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Chanakya Niti: ऐसे व्यक्ति का मृत्यु है निकट! इस परिस्थिति से तो नहीं गुजर रहे हैं आप
चाणक्य ने जीवन के हर पहलु से सम्बंधित समस्याओं के लिए सुझाव दिए हैं। राजनितिक, आर्थिक और सामाजिक सभी मुद्दों और समस्याओं को लेकर संकट से उबरने के तरिके बताये हैं। ये नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं और ऐसा कहा जाता है कि जो चाणक्य नीति का अपने जीवन में अनुसरण करता है उसका जीवन आसान हो जाता है।
चाणक्य बताते हैं कि कुछ परिस्थितियां ऐसी हैं जो अगर आपके जीवन में आ जाये तो समझिये वो समय मृत्यु के सामान है। ऐसी क्या परिस्थितियां हैं? आइये जानते हैं।

चाणक्य ने अपनी नीतियों को संस्कृत के श्लोकों के माध्यम से दुनिया को बताया है। उनकी पुस्तक अर्थशास्त्र का एक महत्वपूर्ण श्लोक है:
दुष्टा भार्या शठं मित्रं भृत्यश्चोत्तरदायकः।
ससर्पे गृहे वासो मृत्युरेव न संशयः॥
इस श्लोक का भावार्थ है :
दुष्ट पत्नी, शठ मित्र, तर्क देने वाला सेवक तथा सांप वाले घर में रहना, ये सभी मृत्यु के कारण हैं और इसमें सन्देह नहीं करना चाहिए।
आइये इस श्लोक का मतलब विस्तार से समझते हैं। चाणक्य कहते हैं कि जिसकी पत्नी दुष्ट हो उसका जीवन मृत्यु के समान है। पत्नी जीवनसंगिनी होती है, सुख दुःख की साथी होती है लेकिन अगर यही पत्नी आपसे ईमानदारी ना बरते, इधर की बात उधर करे, घर में क्लेश और झगडा करे, अपने दायित्वों का निर्वहन ना करे तो पति बीमार हो जाता है और जल्द ही उसकी मृत्यु हो जाती है।
धोखेबाज मित्र मुंह पर चिकनी चुपड़ी बातें करते हैं, आपके राज जान जाते हैं और फिर दूसरों को जाकर आपकी कमजोरी बता देते हैं। ऐसे में आप जीवन में तरक्की नहीं कर सकते हैं।
नौकर का काम आज्ञा का पालन करना है। अगर नौकर आपके हर आदेश पर तर्क वितर्क करने लगे और आपके कहे अनुसार काम ना करके वो अपने सूझ बुझ से चलने लगे तो मानसिक क्लेश होता है और तनाव में आप बीमार पड़ सकते हैं।
इन सबके अलावा चाणक्य ये भी कहते हैं कि जिस घर में सांप का वास हो जाये यानी सांप आपके घर में रहने लग जाए तो ये भी एक संकेत है कि आपकी मृत्यु निकट है।
ऊपर बताई गयी बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। तनाव देकर मृत्यु के निकट पहुंचा देने वाली इन परिस्थितियों से दूर रहना चाहिए।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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