Latest Updates
-
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले -
Gangaur Ke Geet: 'आ टीकी बहू गोराँ ने सोवै'...इन मधुर गीतों के बिना अधूरी है गौरा पूजा, यहां पढ़ें पूरे लिरिक्स -
प्रेगनेंसी के शुरुआती 3 महीनों में भूलकर भी न खाएं ये 5 चीजें, वरना बच्चे की सेहत पर पड़ेगा बुरा असर -
Viral Video: टीम इंडिया की T20 वर्ल्ड कप जीत पर पाकिस्तान में जश्न, काटा केक और गाया 'जन-गण-मन' -
कौन हैं Mahieka Sharma? जिसके प्यार में 'क्लीन बोल्ड' हुए Hardik Pandya, देखें वायरल वीडियो -
कौन हैं Aditi Hundia? T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद Ishan Kishan के साथ डांस Video Viral -
काले और फटे होंठों से हैं परेशान? तो पिंक लिप्स पाने के लिए आजमाएं ये घरेलू नुस्खे -
Chaitra Navratri 2026: 8 या 9 दिन जानें इस बार कितने दिन के होंगे नवरात्र? क्या है माता की सवारी और इसका फल -
Gangaur Vrat 2026: 20 या 21 मार्च, किस दिन रखा जाएगा गणगौर व्रत? नोट करें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त -
घर में लाल चीटियों का दिखना शुभ है या अशुभ? जानें शकुन शास्त्र के ये 5 बड़े संकेत
Chanakya Niti: क्या आप जानते हैं इंसान और जानवरों में होती है ये 4 समानताएं और ये 1 बड़ा अंतर
आचार्य चाणक्य न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में बहुत प्रसिद्ध हैं। ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने चाणक्य के सिद्धांतों का पालन करके जीवन में बड़ी ऊंचाइयां हासिल की हैं। आचार्य चाणक्य ने जीवन में सफलता के लिए कई नियम भी बताएं।
चाणक्य के अनुसार इंसान और जानवरों में कई समानताएं होती हैं। चाणक्य ने चाणक्य नीति में कहा है कि इंसान और जानवर में 4 समान गुण होते हैं और एक गुण ऐसा भी है जो इंसान को जानवर से अलग करता है।

यदि यह एक गुण न होता तो मनुष्य को पशु ही माना जाता। 17वें अध्याय के 17वें श्लोक में चाणक्य ने इसका उल्लेख किया है। चाणक्य के अनुसार मनुष्य को कभी भी वह एक गुण नहीं खोना चाहिए, नहीं तो जीवन बर्बाद हो जाएगा और उसमें और जानवर में कोई अंतर नहीं रह जाएगा -
भूख
चाणक्य के अनुसार मनुष्य और जानवर दोनों का प्राथमिक सामान्य लक्षण भूख है। सभी मनुष्य और जानवर अपना पेट भरने को महत्व और प्राथमिकता देते हैं। इसके बिना दोनों का रहना नामुमकिन है।
नींद
इंसानों के लिए जितनी जरूरी नींद है, उतनी ही जानवरों को भी हर दिन नींद की जरूरत होती है। इंसानों को अच्छी नींद ही उन्हें ऊर्जावान बनाए रखती है। इसके अलावा लक्ष्य प्राप्ति में आने वाली बाधाओं जैसे कमजोरी और आलस्य को दूर करने के लिए भी नींद जरूरी है।
वासना
किसी भी जीवित प्राणी के लिए अपनी अगली संतान पैदा करने की चाहत स्वाभाविक है। इंसान और जानवर भी इसके अपवाद नहीं हैं। सृष्टि की प्रगति के लिए पशुओं के लिए संभोग उतना ही आवश्यक है जितना मनुष्यों के लिए है। यह भावना इंसानों और जानवरों दोनों में आम है।
डर
इंसानों और जानवरों दोनों में डर स्वाभाविक होता है। डर एक मनोवैज्ञानिक विकार है। इंसानों को कई तरह के डर परेशान करते हैं, वैसे ही जानवरों में अपनी सुरक्षा के लिए डर लगना स्वाभाविक है।
एक ऐसा गुण जो सिर्फ इंसानों में ही होता है:
ज्ञान और तर्क वह गुण है जो मनुष्य को जानवरों से अलग करता है। बुद्धि मनुष्य का सर्वोत्तम एवं अद्वितीय गुण है। इसके आधार पर लोग धन और ईश्वर का अनुसरण कर सकते हैं।
जीवन में सफलता बुद्धि के बल से ही प्राप्त की जा सकती है। चाणक्य कहते हैं कि ज्ञान के बिना मनुष्य पशु के समान होते हैं। अर्थात जो ज्ञान नहीं बढ़ाता या ज्ञान का प्रयोग नहीं करता है, वह पशु के समान है। चाणक्य कहते हैं कि ज्ञान जहां से भी उपलब्ध हो वहीं से प्राप्त करना चाहिए। उनका मानना था कि ज्ञान की मदद से जीवन की सभी कठिनाइयों को दूर किया जा सकता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











