
अष्टमी के शोभन योग का प्रारम्भ 28 मार्च को रात 11:36 बजे से शुरू होगा जो 29 मार्च को दोपहर 12:13 बजे तक रहेगा। अष्टमी के दिन दोपहर के 12:13 बजे तक कभी भी कन्या पूजन किया जा सकता है।
साथ ही अष्टमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:42 बजे से 05:29 बजे तक रहेगा। इस मुहूर्त में स्नान करके बीज मंत्र का जाप करें - ॐ ऐं हीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।।

नवमी 2023 के दिन कन्या पूजन का मुहूर्त
नवमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह सुबह 04:41 बजे से 05:28 बजे तक रहेगा। इसके बाद सुबह 06:12 बजे से सर्वार्थ सिद्धि योग शुरू होगा जो नवमी के पूरे दिनभर रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग में सभी कार्य सफ़ल होते हैं। इसके साथ ही नवमी के दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह के 11:45 बजे से दोपहर के 12:30 बजे तक रहेगा।

कन्या पूजन विधि
अष्टमी या नवमी के दिन, मां दुर्गा की अराधना करें। इसके बाद 9 कन्याओं को घर में आमंत्रित करें। कन्याओं का आदर सत्कार के साथ स्वागत करें और उनके चरणों को धोएं। इसके बाद साफ़ आसन बिछाकर उनको बैठाएं। कन्याओं के माथे पर तिलक लगायें, और मां दुर्गा का स्मरण करते हुए सभी कन्याओं की आरती करें। इसके बाद उन्हें हलवा, पूरी और चने का प्रसाद दें। अपनी क्षमतानुसार उनको तोहफे दें और पैर छुएं। इसके बाद प्रेमपूर्वक उनको धन्यवाद दें और विदा करें।

कन्या पूजन के दिन इन बातों का रखें ख्याल
इस पूरे दिन शालीन और धैर्य पूर्वक व्यवहार का पालन करें। कन्याओं से शालीनता और स्नेहपूर्वक बात करें। गलती से भी उनपर गुस्सा ना करें।
कन्या पूजन के लिए गलती से भी बासी भोजन का इस्तेमाल ना करें। ताज़ा बना भोजन ही मां दुर्गा को भोग में लगायें, और कन्याओं को परोसें।
कन्या पूजन के दिन घर को स्वच्छ रखें। कन्याओं के रूप में मां स्वयं घर में प्रवेश करती हैं, इसलिए उनके स्वागत में घर साफ़ सुथरा होना चाहिए।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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