Latest Updates
-
Electricity Price Hike: यूपी की जनता को झटका! 10% बढ़ा फ्यूल सरचार्ज, जानें कम बिल लाने के 5 अचूक उपाय -
Guru Gochar 2026: 2 जून को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे देवगुरु बृहस्पति, ये 4 राशियां होने वाली हैं अमीर -
क्या होता है वेपर हीट ट्रीटमेट? वो टेक्नोलॉजी जिसके टेस्ट में फेल होने पर जापान ने बैन किए भारतीय आम -
Healthy Iron Rich Aloo Palak Recipe: लंच के लिए बनाएं आयरन से भरपूर स्वादिष्ट सब्जी -
दिल्ली में फिर फटा AC: रिकॉर्ड तोड़ गर्मी नहीं, ये 4 बड़ी गलतियां एयर कंडीशनर को बना रही हैं ‘बम'! -
नीम करौली बाबा के 3 गुप्त नियम बदल सकते हैं आपकी किस्मत, आज ही जान लें सफल जीवन का रहस्य! -
UP Village Style Besan Cheela Recipe: घर पर बनाएं गांव जैसा पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता -
Hindi Journalism Day 2026 Wishes: हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर सभी पत्रकार दोस्तों को ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 30 May 2026: शनिवार को इन राशियों की चमकेगी किस्मत, शनिदेव की कृपा से होगा धन लाभ -
Restaurant Style Kadai Sabzi Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसी चटपटी और मसालेदार सब्जी
Chanakya Niti: जीवन में कोई भी लक्ष्य नहीं लगेगा मुश्किल, बस मान लें चाणक्य की ये 3 बातें
Chanakya Niti:आचार्य चाणक्य ने जीवन को आसान लेकिन सफ़ल बनाने के सम्बन्ध में कई नीतियां व सुझाव दियें। वे बताते हैं कि अपने लक्ष्यों को किस प्रकार सुनिश्चित करना चाहिए और उन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए क्या कदम उठाये जाने चाहिए।
आचार्य चाणक्य ने अपने नीति ग्रन्थ में लिखा कि मनुष्य के जीवन का आधार उसके लक्ष्य ही होने चाहिए। बिना निर्धारित लक्ष्यों के जीवन अर्थहीन होता है।

आज के युग में भी व्यक्ति के करियर सम्बन्धी, धन संचय सम्बन्धी, शिक्षा व परिवार से सम्बन्धी कई लक्ष्य होते हैं। जानते हैं इन लक्ष्यों को समय रहते सफलतापूर्वक पूरा करने के सम्बन्ध में आचार्य चाणक्य ने क्या सुझाव दिए -
मनसा चिन्तितं कार्यं वचसा न प्रकाशयेत् ।
मंत्रेण रक्षयेद् गूढं कार्य्यं चापि नियोजयेत् ।।
आचार्य चाणक्य इस श्लोक में लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए उपयुक्त रणनीति बताते हैं। उनके अनुसार अपने लक्ष्यों के बारे में सोची गई बातों को मन में ही रखना चाहिए। ऐसी बातों, अपनी रणनीतियों अपने प्लान्स को किसी दूसरे के सामने व्यक्त नहीं करना चाहिए।
इसके साथ ही वह कहते हैं कि लक्ष्यों की राह में शत्रु कई तरह की बाधा खड़ी करते हैं। इसलिए लक्ष्यों की योजना बनाते समय शत्रुओं से भी सावधान रहना चाहिए। इसलिए अपनी योजना की भी पूरी सुरक्षा आपके हाथों में होती है।
प्रभूतंकार्यमल्पंवातन्नरः कर्तुमिच्छति।
सर्वारंभेणतत्कार्यं सिंहादेकंप्रचक्षते॥
इस श्लोक में आचार्य चाणक्य शेर के उदाहरण से हमें लक्ष्यों के प्रति एकाग्र होना सिखाते हैं। जैसे शेर शिकार करने के समय अपने शिकार पर से नज़रें नहीं हटाता है, और अंत में हमला करके सफलता प्राप्त करता है। वैसे ही मनुष्य को भी अंत समय तक अपने लक्ष्य पर एकाग्र होकर टिके रहना चाहिए। एकाग्रता और दृढ़ निश्चय ही सफलता का राज़ हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications