Latest Updates
-
कौन हैं संजू सैमसन की पत्नी चारुलता रमेश? टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद क्रिकेटर ने लिखा भावुक पोस्ट -
रणदीप हुड्डा बने पापा, लिन लैशराम ने बेटी को दिया जन्म, इंस्टाग्राम पर शेयर की क्यूट फोटो -
Kalashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है कालाष्टमी का व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना -
मंगलवार को कर लें माचिस की तीली का ये गुप्त टोटका, बजरंगबली दूर करेंगे हर बाधा -
लंच में बनाएं उत्तर प्रदेश की चना दाल कढ़ी, उंगलिया चाटते रह जाएंगे घरवाले
Char Dham Yatra: छोटा चार धाम और बड़ा चार धाम, क्या आप जानते हैं दोनों यात्रा में अंतर
इस साल यानी की 2023 में हिन्दुओं का सबसे पवित्र तीर्थ यात्रा चार धाम यात्रा की शुरुवात 22 अप्रैल 2023 से हो रही है। ये तारीख इसलिए भी विशेष है क्योंकि इस दिन अक्षय तृतीया है। अक्षय तृतीय से जुड़ी ऐसी मान्यता है कि इस दिन किये गए शुभ कार्य के फल का क्षय नहीं होता यानी की पुण्य कम नहीं होता।
इसी दिन से महर्षि वेद व्यास ने महाभारत लिखना आरंभ किया था। इस दिन परशुराम जयंती भी है। कुल मिलाकर यह बहुत पावन दिन है और चार धाम तो वैसे भी अपना विशेष महत्व रखता है।

कहते हैं चार धाम की यात्रा करने के पश्चात मनुष्य जन्म मृत्यु के चक्र से स्वतंत्र हो जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपने देश में चार धाम श्रेणी में बांटे गए हैं? एक है छोटा चार धाम और दूसरा है बड़ा चार धाम। आइये आपको बताते हैं कि इन दोनों में अंतर क्या है।
बड़ा चार धाम
पहले जानते हैं की बड़ा चार धाम यात्रा क्या है।
पूर्व में जगन्नाथ पुरी (उड़ीसा), पश्चिम में द्वारकाधीश मंदिर (गुजरात), उत्तर में बद्रीनाथ धाम (उत्तराखंड) जबकि दक्षिण में रामेश्वरम मंदिर (तमिलनाडु) इन चारों तीर्थ स्थलों को मिला कर बड़ा चार धाम बनता है।
बड़ा चार धाम की यात्रा का क्रम ये है:
(1) जगन्नाथपुरी (2) बद्रीनाथ धाम (3) द्वारकाधीश मंदिर (4) रामेश्वरम मंदिर
जगन्नाथ पुरी मंदिर
ये द्वापर युग का मंदिर माना जाता है जो उड़ीसा में समुद्र के किनारे स्थित है। यह मंदिर भगवान श्री कृष्ण, इनके भाई बलराम और उनकी बहन सुभद्रा को समर्पित है।
द्वारकाधीश मंदिर
बड़ा चार धाम में से दूसरा स्थान द्वारकाधीश मंदिर का है जो गुजरात में स्थित है और यह मंदिर भी भगवान कृष्ण को समर्पित है। इस मंदिर के बहुत सारे द्वार हैं इसलिए इसे द्वारिका नाम भी दिया गया है।
बदरीनाथ धाम
यह मंदिर उत्तराखंड में अलकनंदा नदी के किनारे स्थित है। ऐसा माना जाता है कि बद्रीनाथ धाम की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य ने की थी। सालों भर बर्फ से घिरे रहने के बावजूद इस मंदिर में एक कुंड है जिसमें से गर्म पानी निकलता रहता है।
रामेश्वरम मंदिर
यह धाम दक्षिण भारत के तमिलनाडु में स्थित है। चार धामों में यह अंतिम धाम है और यह भगवन शिव को समर्पित है। यहां का शिवलिंग बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। ऐसी मान्यता है कि इस शिवलिंग की स्थापना रामायण काल में भगवान् श्री राम ने की थी।
छोटा चार धाम
छोटा चार धाम उत्तराखंड में स्थित हैं। इस तीर्थ यात्रा के अंतर्गत आते हैं यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ तथा बद्रीधाम।
गंगोत्री
ये वो स्थान है जहां से पतित पावन गंगा निकलती है। ऐसी मान्यता है कि राजा भागीरथ अपनी तपस्या से गंगा को धरती पर लाये और हिमालय के गंगोत्री नामक स्थान से नदी का आरंभ होता है। वैसे यहां जाना बहुत कठिन है तो अधिकांश लोग ऋषिकेश में ही गंगा को प्रणाम कर यात्रा समपन्न कर लेते हैं।
यमुनोत्री
उत्तराखंड के कांवर स्थल से यमुना का उद्गम होता है जिसे यमुनोत्री कहते हैं। यह स्थान कालिंद पहाड़ पर है इसलिए इसे कालिंदी भी कहते हैं। इस स्थान पर एक कुंड है जिसमें पानी बहुत गर्म रहता है और लोग उसमें चावल पका कर खाते हैं।
केदारनाथ
यह धाम भगवान शिव को समर्पित है। यहां का शिवलिंग बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। केदार पर्वत पर स्थित होने की वजह से इसे केदारनाथ भी कहते हैं। कहते हैं इस धाम की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य ने की थी। ऐसी भी मान्यता है कि पांडवो को इसी जगह पर भगवान् शिव के दर्शन हुए थे।
बदरीनाथ धाम
यह मंदिर उत्तराखंड में अलकनंदा नदी के किनारे स्थित है। ऐसा माना जाता है कि बद्रीनाथ धाम की स्थापना अदि गुरु शंकराचार्य ने की थी। यह छोटा चार धाम में विशेष स्थान रखता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











